फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   Headmistress went on leave, BSA suspended her

Ghaziabad News: छुट्टी पर गईं प्रधानाध्यापिका, बीएसए ने किया निलंबित

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 22 Sep 2023 12:40 AM IST
विज्ञापन
Headmistress went on leave, BSA suspended her
लोनी। प्रेमनगर के प्राथमिक विद्यालय में मिड-डे मील का दूध पीने से 25 बच्चों के बीमार पड़ जाने के अगले दिन बृहस्पतिवार को सुबह दस बजे बेसिक शिक्षा अधिकारी ओपी यादव जांच के लिए पहुंचे तो प्रधानाध्यापिका ऊषा यादव नहीं मिलीं। जानकारी करने पर पता चला कि वे आठ दिन के चिकित्सकीय अवकाश पर चलीं गई हैं। बीएसए ने देखा कि इसके लिए दिए गए प्रमाण पत्र अधूरे हैं। उन्हें तत्काल निलंबित कर दिया गया। बच्चों के बीमार पड़ने के लिए भी उन्हें जिम्मेदार माना गया है।
विज्ञापन

इस मामले में प्राथमिक जांच में पाया गया है कि दूध जरूरत से कम मंगाया गया था। स्कूल में 315 बच्चे उपस्थित थे। एक बच्चे को 150 मिली लीटर दूध दिया जाता है। इस हिसाब से 47 लीटर 250 मिली लीटर दूध होना चाहिए था। जबकि, ऊषा रानी ने बताया था कि वह 20 लीटर दूध लेकर आई थीं। स्कूल की पूर्व रसोइया सन्नो ने बुधवार को ही बताया था कि ऊषा रानी सिर्फ छह लीटर दूध मंगाती हैं। बाकी पानी मिलाया जाता है।
विज्ञापन

बृहस्पतिवार को कई बच्चों के अभिभावक स्कूल में अपने बयान दर्ज कराने के लिए पहुंचे। उन्होंने बीएसए से कहा कि दूध मंगाया ही नहीं जाता है। मिल्क पाउडर में पानी घोलकर दिया जाता है। आशंका है कि दूषित पानी में मिल्क पाउडर घोल दिया हो। इसी वजह से बच्चों की तबीयत बिगड़ी हो। बीएसए ने बताया कि स्कूल में साफ-सफाई की व्यवस्था भी ठीक नहीं मिली है। जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे नजर आए। प्रधानाध्यापक का चार्ज एक अध्यापक को दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन




मिड-डे मील प्रधानाध्यापिका की जिम्मेदारी

बीएसए ने बताया कि इस मामले में जांच की गई है। मिड-डे मील के खाने की पूरी जिम्मेदारी प्रधानाध्यापिका की होती है। दूध पीने से बच्चों के बीमार होने, आसपास के लोगों से मिड-डे मील के खाने की गुणवत्ता खराब होने की शिकायत मिलने और काम में लापरवाही बरतने के लिए प्रधानाध्यापिका ऊषा रानी को निलंबित कर दिया गया है। उनका अवकाश स्वीकृत नहीं किया गया है।



514 में से 76 बच्चे ही आए
नहीं बना मिड-डे मील
मिड-डे मील के दूध पीने से बच्चों के बीमार पड़ जाने से अभिभावकों में डर है। ज्यादातर ने बृहस्पतिवार को अपने बच्चों को स्कूल ही नहीं भेजा। 514 बच्चों में मात्र 76 ही स्कूल में पहुंचे। इस घटना का डर स्टाफ में भी साफ देखा जा सकता है। बृहस्पतिवार को मिड-डे मील बनाया ही नहीं गया। कुल 25 बच्चे बीमार पड़े थे। तीन की हालत गंभीर थी। उन्हें जिला एमएमजी अस्पताल भेजा गया था।


संयुक्त अस्पताल से डिस्चार्ज हुए स्कूल के तीनों बच्चे

गाजियाबाद। लोनी के प्राथमिक विद्यालय में दूध पीने से बीमार होने के बाद संयुक्त अस्पताल में भर्ती तीनों बच्चों की हालत में सुधार होने के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया। 22 छात्रों को बुधवार को ही उनके स्वास्थ्य में सुधार होने पर लोनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से छुट्टी दे दी गई थी। सीएचसी प्रभारी डॉ. जीपी मथूरिया ने बताया कि प्रथम दृष्टया बच्चे फूड प्वाइजनिंग के शिकार हुए हैं। ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed