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लर्निंग लाइसेंस के लिए १२० दिन वेटिंग, नहीं बढ़ रहे स्लॉट
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लर्निंग लाइसेंस के लिए 120 दिन की वेटिंग
गाजियाबाद। लर्निंग लाइसेंस के लिए 100 से 120 दिन की वेटिंग चल रही है। जिले में करीब 20 हजार से अधिक लोग वेटिंग में हैं। उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग के ज्यादा से ज्यादा कार्यों को डिजिटल करने की योजना बनाई है। ड्राइविंग लाइसेंस के लिए अब घर से ऑनलाइन टेस्ट दे सकेंगे। जिन लोगों के पास यह व्यवस्था नहीं होगी, वह पास के जन सुविधा केंद्र पर जाकर काम करा सकेंगे। आवेदक को एक बार ऑफिस आना होगा। ताकी देखा जा सके कि वह शारीरिक रूप से सही है या नहीं। इसके बाद वाहन चलवाकर देखा जाएगा। ऑनलाइन प्रक्रिया होने के कारण अब एनओसी आसानी से मिल सकेगी।
गोविंदपुरम निवासी नितिन कुमार और देवेंद्र सिंह ने बताया कि उनकी एक कंपनी में नौकरी लगी है। उन्हें कंपनी की गाड़ी लेकर बाहर जाना पड़ता है। लाइसेंस न होने के कारण दिक्कत आ रही है। छह महीने पहले लर्निंग लाइसेंस के लिए आवेदन किया था। तीन महीने की वेटिंग मिली। फिर लॉकडाउन लग गया। अब फिर तीन महीने का इंतजार करना पड़ रहा है।
ये है स्लॉट की स्थिति
पहले अब
लर्निंग लाइसें 450 350
डुप्लीकेट 350 180
रिनुअल 350 180
कोरोना के कारण स्लॉट कम कर दिए गए थे। लोगों की समस्या को देखते हुए कुछ स्लॉट बढ़ाए गए हैं। दफ्तर में ज्यादा भीड़ न लगे, उसका भी ध्यान रखा जा रहा है। शासन को स्लॉट बढ़ाने के लिए लिखा जा रहा है।
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- विश्वजीत सिंह, एआरटीओ प्रशासन
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गाजियाबाद। लर्निंग लाइसेंस के लिए 100 से 120 दिन की वेटिंग चल रही है। जिले में करीब 20 हजार से अधिक लोग वेटिंग में हैं। उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग के ज्यादा से ज्यादा कार्यों को डिजिटल करने की योजना बनाई है। ड्राइविंग लाइसेंस के लिए अब घर से ऑनलाइन टेस्ट दे सकेंगे। जिन लोगों के पास यह व्यवस्था नहीं होगी, वह पास के जन सुविधा केंद्र पर जाकर काम करा सकेंगे। आवेदक को एक बार ऑफिस आना होगा। ताकी देखा जा सके कि वह शारीरिक रूप से सही है या नहीं। इसके बाद वाहन चलवाकर देखा जाएगा। ऑनलाइन प्रक्रिया होने के कारण अब एनओसी आसानी से मिल सकेगी।
गोविंदपुरम निवासी नितिन कुमार और देवेंद्र सिंह ने बताया कि उनकी एक कंपनी में नौकरी लगी है। उन्हें कंपनी की गाड़ी लेकर बाहर जाना पड़ता है। लाइसेंस न होने के कारण दिक्कत आ रही है। छह महीने पहले लर्निंग लाइसेंस के लिए आवेदन किया था। तीन महीने की वेटिंग मिली। फिर लॉकडाउन लग गया। अब फिर तीन महीने का इंतजार करना पड़ रहा है।
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ये है स्लॉट की स्थिति
पहले अब
लर्निंग लाइसें 450 350
डुप्लीकेट 350 180
रिनुअल 350 180
कोरोना के कारण स्लॉट कम कर दिए गए थे। लोगों की समस्या को देखते हुए कुछ स्लॉट बढ़ाए गए हैं। दफ्तर में ज्यादा भीड़ न लगे, उसका भी ध्यान रखा जा रहा है। शासन को स्लॉट बढ़ाने के लिए लिखा जा रहा है।
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- विश्वजीत सिंह, एआरटीओ प्रशासन