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15 हजार के लिए ढाई माह तक रखा रहा कोरोना संक्रमित का शव
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15 हजार के लिए ढाई माह तक रखा रहा कोरोना संक्रमित का शव
हापुड़। कोरोना ने बहुत से परिवारों को कभी न भूलने वाला दर्द दिया है। संक्रमण की चपेट में आकर मेरठ के एक अस्पताल में जान गंवाने वाले एक व्यक्ति का शव ढाई महीने तक रखा रहा। इलाज के दौरान इस शख्स की मौत के बाद परिजन अस्पताल में 15 हजार रुपये जमा नहीं कर पाए। तब सीएमओ हापुड़ ने शव मोर्चरी में रखवाया। पुलिस ने सर्विलांस से परिजनों को तलाश उसकी पत्नी को बुलाया। इसके बाद मृतक की पत्नी ने नीर फाउंडेशन और स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से पति का हापुड़ में ही अंतिम संस्कार किया। डेढ़ साल के मासूम ने पिता को मुखाग्नि दी।
बस्ती जिले के नाथपुर निवासी नरेश हापुड़ में कई सालों से ठेला लगाकर परिवार का गुजारा कर रहे थे। वह परिवार के साथ न्यू पन्नापुरी में रहते थे। 13 अप्रैल को नरेश के बीमार होने पर हापुड़ के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस अस्पताल ने हालत गंभीर होने की वजह से मेरठ रेफर कर दिया। नरेश की पत्नी गुडिय़ा ने बताया कि 15 अप्रैल को अचानक मेरठ के अस्पताल ने उनके पति की मौत की सूचना दी। वह मेरठ पहुंचीं, लेकिन अस्पताल ने पति का शव देने से पहले 15 हजार रुपये मांगे। गुड़िया पैसे का इंतजाम करने के लिए लौट आई। पैसे का इंतजाम नहीं हो सका तो गुड़िया ने अस्पताल में फोन किया। गुड़िया का कहना है कि अस्पताल ने फोन पर जवाब दिया कि उसके पति का अंतिम संस्कार करा दिया है। इसके बाद दो मासूम बच्चों और देवर के साथ वह बस्ती लौट गई। मेरठ के अस्पताल ने सीएमओ से संपर्क कर नरेश का शव भिजवा हापुड़ मोर्चरी भिजवा दिया। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि नरेश का जो नंबर मेरठ के अस्पताल में दर्ज था वह स्विच ऑफ आता रहा। स्वास्थ्य विभाग ने पुलिस के माध्यम से हापुड़ मेें नरेश के परिजनों की तलाश की। पुलिस को नरेश के मकान मालिक से एक नंबर मिला। इस नंबर को सर्विलांस पर लेकर परिजनों के नंबर और लोकेशन ट्रेस की गई। हापुड़ पुलिस ने बस्ती पुलिस से संपर्क कर नरेश की पत्नी गुड़िया को सूचना भिजवाई। सूचना मिलने के बाद गुड़िया दो मासूम बच्चों के साथ बृहस्पतिवार को हापुड़ पहुंची। हापुड़ में नीर फाउंडेशन और स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से पत्नी ने अंतिम संस्कार कर दिया।
मिलेगा फ्लैट और नौकरी
डीएम अनुज सिंह ने मृतक की पत्नी को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। हिंडालपुर में बन रहे पीएम आवास योजना में एक फ्लैट के अलावा निशुल्क राशन तथा बच्चों की निशुल्क पढ़ाई के अलावा स्वास्थ्य विभाग में संविदा पर नौकरी देने की घोषणा की है। डीएम ने कहा कि महिला को हर सुविधा दी जाए, किसी प्रकार की लापरवाही न हो।
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परिजनों के लिए किया ढाई महीने इंतजार
नरेश का शव मोर्चरी में इसलिए रखवाया ताकि परिजनों के हाथों शव का अंतिम संस्कार हो सके। काफी प्रयास के बाद परिजनों का पता चल सका, जिसके बाद शव का अंतिम संस्कार हुआ है।
डॉ. रेखा शर्मा, चिकित्साधिकारी
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हापुड़। कोरोना ने बहुत से परिवारों को कभी न भूलने वाला दर्द दिया है। संक्रमण की चपेट में आकर मेरठ के एक अस्पताल में जान गंवाने वाले एक व्यक्ति का शव ढाई महीने तक रखा रहा। इलाज के दौरान इस शख्स की मौत के बाद परिजन अस्पताल में 15 हजार रुपये जमा नहीं कर पाए। तब सीएमओ हापुड़ ने शव मोर्चरी में रखवाया। पुलिस ने सर्विलांस से परिजनों को तलाश उसकी पत्नी को बुलाया। इसके बाद मृतक की पत्नी ने नीर फाउंडेशन और स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से पति का हापुड़ में ही अंतिम संस्कार किया। डेढ़ साल के मासूम ने पिता को मुखाग्नि दी।
बस्ती जिले के नाथपुर निवासी नरेश हापुड़ में कई सालों से ठेला लगाकर परिवार का गुजारा कर रहे थे। वह परिवार के साथ न्यू पन्नापुरी में रहते थे। 13 अप्रैल को नरेश के बीमार होने पर हापुड़ के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस अस्पताल ने हालत गंभीर होने की वजह से मेरठ रेफर कर दिया। नरेश की पत्नी गुडिय़ा ने बताया कि 15 अप्रैल को अचानक मेरठ के अस्पताल ने उनके पति की मौत की सूचना दी। वह मेरठ पहुंचीं, लेकिन अस्पताल ने पति का शव देने से पहले 15 हजार रुपये मांगे। गुड़िया पैसे का इंतजाम करने के लिए लौट आई। पैसे का इंतजाम नहीं हो सका तो गुड़िया ने अस्पताल में फोन किया। गुड़िया का कहना है कि अस्पताल ने फोन पर जवाब दिया कि उसके पति का अंतिम संस्कार करा दिया है। इसके बाद दो मासूम बच्चों और देवर के साथ वह बस्ती लौट गई। मेरठ के अस्पताल ने सीएमओ से संपर्क कर नरेश का शव भिजवा हापुड़ मोर्चरी भिजवा दिया। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि नरेश का जो नंबर मेरठ के अस्पताल में दर्ज था वह स्विच ऑफ आता रहा। स्वास्थ्य विभाग ने पुलिस के माध्यम से हापुड़ मेें नरेश के परिजनों की तलाश की। पुलिस को नरेश के मकान मालिक से एक नंबर मिला। इस नंबर को सर्विलांस पर लेकर परिजनों के नंबर और लोकेशन ट्रेस की गई। हापुड़ पुलिस ने बस्ती पुलिस से संपर्क कर नरेश की पत्नी गुड़िया को सूचना भिजवाई। सूचना मिलने के बाद गुड़िया दो मासूम बच्चों के साथ बृहस्पतिवार को हापुड़ पहुंची। हापुड़ में नीर फाउंडेशन और स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से पत्नी ने अंतिम संस्कार कर दिया।
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मिलेगा फ्लैट और नौकरी
डीएम अनुज सिंह ने मृतक की पत्नी को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। हिंडालपुर में बन रहे पीएम आवास योजना में एक फ्लैट के अलावा निशुल्क राशन तथा बच्चों की निशुल्क पढ़ाई के अलावा स्वास्थ्य विभाग में संविदा पर नौकरी देने की घोषणा की है। डीएम ने कहा कि महिला को हर सुविधा दी जाए, किसी प्रकार की लापरवाही न हो।
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परिजनों के लिए किया ढाई महीने इंतजार
नरेश का शव मोर्चरी में इसलिए रखवाया ताकि परिजनों के हाथों शव का अंतिम संस्कार हो सके। काफी प्रयास के बाद परिजनों का पता चल सका, जिसके बाद शव का अंतिम संस्कार हुआ है।
डॉ. रेखा शर्मा, चिकित्साधिकारी