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Ghaziabad News: जिम, कोचिंग सेंटर और ब्यूटी पार्लर को भी लेना होगा ट्रेड लाइसेंस
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गाजियाबाद। नगर निगम क्षेत्र में संचालित जिम, ब्यूटी पार्लर, कोचिंग सेंटर और स्पा सहित 13 तरह की व्यावसायिक गतिविधियों के लिए ट्रेड लाइसेंस लेना जरूरी हो जाएगा। मंगलवार को होने वाली नगर निगम की बोर्ड बैठक में अधिकारी इस प्रस्ताव को प्रस्तुत करेंगे। अनुमोदन मिलने के बाद व्यावसायिक मदों के संबंध में बॉयलॉज तैयार कर लागू किया जाएगा। विभिन्न श्रेणियों में 2000 से लेकर 20,000 रुपये वार्षिक लाइसेंस शुल्क प्रस्तावित किया गया है। इसके अलावा इस बार सदन की बैठक में 23 प्रस्ताव रखे जाएंगे। साथ ही, कार्यकारिणी में पास हो चुके पुनरीक्षित बजट को अनुमोदन के लिए बोर्ड के समक्ष पेश किया जाएगा।
फिलहाल 39 मदों में कारोबार करने के लिए नगर निगम से ट्रेड लाइसेंस अनिवार्य हैं। इनमें होटल, लॉजिंग, रेस्तरां, शराब के ठेके, निजी अस्पताल, नर्सिंग होम, पैथोलॉजी सेंटर, फाइनेंस कंपनी, ऑटो रिक्शा और मिनी बस प्रमुख रूप से शामिल हैं। गाजियाबाद नगर की ओर से बॉयलॉज तैयार कर कुछ मदों की दरों में संशोधन कर शुल्क लेकर ट्रेड लाइसेंस जारी किए जा रहे हैं। नगर निगम की आमदनी बढ़ाने के लिए निगम की सीमा के अंतर्गत संचालित व्यावसायिक गतिविधियों की 13 श्रेणियों की पहचान की गई है, जिनके लिए ट्रेड लाइसेंस की अनिवार्यता का प्रस्ताव सदन की बैठक में रखा जाएगा।
व्यावसायिक श्रेणी प्रस्तावित दर (वार्षिक)
जिम (सामान्य) 2000
जिम (वातानुकूलित) 5000
ब्यूटी पार्लर (सामान्य) 2000
ब्यूटी पार्लटर (वातानुकूलित) 4000
कोचिंग, प्रशिक्षण संस्थान (मैट्रिक कक्षा तक छोड़कर) 2000
चार्टर्ड अकाउंटेंट कार्यालय 4000
स्पा सेंटर 3000
सामान्य जूलरी शोरूम 3000
समस्त ब्रांडेड जूलरी शोरूम 5000
समस्त ब्रांडेड कपड़ा शोरूम 4000
समस्त ब्रांडेड जूता शोरूम 4000
स्पोर्ट्स एकेडमी (क्रिकेट, टेनिस या अन्य) 10000
स्पोर्ट्स एकेडमी (संयुक्त रूप से एक से ज्यादा स्पोटर्स) 20000
43 जगह दिल्ली की तर्ज पर बनेंगे बस शेल्टर
नगर निगम क्षेत्र में जर्जर बस शेल्टरों की हालत सुधारी जाएगी। जनहित में आवश्यक समझते हुए 43 स्थानों पर बस शेल्टरों का निर्माण दिल्ली की तर्ज पर कराया जाएगा। इन शेल्टरों के जरिये सरकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार किया जा सकेगा। साथ ही, विज्ञापन के जरिये आमदनी भी बढ़ाई जाएगी। पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के तहत रेवेन्यू शेयरिंग मॉडल पर इन्हें बनाया जाएगा।
