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डिफेंस में छोटे उद्योगों की बढ़ेगी भागेदारी
ब्यूरो,अमर उजाला वैशाली
Updated Sun, 12 Jun 2016 12:45 AM IST
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रक्ष्रा मंत्री
- फोटो : अमर उजाला
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मेक इन इंडिया के तहत स्मॉल-मीडियम स्केल इंडस्ट्रीज की डिफेंस इक्विमेंट के निर्माण में भागेदारी बढ़ेगी। इसके प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। नई डिफेंस प्रोक्योरमेंट पॉलिसी (डीपीपी) के तहत यह संभव हो सकेगा।
डिफेंस इक्विपमेंट की खरीद में करीब 60 फीसदी आयात का है। नई पॉलिसी से देश में डिफेंस उत्पादों का निर्माण संभव होगा, जिसका फायदा स्मॉल-मीडियम स्केल इंडस्ट्रीज को सीधे तौर पर मिलेगा। इन्हीं पर नई पॉलिसी के तहत फोकस है।
एनडीए सरकार की दो वर्ष की उपलब्धियों को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए शुक्रवार देर रात आयोजित कार्यक्रम ‘विकास पर्व’ में रक्षामंत्री मनोहर परिकर ने बताया कि डिफेंस उत्पादों की खरीद में स्मॉल-मीडियम स्केल इंडस्ट्रीज की भागेदारी दो फीसदी ही है, जिसे बढ़ाकर सबसे पहले पांच फीसदी करने का लक्ष्य है।
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उसके बाद इस भागेदारी को बढ़ाकर 20 फीसदी तक किया जाएगा। डिजाइन, रिसर्च और डेवलपमेंट के साथ ही महंगे इक्विपमेंट देश में ही बनाए जा सकेंगे। डिफेंस उत्पाद बना रही विदेशी और देश की बड़ी कंपनियों के साथ गठजोड़ कर स्मॉल-मीडियम स्केल इंडस्ट्रीज भी काम कर सकेंगी।
इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ट्रांस हिंडन साहिबाबाद के महासचिव अशोक ने चौधरी ने बताया कि रक्षा मंत्रलाय का यह कदम सराहनीय है। इसे स्मॉल-मीडियम स्केल कारोबारियों के लिए नए दरवाजे खुलेंगे।
गाजियाबाद में डिफेंस के लिए बनते हैं जूते और इलेक्ट्रानिक प्रोडक्ट
गाजियाबाद में इस वक्त डिफेंस के लिए औद्योगिक क्षेत्र साइट-4 स्थित एमबी रबर्स जूते बनाती है। इनमें जंगल बूट, गम बूट और बूट काम्बैट शामिल हैं। साथ ही भारत इलेक्ट्रानिक्स लिमिटेड इलेक्ट्रानिक इक्विपमेंट बनाती है। स्मॉल-मीडियम स्केल इंडस्ट्रीज को मौका मिलने के साथ ही अन्य उद्यमी भी हिस्सा बनेेंगे। इससे डिफेंस के लिए देश में ही कपड़े, पैराशूट, ट्रांसिट व्हीकल, स्मॉल आर्म, आर्टलरी गन, जनरल स्टोर के साथ ही एयरक्राफ्ट, हेलिकॉप्टर, एयरो इंजन आदि के स्वदेशी निर्माण के भी रास्ते खुलेंगे।
सेना में जवानों की भर्ती के लिए लिखित परीक्षा पर विचार
सेना में जवानों की भर्ती के लिए लिखित परीक्षा पर विचार किया जा रहा है। फिलहाल ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के जरिए भर्तियां शुरू की जा चुकी हैं। साथ ही अधिकारियों की भर्ती के लिए शॉट सर्विस कमीशन को आकर्षक बनाने का प्रयास चल रहा है।
प्रधानमंत्री के तौर पर नरेंद्र मोदी को 10 में 9.5 अंक
