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तीन कृषि कानून रद्द हों, फसलों का मिले सही दाम : केसी त्यागी

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 06 Sep 2021 12:18 AM IST
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प्रेस वार्ता करते केसी त्यागी । - फोटो : HAPUR
तीन कृषि कानून रद्द हों, फसलों का मिले सही दाम : केसी त्यागी
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हापुड़। जनता दल यू (जेडीयू) के प्रधान महासचिव, प्रवक्ता व पूर्व सांसद केसी त्यागी ने किसानों की मुजफ्फरनगर का समर्थन करते हुए कहा कि केंद्र सरकार को तीनों कृषि कानून रद्द करने चाहिए। किसानों को उपज का लाभकारी मूल्य दिलाना चाहिए। पेट्रोल-डीजल, यूरिया, कीटनाशक और बीज के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। व फसल पैदा करने में प्रयोग होने वाली सभी मद के दाम लगातार बढ़ रहे हैं।
जद यू महासचिव केसी त्यागी रविवार को तहसील चौपला स्थित एक होटल में समर्थकों से रूबरू थे। उन्होंने कहा कि पंजाब की तर्ज पर गन्ने का दाम 50 रुपये प्रति कुंतल तक बढने चाहिए। अभी भी 10 हजार करोड़ का चीनी मिलों पर बकाया है। गन्ना मंत्री चीनी मिलों के खिलाफ आरसी जारी कर चुके हैं। गाजियाबाद व हापुड़ सहित सभी संबंधित डीएम को एक्शन लेना चाहिए। उन्होंने किसान महापंचायत के अराजनीतिक रहने और शांतिपूर्वक सम्पन्न होने पर किसानों की सराहना की। त्यागी ने किसानों से गांधीवादी तरीके से आंदोलन को चलाने की अपील की।
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उन्होंने कहा कि पिछले कुछ माह में डीजल के दामों के 25-30 रुपये बढ़ गए हैं। जिस हिसाब से खेती में लागत बढ़ी है,उस हिसाब से किसानों की आय नहीं बढ़ी है। इस अवसर पर सुरेंद्र त्यागी, मनेाज त्यागी, मुकुल त्यागी, कृपाल सिंह, मदन सैनी, हरेंद्र त्यागी, जयमंगल सिंह, डा. विपिन आदि रहे।
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सरकार और किसान करें आपस में बात
जेडीयू के प्रधान महासचिव केसी त्यागी ने सरकार और किसानों के बीच तीनों कृषि कानूनों को लेकर चले आ रहे गतिरोध को दूर करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अगर सरकार और किसान अपनी-अपनी बात पर अड़े रहेंगे तो समाधान नहीं निकलेगा।

जातिगत जनगणना के पक्ष में जद यू
केसी त्यागी ने कहा कि जेडीयू हमेशा से ही जातिगत जनगणना कराने के पक्ष में रही है। जब देश में गिद्ध, बांध व पशुओं की जनगणना हो सकती है तो देश में जातिगत जनगणना कराने में किस तरह की दिक्कतें हैं। सरकार को हर दस साल में होने वाली जनगणना में केवल एक कॉलम ही बढ़ाना है।
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