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Ghaziabad News: हिंडन नदी के जल का गुणवत्ता स्तर गिरा
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साहिबाबाद। प्रशासन की अनदेखी से हिंडन नदी के जल का गुणवत्ता स्तर फिर गिर गया है। जनवरी माह की रिपोर्ट में नदी डी से ई श्रेणी में पहुंच गई है जबकि नवंबर माह की रिपोर्ट नदी के जल गुणवत्ता में सुधार हुआ था। नदी में बायोलॉजिकल ऑक्सीजन डिमांड (बोओडी) और टोटल कॉलिफार्म की बढ़ी मात्रा के कारण जलीय जीवों के जीवित रहने योग्य नहीं है। वहीं, सरकारी मशीनरी एक हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की योजना बनाने के बाद भी हिंडन में गिरने वाले नौ नालों को बंद नहीं करा पाई है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड क्षेत्रीय प्रबंधक विकास मिश्रा ने बताया कि जनवरी माह की रिपोर्ट में हिंडन नदी के एकत्रित किए गए जल नमूनो की गुणवत्ता खराब पाई गई है। फिर से नदी ई श्रेणी में पहुंच गई है। डीओ, बीओडी व टोटल कॉलिफार्म की मात्रा ज्यादा प्रभावित हुई है।
पर्यावरणविद् आकाश वशिष्ठ ने बताया कि एनडब्लूएमपी परियोजना के अंतर्गत प्रदेश की नदी व जल स्रोत्र की जलगुणवत्ता रिपोर्ट सामान्य जांच के आधार पर तैयार कराई जाती है। जांच में औद्योगिक प्रवाह (इंडस्ट्रियल इंफ्लूयेंट) को नहीं जांचा जाता है। फिर भी हिंडन नदी में आदर्श बीओडी की मात्रा तीन एमजी प्रति लीटर, टोटल व फिकल कॉलिफार्म (मनुष्य व जानवरों का मल) की मात्रा 500-2500 होनी चाहिए लेकिन बीओडी छह गुना से ज्यादा है जबकि कॉलिफार्म की मात्रा तादात से काफी ज्यादा है। उन्हाेंने बताया कि जनपद गाजियाबाद में हिंडन नदी का प्रवाह क्षेत्र 55 किमी है। इसमें 12 ड्रेन्स (नाले) गिर रहे हैं। इनमें 222 औद्योगिक इकाइयों का उत्प्रवाह जाता है। इसके लिए 480 एमएलडी के आठ एसटीपी और 7.8 एमएलडी के दो एसटीपी हैं। इस नदी पर जीडीए, नगर निगम व आवास विकास परिषद की ओर कार्य किया जा रहा है। वहीं, नगर निगम की ओर से ड्रेन पर बायोरेमिडिएशन का कार्य भी किया जा रहा है।
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हिंडन की वर्तमान स्थिति
क्षेत्र डीओ बीओडी टोटल कोलीफार्म
करहेड़ा 3.50 18 2.60 लाख
रोडब्रिज 2.90 20 2.80 लाख
छिजारसी 2.50 20 3.10 लाख
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प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड क्षेत्रीय प्रबंधक विकास मिश्रा ने बताया कि जनवरी माह की रिपोर्ट में हिंडन नदी के एकत्रित किए गए जल नमूनो की गुणवत्ता खराब पाई गई है। फिर से नदी ई श्रेणी में पहुंच गई है। डीओ, बीओडी व टोटल कॉलिफार्म की मात्रा ज्यादा प्रभावित हुई है।
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पर्यावरणविद् आकाश वशिष्ठ ने बताया कि एनडब्लूएमपी परियोजना के अंतर्गत प्रदेश की नदी व जल स्रोत्र की जलगुणवत्ता रिपोर्ट सामान्य जांच के आधार पर तैयार कराई जाती है। जांच में औद्योगिक प्रवाह (इंडस्ट्रियल इंफ्लूयेंट) को नहीं जांचा जाता है। फिर भी हिंडन नदी में आदर्श बीओडी की मात्रा तीन एमजी प्रति लीटर, टोटल व फिकल कॉलिफार्म (मनुष्य व जानवरों का मल) की मात्रा 500-2500 होनी चाहिए लेकिन बीओडी छह गुना से ज्यादा है जबकि कॉलिफार्म की मात्रा तादात से काफी ज्यादा है। उन्हाेंने बताया कि जनपद गाजियाबाद में हिंडन नदी का प्रवाह क्षेत्र 55 किमी है। इसमें 12 ड्रेन्स (नाले) गिर रहे हैं। इनमें 222 औद्योगिक इकाइयों का उत्प्रवाह जाता है। इसके लिए 480 एमएलडी के आठ एसटीपी और 7.8 एमएलडी के दो एसटीपी हैं। इस नदी पर जीडीए, नगर निगम व आवास विकास परिषद की ओर कार्य किया जा रहा है। वहीं, नगर निगम की ओर से ड्रेन पर बायोरेमिडिएशन का कार्य भी किया जा रहा है।
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हिंडन की वर्तमान स्थिति
क्षेत्र डीओ बीओडी टोटल कोलीफार्म
करहेड़ा 3.50 18 2.60 लाख
रोडब्रिज 2.90 20 2.80 लाख
छिजारसी 2.50 20 3.10 लाख