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Ghaziabad News: छेड़छाड़ पीड़ित महिला के पति ने थाने में किया आत्मदाह का प्रयास
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लोनी। छेड़छाड़ की शिकार महिला के पति ने सोमवार दोपहर को लोनी बाॅर्डर थाने में पुलिसवालों के सामने ही खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। पुलिसवालों ने कंबल डालकर आग बुझाई, लेकिन इससे पहले ही वह बुरी तरह से झुलस गए। उन्हें दिल्ली के गुरु तेग बहादुर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हालत गंभीर है। उनका आरोप है कि छेड़छाड़ के मामले में पुलिस ने आरोपियों को जेल भेजने के बजाय खानापूरी की। उन्होंने यह भी कहा कि थाने का स्टाफ आरोपियों का ही पक्ष ले रहा है।
थाना क्षेत्र की एक काॅलोनी के रहने वाले 28 वर्षीय युवक ने बताया कि पड़ोसी रोबिन उनकी पत्नी से छेड़छाड़ करता है। उनके सामने ही कई बार उसने गंदे इशारे किए। पत्नी ने इसकी शिकायत रोबिन के मामा रामपाल से की। इसके बाद भी उसने छेड़छाड़ बंद नहीं की। 13 दिसंबर को जब वह दूध लेकर घर जा रहीं थीं, तब भी उसने अश्लील हरकत की। महिला ने बताया कि उन्होंने इसकी जानकारी पति को दी। पति भी रामपाल के पास पहुंचे।
आरोप है कि रामपाल ने कह दिया कि काॅलोनी छोड़कर कहीं और चले जाओ, वहां पत्नी सुरक्षित रहेगी। पति का कहना है कि रामपाल ने कुछ लोगों को बुलाकर उनकी पिटाई करवाई। पत्नी बचाव के लिए पहुंची तो उसे भी पीटा। पत्नी के हाथ की हड्डी टूट गई और गर्भपात भी हो गया। उन्होंने इसकी तहरीर थाने में दी लेकिन केस दर्ज नहीं किया गया। इस पर वे पुलिस आयुक्त से मिले। तब जाकर रिपोर्ट दर्ज की गई। महिला के पति का कहना है कि 25 दिसंबर को एफआईआर दर्ज करने के बाद पुलिस ने शांति भंग में चालान काटकर खानापूरी कर ली। आरोपी खुले घूम रहे हैं।
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मुझे न्याय चाहिए कहा और लगा ली आग
मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि महिला का पति कई दिन से चक्कर काट रहा था। पुलिस कार्रवाई का आश्वासन दे रही थी लेकिन कार्रवाई कर नहीं रही थी। सोमवार को उन्होंने थाने पहुंचकर कहा, आखिर उनकी कभी सुनवाई होगी या नहीं। पुलिसवाले फिर से जांच के बाद कार्रवाई करने का आश्वासन देने लगे। इस पर उन्होंने पेट्रोल डाला और आग लगा ली। वह पेट्रोल घर से लेकर आए थे। आग लगते ही पुलिसवाले दौड़े दौड़े गए और कंबल लेकर आए। तुरंत ही कंबल डालकर आग बुझाने का प्रयास किया गया। लेकिन, इससे पहले ही वह बुरी तरह से झुलस गए। पुलिस ने ही उन्हें अस्पताल भेजकर भर्ती कराया।
बयान दर्ज नहीं हो पाए
पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने रामपाल, रॉबिन, कार्तिक, रेखा, कुक्की और अज्ञात के खिलाफ धारा छेड़छाड़, बलवा, मारपीट और धमकी देने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी। इन धाराओं में पांच साल से कम सजा का प्रावधान होने की वजह से आरोपियों के खिलाफ शांति भंग में कार्रवाई की थी। महिला के कोर्ट में बयान दर्ज होने थे। कोर्ट बंद होने के कारण महिला के बयान दर्ज नहीं हो पाए थे। - रवि प्रकाश सिंह, एसीपी
डीसीपी ने दिए जांच के आदेश
डीसीपी ग्रामीण विवेक यादव ने बताया कि इस मामले में जांच के आदेश दे दिए गए हैं। जांच में देखा जाएगा कि किसी पुलिसकर्मी की लापरवाही रही या नहीं। जांच एसीपी अंकुर विहार को सौंपी गई है। पुलिसकर्मी के दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
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थाना क्षेत्र की एक काॅलोनी के रहने वाले 28 वर्षीय युवक ने बताया कि पड़ोसी रोबिन उनकी पत्नी से छेड़छाड़ करता है। उनके सामने ही कई बार उसने गंदे इशारे किए। पत्नी ने इसकी शिकायत रोबिन के मामा रामपाल से की। इसके बाद भी उसने छेड़छाड़ बंद नहीं की। 13 दिसंबर को जब वह दूध लेकर घर जा रहीं थीं, तब भी उसने अश्लील हरकत की। महिला ने बताया कि उन्होंने इसकी जानकारी पति को दी। पति भी रामपाल के पास पहुंचे।
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आरोप है कि रामपाल ने कह दिया कि काॅलोनी छोड़कर कहीं और चले जाओ, वहां पत्नी सुरक्षित रहेगी। पति का कहना है कि रामपाल ने कुछ लोगों को बुलाकर उनकी पिटाई करवाई। पत्नी बचाव के लिए पहुंची तो उसे भी पीटा। पत्नी के हाथ की हड्डी टूट गई और गर्भपात भी हो गया। उन्होंने इसकी तहरीर थाने में दी लेकिन केस दर्ज नहीं किया गया। इस पर वे पुलिस आयुक्त से मिले। तब जाकर रिपोर्ट दर्ज की गई। महिला के पति का कहना है कि 25 दिसंबर को एफआईआर दर्ज करने के बाद पुलिस ने शांति भंग में चालान काटकर खानापूरी कर ली। आरोपी खुले घूम रहे हैं।
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मुझे न्याय चाहिए कहा और लगा ली आग
मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि महिला का पति कई दिन से चक्कर काट रहा था। पुलिस कार्रवाई का आश्वासन दे रही थी लेकिन कार्रवाई कर नहीं रही थी। सोमवार को उन्होंने थाने पहुंचकर कहा, आखिर उनकी कभी सुनवाई होगी या नहीं। पुलिसवाले फिर से जांच के बाद कार्रवाई करने का आश्वासन देने लगे। इस पर उन्होंने पेट्रोल डाला और आग लगा ली। वह पेट्रोल घर से लेकर आए थे। आग लगते ही पुलिसवाले दौड़े दौड़े गए और कंबल लेकर आए। तुरंत ही कंबल डालकर आग बुझाने का प्रयास किया गया। लेकिन, इससे पहले ही वह बुरी तरह से झुलस गए। पुलिस ने ही उन्हें अस्पताल भेजकर भर्ती कराया।
बयान दर्ज नहीं हो पाए
पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने रामपाल, रॉबिन, कार्तिक, रेखा, कुक्की और अज्ञात के खिलाफ धारा छेड़छाड़, बलवा, मारपीट और धमकी देने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी। इन धाराओं में पांच साल से कम सजा का प्रावधान होने की वजह से आरोपियों के खिलाफ शांति भंग में कार्रवाई की थी। महिला के कोर्ट में बयान दर्ज होने थे। कोर्ट बंद होने के कारण महिला के बयान दर्ज नहीं हो पाए थे। - रवि प्रकाश सिंह, एसीपी
डीसीपी ने दिए जांच के आदेश
डीसीपी ग्रामीण विवेक यादव ने बताया कि इस मामले में जांच के आदेश दे दिए गए हैं। जांच में देखा जाएगा कि किसी पुलिसकर्मी की लापरवाही रही या नहीं। जांच एसीपी अंकुर विहार को सौंपी गई है। पुलिसकर्मी के दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।