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Ghaziabad News: बजट के अभाव में स्वास्थ्य सेवाएं बेपटरी, संक्रमण फैलने का खतरा
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गाजियाबाद। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं पर बजट की कमी भारी पड़ने लगी है। बायोमेडिकल वेस्ट की सफाई के लिए बजट नहीं होने से संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है। वहीं, शासन से धनराशि जारी नहीं होने के कारण स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाएं भी प्रभावित हो रही हैं। करीब 40 स्वास्थ्य केंद्रों का दो माह से किराया बकाया है। डॉक्टरों और अन्य कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिल रहा है। एएनएम को भत्ते का इंतजार है। कई नगरीय स्वास्थ्य भवन स्वामियों ने भवन खाली कराने का नोटिस भी दे दिया है, क्योंकि विभाग ने कई महीने से किराया नहीं दिया है।
जिले में बजट की कमी का असर स्वास्थ्य केंद्रों के संचालन पर भी दिख रहा है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत संचालित करीब 40 स्वास्थ्य केंद्रों का किराया जमा नहीं हुआ है। एक केंद्र का मासिक किराया 15 हजार से 30 हजार रुपये तक है। इसके अलावा बिजली बिल तीन से पांच हजार रुपये तक आता है। किराया नहीं मिलने के कारण मकान मालिकों को बिजली बिल अपनी जेब से भरना पड़ रहा है। बकाया भुगतान के लिए उन्हें कार्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। बजट के अभाव में एएनएम को भी भत्ते का भुगतान नहीं हो पा रहा है। बायोमेडिकल वेस्ट की सफाई के लिए धनराशि नहीं होने से संक्रमण नियंत्रण की व्यवस्था को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।
सीएमओ डॉ. सचिन चंद वैश्य ने बताया कि शासन स्तर से जल्द बजट जारी होने की उम्मीद है। बजट मिलते ही स्वास्थ्य केंद्रों का बकाया किराया और अन्य भत्तों का भुगतान कराया जाएगा। उनका कहना है कि स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों को उपचार देने में कोई समस्या नहीं आ रही है।
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जिले में बजट की कमी का असर स्वास्थ्य केंद्रों के संचालन पर भी दिख रहा है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत संचालित करीब 40 स्वास्थ्य केंद्रों का किराया जमा नहीं हुआ है। एक केंद्र का मासिक किराया 15 हजार से 30 हजार रुपये तक है। इसके अलावा बिजली बिल तीन से पांच हजार रुपये तक आता है। किराया नहीं मिलने के कारण मकान मालिकों को बिजली बिल अपनी जेब से भरना पड़ रहा है। बकाया भुगतान के लिए उन्हें कार्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। बजट के अभाव में एएनएम को भी भत्ते का भुगतान नहीं हो पा रहा है। बायोमेडिकल वेस्ट की सफाई के लिए धनराशि नहीं होने से संक्रमण नियंत्रण की व्यवस्था को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।
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सीएमओ डॉ. सचिन चंद वैश्य ने बताया कि शासन स्तर से जल्द बजट जारी होने की उम्मीद है। बजट मिलते ही स्वास्थ्य केंद्रों का बकाया किराया और अन्य भत्तों का भुगतान कराया जाएगा। उनका कहना है कि स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों को उपचार देने में कोई समस्या नहीं आ रही है।
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