{"_id":"618acc4c5b970c234e4693d4","slug":"ghaziyabad-ghaziabad-news-gbd2290868194","type":"story","status":"publish","title_hn":"जेल की सामान्य बैरक में बंद है खुद को बीमार बताने वाला गिरीश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जेल की सामान्य बैरक में बंद है खुद को बीमार बताने वाला गिरीश
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जेल की सामान्य बैरक में बंद है खुद को बीमार बताने वाला गिरीश
गाजियाबाद। मामा नरेश त्यागी की हत्या के मामले में समर्पण करने वाला विधायक अजीत पाल त्यागी का भाई गिरीश पाल त्यागी जेल की सामान्य बैरक में बंद है। गिरीश ने हाईकोर्ट में खुद के बीमार होने का हवाला देते हुए दो महीने की मोहलत मांगी थी। लेकिन, जेल अधिकारियों के मुताबिक उसका स्वास्थ्य सामान्य है और आम बंदियों की तरह उसे सामान्य बैरक में रखा गया है। पुलिस द्वारा कराए गए चिकित्सीय परीक्षण में भी उसकी सेहत दुरुस्त मिली।
पिछले साल भाजपा विधायक अजीत पाल त्यागी के लोहिया नगर निवासी मामा नरेश त्यागी की मॉर्निंग वॉक के दौरान गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने खुलासा किया था कि विधायक के भाई गिरीश पाल त्यागी ने ही शार्प शूटर्स से मामा की हत्या कराई थी। पुलिस ने शूटर्स मुहैया कराने वाले सद्दीक नगर निवासी जितेंद्र त्यागी और मनोज कुमार के अलावा डिफेंस कॉलोनी मोदीनगर निवासी शूटर अर्पण चौधरी तथा सौंदा रोड मोदीनगर निवासी विपिन शर्मा को गिरफ्तार किया था। गिरीश पाल त्यागी घटना के बाद से ही फरार चल रहा था। पीड़ित परिवार के मोर्चा खोलने पर गिरीश पाल त्यागी ने सोमवार सुबह 200 वकीलों के घेरे में सीजेएम कोर्ट में समर्पण किया था। उसकी जमानत याचिका खारिज कर कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया था।
बीमारी का हवाला देकर कोर्ट से मांगी थी राहत
गिरीश त्यागी ने समर्पण करने से पहले हाईकोर्ट में अर्जी लगाई थी। उसमें उसने खुद के बीमार होने का हवाला देते हुए कोर्ट में पेश होने के लिए दो माह ही मोहलत मांगी थी, लेकिन हाईकोर्ट ने अर्जी खारिज करते हुए गिरीश को निचली अदालत में जाने के आदेश दिया था। इसके अलावा उसने 26 अक्तूबर को सीजेएम कोर्ट में समर्पण के लिए अर्जी लगाई थी। वह 27 व 29 अक्तूबर और एक नवंबर को कोर्ट में पेश नहीं हुआ। एक नवंबर को उसने अपने वकील के माध्यम से लगाए प्रार्थना-पत्र में खुद को बीमार बताया था। इस पर कोर्ट ने समर्पण के लिए उसे आखिरी मौका देते हुए आठ नवंबर की तारीख निर्धारित की थी।
विज्ञापन
जेल के रोस्टर के मुताबिक खाया खाना
जेल अधिकारियों ने बताया कि सोमवार शाम को रोस्ट के हिसाब से रोटी, चावल, मसूर की दाल, अरवी की सब्जी बनी। मंगलवार को नाश्ते में चाय के साथ गुड़-चना दिया गया। दोपहर में रोटी चावल, अरहर दाल और मूली की सब्जी बनी तथा शाम को रोटी चावल, चने की दाल, अरबी और आलू की सब्जी बंदियों को दी गई। गिरीश पाल त्यागी ने रोस्टर के हिसाब से बना भोजन खाया।
विज्ञापन
गाजियाबाद। मामा नरेश त्यागी की हत्या के मामले में समर्पण करने वाला विधायक अजीत पाल त्यागी का भाई गिरीश पाल त्यागी जेल की सामान्य बैरक में बंद है। गिरीश ने हाईकोर्ट में खुद के बीमार होने का हवाला देते हुए दो महीने की मोहलत मांगी थी। लेकिन, जेल अधिकारियों के मुताबिक उसका स्वास्थ्य सामान्य है और आम बंदियों की तरह उसे सामान्य बैरक में रखा गया है। पुलिस द्वारा कराए गए चिकित्सीय परीक्षण में भी उसकी सेहत दुरुस्त मिली।
पिछले साल भाजपा विधायक अजीत पाल त्यागी के लोहिया नगर निवासी मामा नरेश त्यागी की मॉर्निंग वॉक के दौरान गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने खुलासा किया था कि विधायक के भाई गिरीश पाल त्यागी ने ही शार्प शूटर्स से मामा की हत्या कराई थी। पुलिस ने शूटर्स मुहैया कराने वाले सद्दीक नगर निवासी जितेंद्र त्यागी और मनोज कुमार के अलावा डिफेंस कॉलोनी मोदीनगर निवासी शूटर अर्पण चौधरी तथा सौंदा रोड मोदीनगर निवासी विपिन शर्मा को गिरफ्तार किया था। गिरीश पाल त्यागी घटना के बाद से ही फरार चल रहा था। पीड़ित परिवार के मोर्चा खोलने पर गिरीश पाल त्यागी ने सोमवार सुबह 200 वकीलों के घेरे में सीजेएम कोर्ट में समर्पण किया था। उसकी जमानत याचिका खारिज कर कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया था।
विज्ञापन
बीमारी का हवाला देकर कोर्ट से मांगी थी राहत
गिरीश त्यागी ने समर्पण करने से पहले हाईकोर्ट में अर्जी लगाई थी। उसमें उसने खुद के बीमार होने का हवाला देते हुए कोर्ट में पेश होने के लिए दो माह ही मोहलत मांगी थी, लेकिन हाईकोर्ट ने अर्जी खारिज करते हुए गिरीश को निचली अदालत में जाने के आदेश दिया था। इसके अलावा उसने 26 अक्तूबर को सीजेएम कोर्ट में समर्पण के लिए अर्जी लगाई थी। वह 27 व 29 अक्तूबर और एक नवंबर को कोर्ट में पेश नहीं हुआ। एक नवंबर को उसने अपने वकील के माध्यम से लगाए प्रार्थना-पत्र में खुद को बीमार बताया था। इस पर कोर्ट ने समर्पण के लिए उसे आखिरी मौका देते हुए आठ नवंबर की तारीख निर्धारित की थी।
विज्ञापन
जेल के रोस्टर के मुताबिक खाया खाना
जेल अधिकारियों ने बताया कि सोमवार शाम को रोस्ट के हिसाब से रोटी, चावल, मसूर की दाल, अरवी की सब्जी बनी। मंगलवार को नाश्ते में चाय के साथ गुड़-चना दिया गया। दोपहर में रोटी चावल, अरहर दाल और मूली की सब्जी बनी तथा शाम को रोटी चावल, चने की दाल, अरबी और आलू की सब्जी बंदियों को दी गई। गिरीश पाल त्यागी ने रोस्टर के हिसाब से बना भोजन खाया।