{"_id":"61fd7caee68e7953ed7958da","slug":"ghaziyabad-ghaziabad-news-gbd23366318","type":"story","status":"publish","title_hn":"छात्रा की मौत के मामले में आरोपी दोषमुक्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छात्रा की मौत के मामले में आरोपी दोषमुक्त
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
छात्रा की मौत के मामले में आरोपी दोषमुक्त
गाजियाबाद। मुरादाबाद के तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी परिसर के हास्टल में एमबीबीएस की छात्रा नीरज भड़ाना की रहस्यमयी मौत के मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया है मामले में आठों आरोपियों को बरी कर दिया गया।
छह जुलाई 2013 को मुरादाबाद स्थित तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी (टीएमयू) परिसर के हास्टल में फरीदाबाद की रहने वाली एमबीबीएस की छात्रा नीरज भड़ाना की रहस्यमय हालत में मौत हो गई थी। सात जुलाई को छात्रा के पिता राम किशोर भड़ाना की शिकायत पर मुरादाबाद के पाकबड़ा थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। परिजनों ने टीएमयू के तत्कालीन वाइस चांसलर व प्रबंधन पर साजिश के तहत हत्या करने व साक्ष्य मिटाने का आरोप लगाया था। 2013 में मामला सीबीआई को स्थानांतरित कर दिया गया। वर्ष 2015 में सीबीआई ने क्लोजर रिपोर्ट प्रस्तुत की थी।
फरवरी 2021 में सीबीआइ की विशेष अदालत ने परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर मुकदमा चलाने के आदेश देते हुए सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट को खारिज कर दिया था और सभी आरोपितों के खिलाफ समन जारी करने के आदेश दिए थे। इस फैसले के विरोध में बचाव पक्ष द्वारा गाजियाबाद स्थित सीबीआई की उच्च अदालत में अपील की गई। अपील पर सुनवाई के बाद उच्च अदालत ने निचली अदालत के आदेश निरस्त कर मामले में फिर से सुनवाई करने के आदेश दिए।
विज्ञापन
शुक्रवार को सीबीआई की निचली अदालत ने सुनवाई के बाद सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकृत किया। मामले में आरोपी बनाए गए टीएमयू के तत्कालीन वाइस चांसलर और वर्तमान में टीएमयू के ग्रुप वाइस चेयरमैन मनीष जैन, हास्टल के चीफ वार्डन विपिन जैन, गर्ल्स हास्टल की वार्डन सुषमा भदौरिया व सहायक वार्डन अमिता सिंह, नीरज भड़ाना की रूम पार्टनर वर्षा यादव, अमृत पाल कौर व कृति भारद्वाज और वीनू जैन को बरी कर दिया गया।
विज्ञापन
गाजियाबाद। मुरादाबाद के तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी परिसर के हास्टल में एमबीबीएस की छात्रा नीरज भड़ाना की रहस्यमयी मौत के मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया है मामले में आठों आरोपियों को बरी कर दिया गया।
छह जुलाई 2013 को मुरादाबाद स्थित तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी (टीएमयू) परिसर के हास्टल में फरीदाबाद की रहने वाली एमबीबीएस की छात्रा नीरज भड़ाना की रहस्यमय हालत में मौत हो गई थी। सात जुलाई को छात्रा के पिता राम किशोर भड़ाना की शिकायत पर मुरादाबाद के पाकबड़ा थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। परिजनों ने टीएमयू के तत्कालीन वाइस चांसलर व प्रबंधन पर साजिश के तहत हत्या करने व साक्ष्य मिटाने का आरोप लगाया था। 2013 में मामला सीबीआई को स्थानांतरित कर दिया गया। वर्ष 2015 में सीबीआई ने क्लोजर रिपोर्ट प्रस्तुत की थी।
विज्ञापन
फरवरी 2021 में सीबीआइ की विशेष अदालत ने परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर मुकदमा चलाने के आदेश देते हुए सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट को खारिज कर दिया था और सभी आरोपितों के खिलाफ समन जारी करने के आदेश दिए थे। इस फैसले के विरोध में बचाव पक्ष द्वारा गाजियाबाद स्थित सीबीआई की उच्च अदालत में अपील की गई। अपील पर सुनवाई के बाद उच्च अदालत ने निचली अदालत के आदेश निरस्त कर मामले में फिर से सुनवाई करने के आदेश दिए।
विज्ञापन
शुक्रवार को सीबीआई की निचली अदालत ने सुनवाई के बाद सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकृत किया। मामले में आरोपी बनाए गए टीएमयू के तत्कालीन वाइस चांसलर और वर्तमान में टीएमयू के ग्रुप वाइस चेयरमैन मनीष जैन, हास्टल के चीफ वार्डन विपिन जैन, गर्ल्स हास्टल की वार्डन सुषमा भदौरिया व सहायक वार्डन अमिता सिंह, नीरज भड़ाना की रूम पार्टनर वर्षा यादव, अमृत पाल कौर व कृति भारद्वाज और वीनू जैन को बरी कर दिया गया।