फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   ghaziyabad

डेढ़ महीने में 400 करोड़ से अधिक पहुंचा लक्ष्य तंवर का फर्जीवाड़ा

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 23 Nov 2021 01:09 AM IST
विज्ञापन
ghaziyabad
डेढ़ महीने में 400 करोड़ से अधिक पहुंचा लक्ष्य तंवर का फर्जीवाड़ा
विज्ञापन

गाजियाबाद। एसआईटी की डेढ़ महीने की जांच में लक्ष्य तंवर का लोन फर्जीवाड़ा 400 करोड़ से अधिक पहुंच चुका है। पुलिस अधिकारियों की मानें तो खुद को सुरक्षित रखने के लिए लक्ष्य ने 9 वर्षों में परिजनों, रिश्तेदारों व कर्मचारियों के नाम करीब 20 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति इकट्ठा की है। गैंगस्टर के मामले में कार्रवाई आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने आरटीओ, जीडीए, नगर निगम और जिला प्रशासन से लक्ष्य तंवर की संपत्ति का ब्योरा मांगा है। इसके बाद संपत्ति को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
कविनगर निवासी लक्ष्य तंवर अखबार बांटने का काम करता था, जबकि उसका पिता अशोक कुमार कपड़ों पर प्रेस करता था। वर्ष 2012 में वह बैंक अधिकारियों से साठगांठ कर लोन कराने के धंधे में उतरा और लोन फर्जीवाड़े में जुट गया। वर्ष 2012 में उसने अपने नाम पहली संपत्ति ली। 30 अगस्त को नगर कोतवाली पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था। एसपी सिटी निपुण अग्रवाल ने बताया कि करीब डेढ़ महीने पहले लक्ष्य तंवर पर दर्ज सभी मामलों की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई थी, जिसमें एक इंस्पेक्टर व तीन दरोगा शामिल किए थे। एसआईटी ने शुरूआत में लक्ष्य द्वारा किए गए लोन फर्जीवाड़े का ब्योरा जुटाया तो वह करीब 342 करोड़ था, जो अब 400 करोड़ को पार कर गया है।
विज्ञापन

फर्जीवाड़े की रकम से बनाई कविनगर की कोठी
एसआईटी की जांच में सामने आया कि लक्ष्य तंवर ने कविनगर स्थित कोठी फर्जीवाड़े के पैसों से बनाई थी। एसआईटी ने इस बात को अपनी लिखा पढ़ी में ला दिया है। इस संबंध में पुलिस ने कोर्ट में अपनी रिपोर्ट भी दाखिल कर दी है। पुलिस का कहना है कि संपत्ति जब्त करने के दौरान सबसे पहले कविनगर स्थित कोठी जब्त होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

----------
पुलिस से लेकर सीबीआई तक कर रही जांच
- 07 मामलों की जांच ईओडब्ल्यू कर रही है।
- 05 मामले की जांच सीबीआई द्वारा की जा रही है।
- 01 मामले में सीबीआई चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।
- 26 मामलों की जांच एसआईटी द्वारा की जा रही है।
---------
पीएनबी और सेंट्रल बैंक से किया लोन फर्जीवाड़ा
पुलिस के मुताबिक लक्ष्य तंवर ने लोन फर्जीवाड़े की शुरूआत सेंट्रल बैंक की राइटगंज शाखा से की थी। वहां फर्जीवाड़े का पता लगने पर लोन बंद हो गए। जिसके बाद उसने पीएनबी की चंद्रनगर शाखा में मैनेजर रामनाथ मिश्रा से साठगांठ कर करोड़ों के लोन कराए। आगरा ट्रांसफर होने के बाद भी रामनाथ मिश्र ने लक्ष्य के कहने पर गाजियाबाद की संपत्ति पर यहीं के लोगों के लोन किए।
तीन बैंक मैनेजर हो चुके हैं बर्खास्त
लक्ष्य तंवर के साथ लोन फर्जीवाड़े में शामिल पीएनबी के मैनेजर रामनाथ मिश्र व लोन मैनेजर प्रियदर्शिनी के अलावा सेंट्रल बैंक के मैनेजर संजय तितरवे बर्खास्त हो चुके हैं। वहीं, वर्तमान में पीएनबी के मैनेजर उत्कर्ष कुमार, अनुपम शर्मा, लोन मैनेजर तारिक हसन समेत पांच बैंक अधिकारी मुकदमों में नामजद हैं, जिनके खिलाफ जांच चल रही है।
बैंक ने कर्मचारियों को नहीं बनाया आरोपी, न ही रकम वसूली की कोशिश की
पुलिस के मुताबिक जिन बैंक खातों पर लोन निकाला गया, पैसा जमा न होने के कारण अधिकांश खाते एनपीए (नॉन परफॉरमेंस अकाउंट) हो चुके हैं। हैरत की बात यह है कि बैंक ने किसी भी कर्मचारी को आरोपी नहीं बनाया और न ही रकम वसूलने की कोई कोशिश की। पुलिस में केस दर्ज होने के बाद ही आरोपियों पर कार्रवाई की गई।

--------------
लक्ष्य पर सिहानी गेट में दर्ज हुआ 39वां केस
शास्त्रीनगर आई-ब्लॉक निवासी जगत सिंह के मुताबिक उन्होंने और कविनगर एफ-ब्लॉक निवासी विशेष बहल ने 2016 में अशोक नगर में एक संपत्ति वीरेंद्र सिंह से खरीदी थी। इसका सौदा लक्ष्य तंवर व उसकी पत्नी प्रियंका से दो करोड़ रुपये में हुआ। 31 जनवरी 2018 को 10 लाख रुपये बयाना देकर एग्रीमेंट होने के बाद संपत्ति के दस्तावेज लक्ष्य तंवर को दे दिए। लक्ष्य तंवर, उसकी पत्नी प्रियंका तंवर, पिता अशोक कुमार व सलाहकार एसपी कपूर ने उनकी संपत्ति के दस्तावेजों को पीएनबी की सूर्यानगर आगरा शाखा में बंधक बनाकर शिवांसहुता तपिश को 10 करोड़ की सीसी लिमिट स्वीकृत करा ली। साथ ही जिस वीरेंद्र सिंह से उन्होंने संपत्ति खरीदी थी, उसे गारंटर बना दिया। बैंक में संपत्ति बंधक होने के बावजूद लक्ष्य तंवर व अन्य ने 30 मई 2019 को उनसे बैनामा करा लिया। रजिस्ट्री के दौरान महेंद्री देवी नाम के खाते से 18 लाख रुपये उनके खाते में भेजे गए थे। जांच में पता चला कि महेंद्री देवी का खाता फर्जी है। इस फर्जी खाते के संबंध में महेंद्री देवी ने भी 30 अगस्त 2021 को नगर कोतवाली में केस दर्ज कराया था। सिहानी गेट पुलिस ने चारों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed