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Ghaziabad News: अस्पताल खोलते जा रहे, डाक्टरों का इंतजाम नहीं

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 29 Aug 2024 04:34 AM IST
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Hospitals are being opened but there is no provision for doctors.
गाजियाबाद। प्रदेश सरकार शहर से लेकर देहात तक एक के बाद एक अस्पताल तो बनाए जा रही है लेकिन ये किसी काम नहीं आ रहे। आएं भी तो कैसे जब इनके लिए डाॅक्टरों का इंतजाम ही नहीं है। आलम यह है कि नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) से लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) तक सिर्फ इसलिए शुरू नहीं किए जा रहे क्योंकि डाॅक्टर नहीं मिल रहे। इन अस्पतालों की इमारतों पर 50 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।
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इतना ही नहीं। जो अस्पताल चल रहे हैं, उनमें भी गंभीर बीमारियों के मरीजों को उपचार नहीं मिल रहा क्योंकि विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती नहीं हो सकी है। इनमें जिला अस्पताल भी शामिल है। अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि चार जिला स्तरीय अस्पताल, पांच सीएचसी, 15 एडिशनल पीएचसी, 53 शहरी पीएचसी और एक ब्लाॅक स्तरीय पीएचसी पर 116 डाॅक्टरों की कमी है। इन सभी पर कुल मिलाकर डाॅक्टरों के 364 पद स्वीकृत हैं।
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जिले में सीएमओ के अधीन नियमित डॉक्टरों के 112 पद के मुकाबले 102 की ही तैनाती है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत संविदा डॉक्टरों के 144 पद हैं लेकिन तैनाती सिर्फ 118 की है। संयुक्त अस्पताल में डॉक्टरों के 42 पद स्वीकृत हैं लेकिन नियुक्ति 24 डॉक्टरों की है। एमएमजी अस्पताल में 42 पद स्वीकृत हैं, लेकिन तैनाती 27 की है। वहीं, जिला महिला अस्पताल में डॉक्टरों के 24 पद हैं लेकिन, तैनाती सिर्फ आठ की है।
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शुरू नहीं हो पा रहे अस्पताल

डूडाहेड़ा में 50 बेड का अस्पताल बनकर तैयार है लेकिन डाॅक्टर नहीं मिले हैं। इसलिए, इसे शुरू नहीं किया जा सका है। इसी तरह बम्हेटा सीएचसी पर डाॅक्टर नहीं है। लोनी में संयुक्त अस्पताल चल तो रहा लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं है। संयुक्त अस्पताल में ट्राॅमा सेंटर बना हुआ है लेकिन डाॅक्टर नहीं होने से किसी काम नहीं आ रहा। जिले में बने 83 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर भी ठीक से नहीं चल पा रहे। इन केंद्रों पर 22 डॉक्टरों की कमी है।
इन डॉक्टरों की नियुक्ति की मांग
मातृ स्वास्थ्य के तहत दो डॉक्टरों की मांग शासन से की गई है। संयुक्त अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर के लिए चार और एनसीडी विंग के लिए चार डॉक्टरों की डिमांड भेजी गई है। अर्बन हेल्थ के नोडल अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि अर्बन पीएचसी पर डॉक्टरों की नियुक्ति के लिए शासन को दोबारा से इंटरव्यू की डेट निर्धारित करने के लिए लिखा गया था। इसके अलावा अन्य डॉक्टरों के लिए भी शासन को डिमांड भेजी गई है।




सीधे साक्षात्कार से भरे जाएंगे रिक्त पद

सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन ने बताया कि अस्पतालों में खाली चल रहे डॉक्टरों के पद भरने के लिए शासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से सीधे साक्षात्कार कराया जा रहा है। जिले में डॉक्टरों के 38 पदों के लिए 21 सितंबर को एमबीबीएस डॉक्टरों के साक्षात्कार होंगे। साक्षात्कार के जरिए सीएचसी, एनसीडी, ट्रॉमा सेंटर और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों पर खाली चल रहे डॉक्टरों के पद भरे जाएंगे।
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