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इंदिरापुरम के हस्तांतरण पर होगी चर्चा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद इंदिरापुरम के हस्तांतरण की कवायद तेज हो गई है। इस बार नगर निगम सदन की बैठक में हस्तांतरण के मुद्दे पर चर्चा होगी। इंदिरापुरम के हस्तांतरण का मुद्दा करीब एक दशक से चल रहा है। नगर निगम बोर्ड और अधिकारी कॉलोनी में बकाया कार्याें को पूरा कराए जाने या इन कार्याें पर खर्च होने वाली रकम का भुगतान किए जाने की शर्त के साथ कॉलोनी का हस्तांतरण लेने के पक्ष में हैं। इसके लिए नगर निगम और जीडीए के अधिकारियों की ओर से कई बार संयुक्त सर्वे करके खर्च का आकलन भी किया जा चुका है। पूर्व में 300 करोड़ रुपये खर्च का अनुमान लगाया था, इसके बाद जीडीए ने कई बड़े कार्य करा दिए। इसके बाद करीब 225 करोड़ से ज्यादा का आकलन किया गया। ऐसे में सदन की बैठक में इस मामले का समाधान निकालने पर भी चर्चा होगी।
गाजियाबाद का नाम बदलने के प्रस्ताव पर होगा मंथन
गाजियाबाद का नाम बदलने की मांग उठ रही है। पहले भी कई बार जनप्रतिनिधि और जनता की तरफ से गाजियाबाद जिले का नाम बदलने के लिए शासन-प्रशासन को ज्ञापन सौंपे गए हैं। वार्ड संख्या 100 के पार्षद संजय कुमार के प्रस्ताव पर गाजियाबाद का नाम बदलकर गजनगर या हरनंदी नगर रखे जाने पर सदन में चर्चा होगी। प्रस्ताव सदन से पास होने के बाद शासन को भेजा जाएगा।
बैठक में रखे जाएंगे ये प्रमुख प्रस्ताव
- सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के बायोरेमिडिएशन के लिए आठ करोड़ रुपये अतिरिक्त धनराशि की आवश्यकता का प्रस्ताव।
- वार्ड संख्या 70 के दो पार्कों का नामकरण रामपार्क और शिवाजी पार्क करने के संबंध में प्रस्ताव।
- ग्राम सिहानी व ग्राम सद्दीक नगर में निगम की खाली जमीन पर स्पोर्ट्स सेंटर बनाने का प्रस्ताव।
- निगम की सीमा के अंतर्गत ई-रिक्शा, ई-काटर्स, ई-भार वाहनों के संचालित एवं नियंत्रण के लिए उप विधि के ड्रॉफ्ट का प्रस्ताव।
- महामाया स्टेडियम के पीछे 60 एकड़ जमीन पर बायोडायवर्सिटी पार्क के निर्माण का प्रस्ताव।
- इंटरनेट व अन्य तारों के लिए खंभों का इस्तेमाल करने के लिए निगम की अनुमति व शुल्क के प्रावधान का प्रस्ताव।
- वार्ड संख्या 49 में महाराणा प्रताप चौक के पास निगम की खाली जमीन पर महाराणा प्रताप पार्क का प्रस्ताव।
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फिलहाल 39 मदों में कारोबार करने के लिए नगर निगम से ट्रेड लाइसेंस अनिवार्य हैं। इनमें होटल, लॉजिंग, रेस्तरां, शराब के ठेके, निजी अस्पताल, नर्सिंग होम, पैथोलॉजी सेंटर, फाइनेंस कंपनी, ऑटो रिक्शा और मिनी बस प्रमुख रूप से शामिल हैं। गाजियाबाद नगर की ओर से बॉयलॉज तैयार कर कुछ मदों की दरों में संशोधन कर शुल्क लेकर ट्रेड लाइसेंस जारी किए जा रहे हैं। नगर निगम की आमदनी बढ़ाने के लिए निगम की सीमा के अंतर्गत संचालित व्यावसायिक गतिविधियों की 13 श्रेणियों की पहचान की गई है, जिनके लिए ट्रेड लाइसेंस की अनिवार्यता का प्रस्ताव सदन की बैठक में रखा जाएगा।
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व्यावसायिक श्रेणी प्रस्तावित दर (वार्षिक)
जिम (सामान्य) 2000
जिम (वातानुकूलित) 5000
ब्यूटी पार्लर (सामान्य) 2000
ब्यूटी पार्लटर (वातानुकूलित) 4000
कोचिंग, प्रशिक्षण संस्थान (मैट्रिक कक्षा तक छोड़कर) 2000
चार्टर्ड अकाउंटेंट कार्यालय 4000
स्पा सेंटर 3000
सामान्य जूलरी शोरूम 3000
समस्त ब्रांडेड जूलरी शोरूम 5000
