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एसटीपी का गंदा पानी हिंडन में डालने के मामले में बैठी जांच
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एसटीपी का गंदा पानी हिंडन में डालने के मामले में बैठी जांच
गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन में बने सीवर ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) में बगैर शोधित गंदे पानी को हिंडन नदी में डालने के मामले में जीडीए उपाध्यक्ष ने जांच बैठा दी है। जीडीए सचिव की अध्यक्षता में कमेटी जांच कर मामले में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। अगर शिकायत में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित जोन के अधिकारियों पर कार्रवाई होना तय माना जा रहा है।
पर्यावरणविद व जल बिरादरी संस्था के विक्रांत शर्मा की जनसुनवाई पोर्टल पर की गई शिकायत के बाद यह कदम उठाया गया है। जीडीए की ओर से बीते साल राजनगर एक्सटेंशन में एसटीपी शुरू किया गया था। पर्यावरणविद विक्रांत शर्मा की ओर से जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत में कहा कि एसटीपी से गंदा काले रंग का बदबूदार पानी निकल रहा है। इसे देखने से साफ पता चल रहा है कि एसटीपी नहीं चल रहा है।
एक्सटेंशन की विभिन्न सोसायटियों से निकलने वाले इस जहरीले पानी को हिंडन नदी में डालने के लिए अवैध रूप से एसटीपी की पाइपलाइन को नजदीक में खुले वर्षा जल नाले से जोड़ा गया है। यह नाला कुछ दूर जाकर हिंडन नदी में गिरता है। ऐसे में हिंडन नदी के पानी के साथ वर्षा जल को प्रदूषित व खराब करने का आरोप जीडीए पर लगाते हुए इसकी शिकायत जनसुनवाई पोर्टल के माध्यम से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से की गई है। इसके लिए संबंधित फोटो व वीडियो भी जनसुनवाई पोर्टल पर डाले गए। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जीडीए उपाध्यक्ष ने कमेटी गठित कर जांच बैठा दी है। जीडीए सचिव संतोष कुमार ने बताया कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कमेटी करेगी।
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गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन में बने सीवर ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) में बगैर शोधित गंदे पानी को हिंडन नदी में डालने के मामले में जीडीए उपाध्यक्ष ने जांच बैठा दी है। जीडीए सचिव की अध्यक्षता में कमेटी जांच कर मामले में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। अगर शिकायत में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित जोन के अधिकारियों पर कार्रवाई होना तय माना जा रहा है।
पर्यावरणविद व जल बिरादरी संस्था के विक्रांत शर्मा की जनसुनवाई पोर्टल पर की गई शिकायत के बाद यह कदम उठाया गया है। जीडीए की ओर से बीते साल राजनगर एक्सटेंशन में एसटीपी शुरू किया गया था। पर्यावरणविद विक्रांत शर्मा की ओर से जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत में कहा कि एसटीपी से गंदा काले रंग का बदबूदार पानी निकल रहा है। इसे देखने से साफ पता चल रहा है कि एसटीपी नहीं चल रहा है।
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एक्सटेंशन की विभिन्न सोसायटियों से निकलने वाले इस जहरीले पानी को हिंडन नदी में डालने के लिए अवैध रूप से एसटीपी की पाइपलाइन को नजदीक में खुले वर्षा जल नाले से जोड़ा गया है। यह नाला कुछ दूर जाकर हिंडन नदी में गिरता है। ऐसे में हिंडन नदी के पानी के साथ वर्षा जल को प्रदूषित व खराब करने का आरोप जीडीए पर लगाते हुए इसकी शिकायत जनसुनवाई पोर्टल के माध्यम से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से की गई है। इसके लिए संबंधित फोटो व वीडियो भी जनसुनवाई पोर्टल पर डाले गए। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जीडीए उपाध्यक्ष ने कमेटी गठित कर जांच बैठा दी है। जीडीए सचिव संतोष कुमार ने बताया कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कमेटी करेगी।
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