रक्षामंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के तौर पर नरेंद्र मोदी के प्रदर्शन को 9.5 अंक देते हैं। चीन के संदर्भ में बोले की ताकत बढ़ानी पड़ेगी। सॉफ्ट पावर यानि डिप्लोमेसी के तहत चीन पर दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
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डिफेंस इक्विपमेंट की खरीद में करीब 60 फीसदी आयात का है। नई पॉलिसी से देश में डिफेंस उत्पादों का निर्माण संभव होगा, जिसका फायदा स्मॉल-मीडियम स्केल इंडस्ट्रीज को सीधे तौर पर मिलेगा। इन्हीं पर नई पॉलिसी के तहत फोकस है।
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एनडीए सरकार की दो वर्ष की उपलब्धियों को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए शुक्रवार देर रात आयोजित कार्यक्रम ‘विकास पर्व’ में रक्षामंत्री मनोहर परिकर ने बताया कि डिफेंस उत्पादों की खरीद में स्मॉल-मीडियम स्केल इंडस्ट्रीज की भागेदारी दो फीसदी ही है, जिसे बढ़ाकर सबसे पहले पांच फीसदी करने का लक्ष्य है।
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उसके बाद इस भागेदारी को बढ़ाकर 20 फीसदी तक किया जाएगा। डिजाइन, रिसर्च और डेवलपमेंट के साथ ही महंगे इक्विपमेंट देश में ही बनाए जा सकेंगे। डिफेंस उत्पाद बना रही विदेशी और देश की बड़ी कंपनियों के साथ गठजोड़ कर स्मॉल-मीडियम स्केल इंडस्ट्रीज भी काम कर सकेंगी।
इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ट्रांस हिंडन साहिबाबाद के महासचिव अशोक ने चौधरी ने बताया कि रक्षा मंत्रलाय का यह कदम सराहनीय है। इसे स्मॉल-मीडियम स्केल कारोबारियों के लिए नए दरवाजे खुलेंगे।
गाजियाबाद में डिफेंस के लिए बनते हैं जूते और इलेक्ट्रानिक प्रोडक्ट
गाजियाबाद में इस वक्त डिफेंस के लिए औद्योगिक क्षेत्र साइट-4 स्थित एमबी रबर्स जूते बनाती है। इनमें जंगल बूट, गम बूट और बूट काम्बैट शामिल हैं। साथ ही भारत इलेक्ट्रानिक्स लिमिटेड इलेक्ट्रानिक इक्विपमेंट बनाती है। स्मॉल-मीडियम स्केल इंडस्ट्रीज को मौका मिलने के साथ ही अन्य उद्यमी भी हिस्सा बनेेंगे। इससे डिफेंस के लिए देश में ही कपड़े, पैराशूट, ट्रांसिट व्हीकल, स्मॉल आर्म, आर्टलरी गन, जनरल स्टोर के साथ ही एयरक्राफ्ट, हेलिकॉप्टर, एयरो इंजन आदि के स्वदेशी निर्माण के भी रास्ते खुलेंगे।
सेना में जवानों की भर्ती के लिए लिखित परीक्षा पर विचार
सेना में जवानों की भर्ती के लिए लिखित परीक्षा पर विचार किया जा रहा है। फिलहाल ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के जरिए भर्तियां शुरू की जा चुकी हैं। साथ ही अधिकारियों की भर्ती के लिए शॉट सर्विस कमीशन को आकर्षक बनाने का प्रयास चल रहा है।
प्रधानमंत्री के तौर पर नरेंद्र मोदी को 10 में 9.5 अंक
रक्षामंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के तौर पर नरेंद्र मोदी के प्रदर्शन को 9.5 अंक देते हैं। चीन के संदर्भ में बोले की ताकत बढ़ानी पड़ेगी। सॉफ्ट पावर यानि डिप्लोमेसी के तहत चीन पर दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है।