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कर्ज का दायरा बढ़ा तो एमएसएमई को मिली ऑक्सीजन
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कर्ज का दायरा बढ़ा तो एमएसएमई सेक्टर को मिली ऑक्सीजन
गाजियाबाद। जिले में 27 हजार से अधिक उद्योग संचालित हैं। इनमें से 26 हजार सूक्ष्म, मध्यम और लघु इकाईयां हैं। हर महीने चार हजार करोड़ का राजस्व इन इकाईयों से सरकार को मिलता है। उद्यमी संगठनों ने एमएसएमई के लिए कर्ज का दायरा बढ़ाकर 31 मार्च 2023 करने और दो लाख रुपये के अतिरिक्त कर्ज की घोषणा को राहत भरा कदम बताया है।
जिले में यांत्रिकी उत्पादों को सबसे अधिक तैयार किया जाता है। 26 हजार में से लगभग 16 हजार इकाइयां लोहे के उत्पाद जैसे मशीनें, मशीनरी पार्ट्स, ऑटोमोबाइल पार्ट्स, कृषि यंत्र सहित अन्य उत्पादों को तैयार करती हैं। इन एमएसएमई इकाइयों को बजट में शामिल घोषणा से ऑक्सीजन मिलने की पूरी उम्मीद है। उद्यमी संगठनों के पदाधिकारियों का कहना है कि आवंटित कर्ज राशि से व्यापारियों को सस्ती दरों पर लोन मिलने, जिन उद्यमियों के खाते एनपीए किए गए हैं, उनकी भरपाई करने का मौका मिल सकेगा। इसके अलावा एमएसएमई का सरकारी विभागों में फंसे हुए भुगतान को दिलाने की घोषणा भी सरकार को करनी चाहिए थी। गाजियाबाद इंडस्ट्रीज फेडरेशन के पदाधिकारियों का कहना है कि कोरोना की शुरुआत के दौरान सरकार ने पैकेज जारी किया था, उसी तरह एमएसएमई को अलग से पैकेज मिलना चाहिए था। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ने कहा कि इज ऑफ डूइंग बिजनेस 2.0 लांच किया जाना स्वागत योग्य कदम है। इससे उद्योग प्रोत्साहित होंगे।
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बैंकों से सहयोग और सस्ता ब्याज जरूरी :
गाजियाबाद इंडस्ट्रीज फेडरेशन के अध्यक्ष अरूण शर्मा ने कहा कि एमएसएमई को आवंटित राशि का लाभ तब ही मिलेगा जब सस्ते ब्याज पर उद्यमियों को कर्ज दिया जाए। इसमें बैंकों का सहयोग भी जरूरी है। कोविड में मरने वाले उद्यमियाें के परिवारों को लोन रिकवरी की प्रक्रिया में इस आवंटित राशि का लाभ दिलाया जाए।
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इलेक्ट्रोनिक उत्पादों में छूट का मिलेगा लाभ :
इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नीरज सिंघल ने कहा कि इलेक्ट्रोनिक उत्पादों में आयात शुल्क पर छूट का लाभ मिलेगा। जिले में भी कई इकाइयों को भारी-भरकम आयात शुल्क देना होता है। स्टार्टअप के लिए टैक्स छूट को 31 मार्च 2023 तक बढ़ाया जाना भी अच्छा है।
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गाजियाबाद। जिले में 27 हजार से अधिक उद्योग संचालित हैं। इनमें से 26 हजार सूक्ष्म, मध्यम और लघु इकाईयां हैं। हर महीने चार हजार करोड़ का राजस्व इन इकाईयों से सरकार को मिलता है। उद्यमी संगठनों ने एमएसएमई के लिए कर्ज का दायरा बढ़ाकर 31 मार्च 2023 करने और दो लाख रुपये के अतिरिक्त कर्ज की घोषणा को राहत भरा कदम बताया है।
जिले में यांत्रिकी उत्पादों को सबसे अधिक तैयार किया जाता है। 26 हजार में से लगभग 16 हजार इकाइयां लोहे के उत्पाद जैसे मशीनें, मशीनरी पार्ट्स, ऑटोमोबाइल पार्ट्स, कृषि यंत्र सहित अन्य उत्पादों को तैयार करती हैं। इन एमएसएमई इकाइयों को बजट में शामिल घोषणा से ऑक्सीजन मिलने की पूरी उम्मीद है। उद्यमी संगठनों के पदाधिकारियों का कहना है कि आवंटित कर्ज राशि से व्यापारियों को सस्ती दरों पर लोन मिलने, जिन उद्यमियों के खाते एनपीए किए गए हैं, उनकी भरपाई करने का मौका मिल सकेगा। इसके अलावा एमएसएमई का सरकारी विभागों में फंसे हुए भुगतान को दिलाने की घोषणा भी सरकार को करनी चाहिए थी। गाजियाबाद इंडस्ट्रीज फेडरेशन के पदाधिकारियों का कहना है कि कोरोना की शुरुआत के दौरान सरकार ने पैकेज जारी किया था, उसी तरह एमएसएमई को अलग से पैकेज मिलना चाहिए था। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ने कहा कि इज ऑफ डूइंग बिजनेस 2.0 लांच किया जाना स्वागत योग्य कदम है। इससे उद्योग प्रोत्साहित होंगे।
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बैंकों से सहयोग और सस्ता ब्याज जरूरी :
गाजियाबाद इंडस्ट्रीज फेडरेशन के अध्यक्ष अरूण शर्मा ने कहा कि एमएसएमई को आवंटित राशि का लाभ तब ही मिलेगा जब सस्ते ब्याज पर उद्यमियों को कर्ज दिया जाए। इसमें बैंकों का सहयोग भी जरूरी है। कोविड में मरने वाले उद्यमियाें के परिवारों को लोन रिकवरी की प्रक्रिया में इस आवंटित राशि का लाभ दिलाया जाए।
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इलेक्ट्रोनिक उत्पादों में छूट का मिलेगा लाभ :
इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नीरज सिंघल ने कहा कि इलेक्ट्रोनिक उत्पादों में आयात शुल्क पर छूट का लाभ मिलेगा। जिले में भी कई इकाइयों को भारी-भरकम आयात शुल्क देना होता है। स्टार्टअप के लिए टैक्स छूट को 31 मार्च 2023 तक बढ़ाया जाना भी अच्छा है।