समस्त ब्रांडेड कपड़ा शोरूम 4000
समस्त ब्रांडेड जूता शोरूम 4000
स्पोर्ट्स एकेडमी (क्रिकेट, टेनिस या अन्य) 10000
स्पोर्ट्स एकेडमी (संयुक्त रूप से एक से ज्यादा स्पोटर्स) 20000
43 जगह दिल्ली की तर्ज पर बनेंगे बस शेल्टर
नगर निगम क्षेत्र में जर्जर बस शेल्टरों की हालत सुधारी जाएगी। जनहित में आवश्यक समझते हुए 43 स्थानों पर बस शेल्टरों का निर्माण दिल्ली की तर्ज पर कराया जाएगा। इन शेल्टरों के जरिये सरकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार किया जा सकेगा। साथ ही, विज्ञापन के जरिये आमदनी भी बढ़ाई जाएगी। पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के तहत रेवेन्यू शेयरिंग मॉडल पर इन्हें बनाया जाएगा।
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इंदिरापुरम के हस्तांतरण पर होगी चर्चा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद इंदिरापुरम के हस्तांतरण की कवायद तेज हो गई है। इस बार नगर निगम सदन की बैठक में हस्तांतरण के मुद्दे पर चर्चा होगी। इंदिरापुरम के हस्तांतरण का मुद्दा करीब एक दशक से चल रहा है। नगर निगम बोर्ड और अधिकारी कॉलोनी में बकाया कार्याें को पूरा कराए जाने या इन कार्याें पर खर्च होने वाली रकम का भुगतान किए जाने की शर्त के साथ कॉलोनी का हस्तांतरण लेने के पक्ष में हैं। इसके लिए नगर निगम और जीडीए के अधिकारियों की ओर से कई बार संयुक्त सर्वे करके खर्च का आकलन भी किया जा चुका है। पूर्व में 300 करोड़ रुपये खर्च का अनुमान लगाया था, इसके बाद जीडीए ने कई बड़े कार्य करा दिए। इसके बाद करीब 225 करोड़ से ज्यादा का आकलन किया गया। ऐसे में सदन की बैठक में इस मामले का समाधान निकालने पर भी चर्चा होगी।
गाजियाबाद का नाम बदलने के प्रस्ताव पर होगा मंथन
गाजियाबाद का नाम बदलने की मांग उठ रही है। पहले भी कई बार जनप्रतिनिधि और जनता की तरफ से गाजियाबाद जिले का नाम बदलने के लिए शासन-प्रशासन को ज्ञापन सौंपे गए हैं। वार्ड संख्या 100 के पार्षद संजय कुमार के प्रस्ताव पर गाजियाबाद का नाम बदलकर गजनगर या हरनंदी नगर रखे जाने पर सदन में चर्चा होगी। प्रस्ताव सदन से पास होने के बाद शासन को भेजा जाएगा।
बैठक में रखे जाएंगे ये प्रमुख प्रस्ताव
- सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के बायोरेमिडिएशन के लिए आठ करोड़ रुपये अतिरिक्त धनराशि की आवश्यकता का प्रस्ताव।
- वार्ड संख्या 70 के दो पार्कों का नामकरण रामपार्क और शिवाजी पार्क करने के संबंध में प्रस्ताव।
- ग्राम सिहानी व ग्राम सद्दीक नगर में निगम की खाली जमीन पर स्पोर्ट्स सेंटर बनाने का प्रस्ताव।
- निगम की सीमा के अंतर्गत ई-रिक्शा, ई-काटर्स, ई-भार वाहनों के संचालित एवं नियंत्रण के लिए उप विधि के ड्रॉफ्ट का प्रस्ताव।
- महामाया स्टेडियम के पीछे 60 एकड़ जमीन पर बायोडायवर्सिटी पार्क के निर्माण का प्रस्ताव।
- इंटरनेट व अन्य तारों के लिए खंभों का इस्तेमाल करने के लिए निगम की अनुमति व शुल्क के प्रावधान का प्रस्ताव।
- वार्ड संख्या 49 में महाराणा प्रताप चौक के पास निगम की खाली जमीन पर महाराणा प्रताप पार्क का प्रस्ताव।