जिले के अन्य उद्योगों पर भी संकट - केंद्र और प्रदेश सरकार की पैकेज घोषणा के बाद गाइडलाइन का इंतजार - कोरोना के चलते लगभग 2 महीने बंद रहे हैं जिले के उद्योग माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। कोरोना के चलते जिले के उद्योगों की कमर बुरी तरह से टूट चुकी है। गाजियाबाद में यांत्रिकी उत्पादों की मैन्युफैक्चरिंग सबसे अधिक है। इसके अलावा केमिकल, ड्रग, फर्नीचर, फूड, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटो पार्ट्स, इंडस्ट्रियल केमिकल सहित तमाम इंडस्ट्री लॉकडाउन के दौरान भारी नुकसान झेल चुकी हैं। केंद्र सरकार ने एमएसएमई के लिए पैकेज दिया है लेकिन गाइडलाइन अभी न आने से प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पर रही है। गाजियाबाद में 27000 उद्योग पंजीकृत हैं। इनमें से लगभग 16 हजार इकाइयां यांत्रिकी उत्पादों की हैं। एटलस के गजियाबाद प्लांट के बंद होने के बाद अन्य उद्योग भी ऐसे ही संकट पर हाथ खड़े कर सकते हैं। खासतौर पर जिन इंडस्ट्री पर बड़ा बैंक लोन है, उनमें बंदी की संभावना ज्यादा है। इसके अलावा बाजार में फिलहाल उत्पादित की डिमांड तेजी से घटी है। मशीनरी पार्ट्स जो जिले के उद्योगों में तैयार होते हैं, उनकी डिमांड तीन से चार फीसद ही रह गयी है। एमएसएमई इकाइयों में सेवा क्षेत्र की इंडस्ट्री भी लॉकडाउन से बुरी तरह प्रभावित हैं।