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बुखार ने बढ़ाई चिंताः स्कूलों में फिर शुरू हुई ऑनलाइन पढ़ाई

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 05 Sep 2021 01:05 AM IST
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बुखार ने चिंता बढ़ाई, स्कूलों में फिर शुरू हुई ऑनलाइन पढ़ाई
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गाजियाबाद। जिले में बढ़ रहे बुखार के प्रकोप ने अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। अभिभावकों को डर सताने लगा है कि बच्चों को कोरोना न हो जाए। जो अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेज रहे थे, उन्होंने भी बच्चों को स्कूल भेजना बंद कर दिया है। जिन स्कूलों ने छात्र-छात्राओं की संख्या बढ़ाने के लिए ऑनलाइन कक्षाओं को बंद कर दिया था। उन्होंने अब ऑनलाइन के विकल्प को खोल दिया है।
कोरोना संक्रमण के बाद शासन ने 16 अगस्त से कक्षा छह से आठ तक के विद्यालय को खोलने के आदेश कर दिए थे। स्कूल खुलने के बाद स्थिति सामान्य रही। उसके बाद 24 अगस्त से कक्षा एक से पांच तक के स्कूलों को खोल दिया। माध्यमिक और परिषदीय स्कूलों में उपस्थिति 40 से 50 फीसदी तक पहुंच गई। वहीं निजी स्कूलों में करीब 30 फीसदी के पास की उपस्थिति रही। दूसरे प्रदेशों में कोरोना के मरीज बढ़ने के बाद अभिभावकों ने अपने बच्चों को स्कूल भेजना कम कर दिया। अब बुखार के मरीज बढ़ने से अभिभावकों में और ज्यादा डर बैठ गया है। अभिभावकों को डर है कि कहीं स्कूल बच्चे पर बच्चों में कोरोना न हो जाए। यह बुखार कोरोना का रूप न ले लें। ऐसे में जो बच्चे स्कूल जा रहे थे, उन्होंने भी कम कर दिया है।
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संख्या बढ़ाने को 20 फीसदी निजी स्कूलों ने बंद कर दी थी ऑनलाइन कक्षाएं
जिले में 20 फीसदी स्कूलों ने संख्या बढ़ाने के लिए ऑनलाइन कक्षाओं को बंद कर दिया था। कुछ अभिभावकों ने पढ़ाई प्रभावित होने के कारण बच्चों को स्कूल भेजना शुरू कर दिया, लेकिन काफी संख्या में अभिभावकों ने बच्चों को नहीं भेजा। अभिभावकों का कहना है कि स्कूलों की मनमानी के खिलाफ आवाज भी उठाई गई, लेकिन उन्होंने कोई सुनवाई नहीं की। बुखार का प्रकोप बढ़ाने के कारण अन्य अभिभावकों ने भी बच्चों को भेजना बंद कर दिया। ऐसी स्थिति में अब कुछ स्कूलों ने ऑनलाइन कक्षाओं को विकल्प खोल दिया है।
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जिले में डेढ़ लाख से ज्यादा बच्चों की पढ़ाई प्रभावित
जिले में 226 माध्यमिक और 455 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक एवं कंपोजिट विद्यालय हैं। इन विद्यालयों में ढाई लाख बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। इन सभी विद्यालयों ने ऑनलाइन कक्षाओं के विकल्प को बंद कर दिया है। इस कारण से डेढ़ लाख छात्र-छात्राआें की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। शिक्षकों का कहना है कि ऑफ लाइन कक्षाओं के साथ ऑनलाइन कक्षाओं को चला पाना संभव नहीं है।
- ये है स्कूलों की स्थिति
माध्यमिक स्कूलों की कुल संख्या 226
राजकीय 10
एडिड 50
वित्त विहीन 165
केंद्र शासकीय स्कूल 01
परिषदीय स्कूल 455
सीबीएसई 175
- छात्रों की स्थिति
कक्षा छात्र संख्या
एक से पांच तक 2.30 लाख
छह से आठ तक 1.40 लाख
कक्षा नौ से 12 2.12 लाख
बोले अभिभावक
बुखार से लग रहा है डर
बुखार बढ़ रहा है। इसका पता ही नहीं चल रहा है कि वायरल है, डेंगू या कोरोना है। अभी तो एक ही डर था। अब खतरा और ज्यादा बढ़ गया है।
मोहित सिंघल, अभिभावक
बच्चे को नहीं भेज रहा स्कूल
स्कूल ने बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए ऑनलाइन कक्षाओं को बंद कर दिया है। बुखार और कोरोना के डर से मैंने अपने बेटे को स्कूल नहीं भेजा है।
अमित जैन, अभिभावक
व्हाट्सएप पर डाल रहे वीडियो
बड़ी कक्षाओं की ऑनलाइन कक्षाओं को बंद कर दिया था। अब बुखार और कोरोना के मामले आने के कारण उन्हें कक्षाओं की वीडियो बनाकर व्हाट्सएप भेज रहे हैं, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो।
सीमा सेठी, प्रधानाचार्या महर्षि दयानंद विद्यापीठ इंटर कालेज
ऑनलाइन का विकल्प रखें स्कूल
अभिभावकों केसहमति पत्र न होने पर हमने ऑनलाइन और ऑफलाइन पढ़ाई का विकल्प रखा है। जिन स्कूलों ने ऑनलाइन विकल्प को बंद कर दिया है, वह उसे शुरू कर दें। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए।

ज्योति गुप्ता, नोडल अधिकारी सीबीएसई
ऑनलाइन पढ़ाई संभव नहीं
माध्यमिक स्कूलों में ऑफ लाइन पढ़ाई के साथ ऑनलाइन पढ़ाई संभव नहीं है। शासन से ऐसा कोई विकल्प भी नहीं आया है। दो पालियों में बच्चों को पढ़ाना है। स्कूल दोनों पालियों में शिक्षा दे रहे हैं।
पीके द्विवेदी, डीआईओएस
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