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6.99 करोड़ में हॉकी एस्ट्रोटर्फ और 4.4 करोड़ में बनेगा बहुउद्देश्यीय हॉल
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6.99 करोड़ में एस्ट्रोटर्फ और 4.4 करोड़ में बनेगा बहुउद्देश्यीय हॉल
गाजियाबाद। महामाया स्टेडियम में खेलो इंडिया साई हॉकी सेंटर आने के बाद अब खिलाड़ियों को एस्ट्रोटर्फ की सुविधा मिलेगी। खेलो इंडिया योजना के तहत महामाया स्टेडियम में 6.99 करोड़ की लागत से हॉकी एस्ट्रोटर्फ कोर्ट के साथ अन्य सुविधाएं विकसित होंगी। 4.4 करोड़ की लागत से बहुउद्देश्यीय हॉल बनेगा। महानगर में हॉकी एस्ट्रोटर्फ आते ही राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता के आयोजन का रास्ता साफ हो जाएगा।
एस्ट्रोटर्फ के साथ कई सुविधाएं होंगी विकसित
खेल विभाग की ओर से भेजे गए प्रस्ताव में हॉकी एस्ट्रोटर्फ के अलावा खिलाड़ियों के लिए कई अन्य सुविधाएं भी विकसित होंगी। इसमें एस्ट्रोटर्फ कोर्ट के बराबर पवेलियन का निर्माण, खिलाड़ियों के लिए रेस्ट रूम, खेल के जुड़े सभी उपकरण का बंदोबस्त होगा। महानगर के कई अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ियों की ओर से सालों से एस्ट्रोटर्फ की मांग की जा रही है। कई बार खिलाड़ियों ने खेल विभाग के साथ डीएम को प्रस्ताव सौंपा था। लेकिन पूर्व में महामाया स्टेडियम में एस्ट्रोटर्फ से अन्य खेलों के प्रभावित होने के चलते सहमति नहीं बन पाई थी।
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बहुउद्देश्यीय हॉल से जूडो, टेबिल टेनिस को राहत
महामाया स्टेडियम में बहुउद्देश्यीय हॉल की कमी के कारण कई खेल प्रभावित होते हैं। खासकर जूडो, टेबिल टेनिस, जिमनास्टिक, शतरंज सहित अन्य खेलों में प्रतिस्पर्धाओं के आयोजन से पहले खेल विभाग को कई बार मंथन करना पड़ता है। दूसरी ओर कुश्ती में टिन शेड के नीचे मैट बिछाकर वैकल्पिक बंदोबस्त किया गया है। ऐसे में बहुउद्देश्यीय हॉल की सौगात मिलने से खिलाड़ियों को सबसे ज्यादा राहत मिलेगी।
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300 हॉकी प्रतिभाओं को मिलेगा मंच, दिल्ली की दौड़ होगी बंद
महानगर में महामाया स्टेडियम, हॉकी गाजियाबाद एसोसिएशन और स्कूलों की टीमों में 300 से अधिक हॉकी खिलाड़ी शामिल हैं। पूर्व में महामाया स्टेडियम के शिविर में 60, हॉकी गाजियाबाद एसोसिएशन से 40 लड़के व 30 लड़कियां हॉकी से जुड़े हुए हैं। वहीं, जेकेजी स्कूल, खेतान स्कूल, गुरुकुल द स्कूल, रामकिशन इंस्टीट्यूट, ठाकुरद्वारा, एमबी गर्ल्स कॉलेज और एसडी डिग्री कॉलेज की टीमों में खिलाड़ी हॉकी खेलते हैं। महानगर में विशाल ठाकुर, केशव त्यागी, अमर सहित 12 खिलाड़ी नेशनल में हुनर दिखा रहे हैं। अभी नेशनल खिलाड़ियों को प्रैक्टिस के लिए दिल्ली व मेरठ की दौड़ लगानी होती है, जो कि एस्ट्रोटर्फ लगने से खत्म हो जाएगी।
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कोट...
