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रामपुर में रास्ते की जमीन पर बने 50 मकान होंगे ध्वस्त
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रामपुर में रास्ते की जमीन पर बने 50 मकान होंगे ध्वस्त
हापुड़। रामपुर गांव में मुख्य रास्ते के दोनों ओर वर्षों से बने करीब 50 मकान तोड़े जा सकते हैं। हाईकोर्ट में जनहित याचिका के बाद एसडीएम ने बुधवार को चार लोगों की टीम बनाकर गांव में पैमाइश कराई। पहले चरण में 21 ऐसे मकानों पर निशान लगाए गए हैं जो रास्ते की जमीन पर बने हैं। बृहस्पतिवार को भी पैमाइश होगी।
रामपुर निवासी जयभगवान शर्मा ने हाईकोर्ट में पीआईएल दायर की थी, जिसमें कहा गया था कि गांव के मुख्य रास्ते की चौड़ाई सरकारी रिकॉर्ड में 23 से लेकर 40 फिट तक है। रास्ते की जमीन पर कब्जा कर 50 से अधिक मकान बना दिए गए हैं और मार्ग काफी संकरा हो गया है और लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसलिए सरकारी रास्ते की भूमि को कब्जामुक्त कराया जाए।
पीआईएल के आधार पर हाईकोर्ट ने जिला प्रशासन से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी थी। जिसके लिए एसडीएम सत्यप्रकाश ने चार सदस्यीय टीम का गठन पैमाइश के लिए किया था। बुधवार को टीम गांव पहुंची तो टीम ने दोपहर बाद तक पैमाइश करते हुए 21 मकानों पर निशान लगाए हैं। इन मकानों को रास्ते की सरकारी भूमि पर बनाया गया है। अगले एक दो दिन और पैमाइश की जा सकता है।
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हाईकोर्ट भेजेंगे रिपोर्ट
हाईकोर्ट के आदेश पर गांव में टीम भेजकर कराई गई पैमाइश के बाद सरकारी रास्ते पर कब्जा मिला है। इसकी रिपोर्ट बनाकर हाईकोर्ट को भेजी जाएगी। हाईकोर्ट के आगामी आदेशों के बाद आगे की कार्रवाई होगी।-सत्यप्रकाश, एसडीएम सदर।
ध्वस्तीकरण की आहट से दहशत
सड़क की भूमि पर कब्जा कर बनाए गए मकानोें के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के डर से ग्रामीणों मेें भय है। हालांकि ग्रामीणों ने अभी विरोध अभी नहीं किया है।
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हापुड़। रामपुर गांव में मुख्य रास्ते के दोनों ओर वर्षों से बने करीब 50 मकान तोड़े जा सकते हैं। हाईकोर्ट में जनहित याचिका के बाद एसडीएम ने बुधवार को चार लोगों की टीम बनाकर गांव में पैमाइश कराई। पहले चरण में 21 ऐसे मकानों पर निशान लगाए गए हैं जो रास्ते की जमीन पर बने हैं। बृहस्पतिवार को भी पैमाइश होगी।
रामपुर निवासी जयभगवान शर्मा ने हाईकोर्ट में पीआईएल दायर की थी, जिसमें कहा गया था कि गांव के मुख्य रास्ते की चौड़ाई सरकारी रिकॉर्ड में 23 से लेकर 40 फिट तक है। रास्ते की जमीन पर कब्जा कर 50 से अधिक मकान बना दिए गए हैं और मार्ग काफी संकरा हो गया है और लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसलिए सरकारी रास्ते की भूमि को कब्जामुक्त कराया जाए।
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पीआईएल के आधार पर हाईकोर्ट ने जिला प्रशासन से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी थी। जिसके लिए एसडीएम सत्यप्रकाश ने चार सदस्यीय टीम का गठन पैमाइश के लिए किया था। बुधवार को टीम गांव पहुंची तो टीम ने दोपहर बाद तक पैमाइश करते हुए 21 मकानों पर निशान लगाए हैं। इन मकानों को रास्ते की सरकारी भूमि पर बनाया गया है। अगले एक दो दिन और पैमाइश की जा सकता है।
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हाईकोर्ट भेजेंगे रिपोर्ट
हाईकोर्ट के आदेश पर गांव में टीम भेजकर कराई गई पैमाइश के बाद सरकारी रास्ते पर कब्जा मिला है। इसकी रिपोर्ट बनाकर हाईकोर्ट को भेजी जाएगी। हाईकोर्ट के आगामी आदेशों के बाद आगे की कार्रवाई होगी।-सत्यप्रकाश, एसडीएम सदर।
ध्वस्तीकरण की आहट से दहशत
सड़क की भूमि पर कब्जा कर बनाए गए मकानोें के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के डर से ग्रामीणों मेें भय है। हालांकि ग्रामीणों ने अभी विरोध अभी नहीं किया है।