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500 से अधिक कार चुराने वाला अंतरराज्य गैंग बेनकाब, दो गिरफ्तार
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500 से अधिक कार चुराने वाला
अंतरराज्यीय गैंग बेनकाब, दो गिरफ्तार
गाजियाबाद। दिल्ली-एनसीआर से 500 से अधिक कारें चोरी करने वाले अंतरराज्यीय वाहन चोर गैंग का खुलासा करते हुए मसूरी पुलिस व एसओजी ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर दस कार, 30 गाड़ियों के ईसीएम, तीन कटे इंजन बरामद हुए हैं। एसएसपी पवन कुमार ने बताया कि गैंग उसी मॉडल की कार चुराता था, जिसकी कबाड़ियों द्वारा डिमांड की जाती थी। इसके बाद एक्सीडेंटल व पुरानी गाड़ियों के दस्तावेजों का इस्तेमाल करते हुए चोरी की गई गाड़ियों के नंबर बदलकर उन्हें 4 से 5 लाख रुपये में बेच दिया जाता था। सरगना समेत सात आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश में दबिश दी जा रही है। गैंग पकड़ने वाली टीम को एसएसपी ने 25 हजार का इनाम देने की घोषणा की है।
पुलिस ने थाना नरसैना, बुलंदशहर के गांव गेसूपुर निवासी प्रदीप कुमार उर्फ पिंटू व थाना नंदनगरी, दिल्ली के सुंदर नगरी निवासी अजीम को गिरफ्तार किया है। प्रदीप वर्तमान में सिहानी गेट के नेहरू नगर में रहता है। इनके अलावा ट्रोनिका सिटी के मीरपुर निवासी वसीम, सुंदर नगरी दिल्ली निवासी याकूब व फेमू, सोतीगंज मेरठ निवासी इमरान, लोनी निवासी नूर मोहम्मद, थाना खरखौदा सोनीपत के गांव रोहणा निवासी संजय दहिया और अशोक विहार लोनी निवासी जाहिद अभी फरार हैं।
हर आरोपी का अलग-अलग काम
वसीम : गिरोह का सरगना है। यह गाड़ियों के नंबरों में टेंपरिंग (बदलाव) में माहिर है।
प्रदीप और अजीम : प्रदीप इंदिरापुरम और अजीम नंद नगरी दिल्ली में वर्कशॉप चलाते हैं। दोनों अपनी वर्कशॉप में गाड़ियों का हुलिया व इंजिन-चेसिस नंबर बदलते हैं।
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याकूब और फेमू : दोनों कबाड़ी हैं। पुरानी व एक्सीडेंटल गाड़ियां खरीदते हैं।
इमरान : गाड़ियों के इंजन पर लगने वाली स्टील की प्लेट बनाने में माहिर है।
नूर मोहम्मद व संजय : दोनों गाड़ियां चुराने का काम करते हैं।
जाहिद : चोरी की गाड़ियों के दस्तावेज तैयार कराकर आरटीओ ऑफिस में खरीदार के नाम ट्रांसफर कराता है।
गाड़ी में अपना ईसीएम कनेक्ट कर गाड़ी स्टार्ट करते थे आरोपी
एसपी ग्रामीण के मुताबिक आरोपी या तो अनपढ़ हैं या कम पढ़े लिखे हैं, लेकिन इन्होंने गाड़ियों से ईसीएम कनेक्ट करने की ट्रेनिंग ले ली है। गाड़ी की ऑन डिमांड चोरी करते समय वह उस कंपनी और मॉडल का ईसीएम अपने साथ ले जाते थे। गाड़ी का ईसीएम निकालकर वह अपने ईसीएम को लैपटॉप के जरिये कनेक्ट कर लेते थे और फिर अपनी चाबी से गाड़ी को स्टार्ट कर चुरा लेते थे। आरोपियों के पास से 30 गाड़ियों की ईसीएम मिली हैं।
दिल्ली-मेरठ के कबाड़ियों से था संपर्क
एसएसपी ने बताया कि वाहन चोर गैंग में मेरठ और दिल्ली के कबाड़ी शामिल हैं। कबाड़ी पुरानी व एक्सीडेंटल गाड़ियों को खरीदकर अपने नाम करा लेते थे। इसके बाद उन गाड़ियों को काटकर पार्ट्स बेचते थे। साथ ही काटी गई गाड़ियों के मॉडल की गाड़ी चुराकर उसके इंजन व चेसिस नंबर बदलकर बेच देते थे। बेचते समय गैंग काटी गई गाड़ी के दस्तावेज देते थे। मॉडल के अलावा इंजन व चेसिस नंबर समान होने के कारण गैंग आरटीओ दफ्तर से गाड़ी को खरीदार के नाम भी करा देते थे। आरोपी 4 से 5 लाख रुपये में एक कार बेचते थे।
जम्मू कश्मीर में बेच चुके सौ से अधिक गाड़ियां
एसपी ग्रामीण ने बताया कि गिरोह सदस्यों के तार जम्मू-कश्मीर तक जुड़े हैं। गैंग ने सौ से अधिक कारें तो अकेले जम्मू-कश्मीर में बेचने की बात कबूल की है। गिरोह पार्किंग व अन्य स्थानों पर रेकी करते हैं और लग्जरी गाड़ियों का रिकॉर्ड तैयार करते हैं। कबाड़ी द्वारा जिस मॉडल व कंपनी की गाड़ी की मांग की जाती है, उसे चोरी कर उपलब्ध करा देते हैं।
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अंतरराज्यीय गैंग बेनकाब, दो गिरफ्तार
गाजियाबाद। दिल्ली-एनसीआर से 500 से अधिक कारें चोरी करने वाले अंतरराज्यीय वाहन चोर गैंग का खुलासा करते हुए मसूरी पुलिस व एसओजी ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर दस कार, 30 गाड़ियों के ईसीएम, तीन कटे इंजन बरामद हुए हैं। एसएसपी पवन कुमार ने बताया कि गैंग उसी मॉडल की कार चुराता था, जिसकी कबाड़ियों द्वारा डिमांड की जाती थी। इसके बाद एक्सीडेंटल व पुरानी गाड़ियों के दस्तावेजों का इस्तेमाल करते हुए चोरी की गई गाड़ियों के नंबर बदलकर उन्हें 4 से 5 लाख रुपये में बेच दिया जाता था। सरगना समेत सात आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश में दबिश दी जा रही है। गैंग पकड़ने वाली टीम को एसएसपी ने 25 हजार का इनाम देने की घोषणा की है।
पुलिस ने थाना नरसैना, बुलंदशहर के गांव गेसूपुर निवासी प्रदीप कुमार उर्फ पिंटू व थाना नंदनगरी, दिल्ली के सुंदर नगरी निवासी अजीम को गिरफ्तार किया है। प्रदीप वर्तमान में सिहानी गेट के नेहरू नगर में रहता है। इनके अलावा ट्रोनिका सिटी के मीरपुर निवासी वसीम, सुंदर नगरी दिल्ली निवासी याकूब व फेमू, सोतीगंज मेरठ निवासी इमरान, लोनी निवासी नूर मोहम्मद, थाना खरखौदा सोनीपत के गांव रोहणा निवासी संजय दहिया और अशोक विहार लोनी निवासी जाहिद अभी फरार हैं।
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हर आरोपी का अलग-अलग काम
वसीम : गिरोह का सरगना है। यह गाड़ियों के नंबरों में टेंपरिंग (बदलाव) में माहिर है।
प्रदीप और अजीम : प्रदीप इंदिरापुरम और अजीम नंद नगरी दिल्ली में वर्कशॉप चलाते हैं। दोनों अपनी वर्कशॉप में गाड़ियों का हुलिया व इंजिन-चेसिस नंबर बदलते हैं।
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याकूब और फेमू : दोनों कबाड़ी हैं। पुरानी व एक्सीडेंटल गाड़ियां खरीदते हैं।
इमरान : गाड़ियों के इंजन पर लगने वाली स्टील की प्लेट बनाने में माहिर है।
नूर मोहम्मद व संजय : दोनों गाड़ियां चुराने का काम करते हैं।
जाहिद : चोरी की गाड़ियों के दस्तावेज तैयार कराकर आरटीओ ऑफिस में खरीदार के नाम ट्रांसफर कराता है।
गाड़ी में अपना ईसीएम कनेक्ट कर गाड़ी स्टार्ट करते थे आरोपी
एसपी ग्रामीण के मुताबिक आरोपी या तो अनपढ़ हैं या कम पढ़े लिखे हैं, लेकिन इन्होंने गाड़ियों से ईसीएम कनेक्ट करने की ट्रेनिंग ले ली है। गाड़ी की ऑन डिमांड चोरी करते समय वह उस कंपनी और मॉडल का ईसीएम अपने साथ ले जाते थे। गाड़ी का ईसीएम निकालकर वह अपने ईसीएम को लैपटॉप के जरिये कनेक्ट कर लेते थे और फिर अपनी चाबी से गाड़ी को स्टार्ट कर चुरा लेते थे। आरोपियों के पास से 30 गाड़ियों की ईसीएम मिली हैं।
दिल्ली-मेरठ के कबाड़ियों से था संपर्क
एसएसपी ने बताया कि वाहन चोर गैंग में मेरठ और दिल्ली के कबाड़ी शामिल हैं। कबाड़ी पुरानी व एक्सीडेंटल गाड़ियों को खरीदकर अपने नाम करा लेते थे। इसके बाद उन गाड़ियों को काटकर पार्ट्स बेचते थे। साथ ही काटी गई गाड़ियों के मॉडल की गाड़ी चुराकर उसके इंजन व चेसिस नंबर बदलकर बेच देते थे। बेचते समय गैंग काटी गई गाड़ी के दस्तावेज देते थे। मॉडल के अलावा इंजन व चेसिस नंबर समान होने के कारण गैंग आरटीओ दफ्तर से गाड़ी को खरीदार के नाम भी करा देते थे। आरोपी 4 से 5 लाख रुपये में एक कार बेचते थे।
जम्मू कश्मीर में बेच चुके सौ से अधिक गाड़ियां
एसपी ग्रामीण ने बताया कि गिरोह सदस्यों के तार जम्मू-कश्मीर तक जुड़े हैं। गैंग ने सौ से अधिक कारें तो अकेले जम्मू-कश्मीर में बेचने की बात कबूल की है। गिरोह पार्किंग व अन्य स्थानों पर रेकी करते हैं और लग्जरी गाड़ियों का रिकॉर्ड तैयार करते हैं। कबाड़ी द्वारा जिस मॉडल व कंपनी की गाड़ी की मांग की जाती है, उसे चोरी कर उपलब्ध करा देते हैं।