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बिल्ले, झंडे चलन से बाहर, चुनावी टोपी और गमछों की बहार

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 04 Feb 2022 12:51 AM IST
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बिल्ले, झंडे चलन से बाहर, चुनावी टोपी और गमछे की बहार
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गाजियाबाद। विधानसभा चुनाव डिजिटल अवतार में है, बिल्ले और पार्टी के झंडे नाम मात्र रह गए हैं। अब इनकी जगह पार्टी के रंग में रंगी टोपी और गमछों ने ले ली है। नेताजी के कुर्ते से लेकर जैकेट, मफलर और मास्क पर चुनावी रंग चढ़ गया है। चुनाव के लिए विशेष परिधान भी उपलब्ध हैं, जिनकी बढ़ी मांग से रेडिमेड गारमेंट का बाजार भी चढ़ गया है।
विधानसभा चुनाव में उतरे राजनीतिक दलों के नेता अपने दल के रंग और चिन्ह वाले परिधान को पसंद कर रहे हैं। झंडे लेकर चलने के बजाय अब कार्यकर्ता अपने परिधानों पर ध्यान दे रहे हैं। चुनाव आयोग की सख्ती और डिजिटल प्रचार बढ़ने से बिल्ला और झंडे तैयार करने वाले कारोबारियों का उत्पादन और मांग 50 फीसदी तक गिर गया है। कारोबारियों का कहना है कि इस बार राजनीतिक दलों से झंडों के ऑर्डर नहीं मिल रहे हैं। हर बार चुनाव में पांच से छह लाख का कारोबार केवल झंडों का ही रहता है, लेकिन जिले भर में चुनाव से झंडे गायब हैं और कारोबारियों को लगभग तीन लाख रुपये का नुकसान है।
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नेताओं को भा रहे हैं पार्टी के चिन्ह वाले जैकेट और मफलर
शादियों के सीजन के बीच रेडिमेड कुर्ता-पाजामा और जैकेट की मांग बाजारों में बढ़ गई है। चुनाव को देखते हुए बाजार में राजनीतिक दलों के चिन्ह वाली जैकेट उतारी गई हैं। इसके अलावा पार्टी के झंडेनुमा मफलर की भी बेहद मांग हैं। ऐसे ही परिधानों के साथ नेताजी का लुक भी चुनावी दिख रहा है।
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मास्क ने ले ली बिल्लों की जगह
चुनाव में प्रचार के लिए बिल्लों का प्रयोग बड़े पैमाने पर किया जाता था। कोरोना काल में अब बिल्लों की जगह मास्क ने ले ली है। चुनाव मैदान में उतरे प्रत्याशियों के लिए वोट की अपील करने वाले मास्क राजनीतिक दल तैयार करा रहे हैं।
चिन्ह प्रिटिंग वाली जैकेट - 800 रुपये
मफलर - 150 रुपये
कुर्ते - 600 से 1000 रुपये
मास्क - 10 रुपये
झंडों के 50 फीसदी ऑर्डर गिरे
झंडों और बिल्लों के कारोबारी इशु गर्ग ने बताया कि बीते विधानसभा चुनाव के मुकाबले इस बार झंडों के ऑर्डर 50 फीसदी कम हुए हैं। इनके बजाय नेताओं में पटका या पार्टी के झंडे जैसा मफलर की मांग है।

हर दल के रंग की जैकेट की मांग
रेडिमेड कारोबारी भव्या ने बताया कि चुनाव के दौरान हर दल के रंग के मुताबिक जैकेट की मांग दोगुनी मिल रही है। पार्टी के चिन्ह वाली जैकेट भी बाजार में उपलब्ध हैं। राजनीतिक दलों के नेताओं को ये काफी पसंद आ रही हैं।
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