खिलाड़ियों को स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य
हॉकी के साई सेंटर के बाद एस्ट्रोटर्फ और बहुउद्देश्यीय हॉल के निर्माण के लिए खेलो इंडिया में तैयार प्रस्ताव को संस्तुति मिल गई है। विभाग का मकसद स्टेडियम में खिलाड़ियों को स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराना है। प्रस्ताव को मंजूरी दिलाने के लिए सभी स्तर पर मजबूती से पक्ष रखा जाएगा। -- पूनम विश्नोई, उपक्रीड़ाधिकारी
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एस्ट्रोटर्फ लगते ही तीनों वर्ग में कराएंगे नेशनल
खेलो इंडिया में एस्ट्रोटर्फ के निर्माण का प्रस्ताव भेजना काबिले तारीफ है। इससे हॉकी खिलाड़ियों का खेल का स्तर ऊपर उठेगा। एस्ट्रोटर्फ लगने के एक साल के अंदर हॉकी गाजियाबाद के जरिए सब-जूनियर, जूनियर और सीनियर हॉकी नेशनल का आयोजन स्टेडियम में कराया जाएगा। -- पंकज त्यागी, अंतर्राष्ट्रीय हॉकी कोच
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गाजियाबाद। महामाया स्टेडियम में खेलो इंडिया साई हॉकी सेंटर आने के बाद अब खिलाड़ियों को एस्ट्रोटर्फ की सुविधा मिलेगी। खेलो इंडिया योजना के तहत महामाया स्टेडियम में 6.99 करोड़ की लागत से हॉकी एस्ट्रोटर्फ कोर्ट के साथ अन्य सुविधाएं विकसित होंगी। 4.4 करोड़ की लागत से बहुउद्देश्यीय हॉल बनेगा। महानगर में हॉकी एस्ट्रोटर्फ आते ही राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता के आयोजन का रास्ता साफ हो जाएगा।
एस्ट्रोटर्फ के साथ कई सुविधाएं होंगी विकसित
खेल विभाग की ओर से भेजे गए प्रस्ताव में हॉकी एस्ट्रोटर्फ के अलावा खिलाड़ियों के लिए कई अन्य सुविधाएं भी विकसित होंगी। इसमें एस्ट्रोटर्फ कोर्ट के बराबर पवेलियन का निर्माण, खिलाड़ियों के लिए रेस्ट रूम, खेल के जुड़े सभी उपकरण का बंदोबस्त होगा। महानगर के कई अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ियों की ओर से सालों से एस्ट्रोटर्फ की मांग की जा रही है। कई बार खिलाड़ियों ने खेल विभाग के साथ डीएम को प्रस्ताव सौंपा था। लेकिन पूर्व में महामाया स्टेडियम में एस्ट्रोटर्फ से अन्य खेलों के प्रभावित होने के चलते सहमति नहीं बन पाई थी।
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बहुउद्देश्यीय हॉल से जूडो, टेबिल टेनिस को राहत
महामाया स्टेडियम में बहुउद्देश्यीय हॉल की कमी के कारण कई खेल प्रभावित होते हैं। खासकर जूडो, टेबिल टेनिस, जिमनास्टिक, शतरंज सहित अन्य खेलों में प्रतिस्पर्धाओं के आयोजन से पहले खेल विभाग को कई बार मंथन करना पड़ता है। दूसरी ओर कुश्ती में टिन शेड के नीचे मैट बिछाकर वैकल्पिक बंदोबस्त किया गया है। ऐसे में बहुउद्देश्यीय हॉल की सौगात मिलने से खिलाड़ियों को सबसे ज्यादा राहत मिलेगी।
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300 हॉकी प्रतिभाओं को मिलेगा मंच, दिल्ली की दौड़ होगी बंद
महानगर में महामाया स्टेडियम, हॉकी गाजियाबाद एसोसिएशन और स्कूलों की टीमों में 300 से अधिक हॉकी खिलाड़ी शामिल हैं। पूर्व में महामाया स्टेडियम के शिविर में 60, हॉकी गाजियाबाद एसोसिएशन से 40 लड़के व 30 लड़कियां हॉकी से जुड़े हुए हैं। वहीं, जेकेजी स्कूल, खेतान स्कूल, गुरुकुल द स्कूल, रामकिशन इंस्टीट्यूट, ठाकुरद्वारा, एमबी गर्ल्स कॉलेज और एसडी डिग्री कॉलेज की टीमों में खिलाड़ी हॉकी खेलते हैं। महानगर में विशाल ठाकुर, केशव त्यागी, अमर सहित 12 खिलाड़ी नेशनल में हुनर दिखा रहे हैं। अभी नेशनल खिलाड़ियों को प्रैक्टिस के लिए दिल्ली व मेरठ की दौड़ लगानी होती है, जो कि एस्ट्रोटर्फ लगने से खत्म हो जाएगी।
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कोट...
खिलाड़ियों को स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य
हॉकी के साई सेंटर के बाद एस्ट्रोटर्फ और बहुउद्देश्यीय हॉल के निर्माण के लिए खेलो इंडिया में तैयार प्रस्ताव को संस्तुति मिल गई है। विभाग का मकसद स्टेडियम में खिलाड़ियों को स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराना है। प्रस्ताव को मंजूरी दिलाने के लिए सभी स्तर पर मजबूती से पक्ष रखा जाएगा। -- पूनम विश्नोई, उपक्रीड़ाधिकारी
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एस्ट्रोटर्फ लगते ही तीनों वर्ग में कराएंगे नेशनल
खेलो इंडिया में एस्ट्रोटर्फ के निर्माण का प्रस्ताव भेजना काबिले तारीफ है। इससे हॉकी खिलाड़ियों का खेल का स्तर ऊपर उठेगा। एस्ट्रोटर्फ लगने के एक साल के अंदर हॉकी गाजियाबाद के जरिए सब-जूनियर, जूनियर और सीनियर हॉकी नेशनल का आयोजन स्टेडियम में कराया जाएगा। -- पंकज त्यागी, अंतर्राष्ट्रीय हॉकी कोच
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