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बाल झड़ने से डिप्रेशन में आए सिविल इंजीनियर ने की आत्महत्या
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Sat, 18 Feb 2017 10:08 PM IST
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- फोटो : getty images
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बाल झड़ने से डिप्रेशन में आए सिविल इंजीनियर योगेश कुमार (27) ने ट्रेन से कटकर आत्महत्या कर ली। नोटबंदी के बाद कारोबार मंदा चलना भी इसका कारण बताया जा रहा है, हालांकि परिजन इससे इंकार कर रहे हैं।योगेश जीटी रोड पर श्याम विहार कालोनी में रहते थे। पिता लक्ष्मण सिंह कंस्ट्रक्शन ठेकेदार हैं। पिता के साथ ही वह भी काम करते थे।
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उन्होंने दिल्ली के एक कालेज से सिविल इंजीनियरिंग की थी। लक्ष्मण सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार शाम करीब साढ़े छह बजे योगेश घर से यह कहकर निकले थे कि वह पान खाने जा रहे हैं। देर रात तक नहीं लौटने पर उनकी तलाश शुरू की गई तो नासिरपुर फाटक के पास ट्रेन से कटा हुआ उनका शव मिला।
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उनकी जेब से एक सुसाइड नोट निकला, जिसमें उन्होंने आत्महत्या करने और पुलिस से परिजनों को परेशान न करे की बात लिखी है। उनके पास मिले डीएल से आसपास के लोगों ने उनकी शिनाख्त की। पुलिस ने शुक्रवार को शव का पोस्टमार्टम कराया।
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लक्ष्मण सिंह ने बताया कि उनके दो बेटियां हैं, योगेश उनका इकलौता बेटा था। कम उम्र में ही उसके बाल झड़ने लगे थे। पिछले काफी समय से वह इसका इलाज भी करा रहा था। लोग उसे इस बारे में टोकते थे, जिससे वह डिप्रेशन में आ गया था। उन्हें लगता है कि इसी वजह से उसने यह कदम उठाया है।
दूसरी तरफ, चर्चा यह भी है कि नोटबंदी के बाद से उनका कारोबार मंदा चल रहा था। इससे भी वह परेशान था, हालांकि लक्ष्मण सिंह इसे सिरे से नकारते हैं। उनका कहना है कि कारोबार की वजह से योगेश ने यह कदम नहीं उठाया है।