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सीओ की लापरवाही ने खतरे में डाल दी युवक की नौकरी

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 23 Jul 2021 01:18 AM IST
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सीओ की लापरवाही ने खतरे
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में डाल दी युवक की नौकरी
गाजियाबाद। केंद्रीय नागरिक उड्डयन विभाग में सेवारत गोविंदपुरम निवासी एक युवक की नौकरी तत्कालीन सीओ कविनगर की लापरवाही के चलते खतरे में पड़ गई। मामला चरित्र सत्यापन से जुड़ा है, जिस पर एसएचओ ने कोई आपराधिक रिकॉर्ड न होने की रिपोर्ट भेजते हुए बुलंदशहर में स्थाई पते से भी जांच कराने की सिफारिश की, लेकिन सीओ ने जांच कराने की जगह नॉट रिकमंडेड (संस्तुति नहीं) लिखकर रिपोर्ट उड्डयन विभाग को भेज दी, जिसके बाद युवक के खिलाफ बर्खास्तगी की विभागीय कार्रवाई शुरू हो गई। पीड़ित युवक बृहस्पतिवार को सभी दस्तावेजों के साथ डीएम राकेश कुमार सिंह से मिला। एसएचओ की संस्तुति भी दिखाई, जिस पर डीएम ने सीओ का अनुत्तरदायित्वपूर्ण कार्य बताते हुए एसएसपी को पत्र लिखा है।
गोविंदपुरम के केशव कुंज निवासी मोहित कुमार पुत्र संसार पाल सिंह का चयन 2017 की एसएससी (कर्मचारी चयन आयोग) के माध्यम से वर्ष 2019 में घोषित परिणाम के बाद क्लर्क के पद पर हुआ। जून 2020 में मोहित को नागरिक उड्डयन विभाग में तैनाती मिली। इसके बाद विभाग ने चरित्र सत्यापन के लिए गाजियाबाद पुलिस को पत्र लिखा। जांच अधिकारी (आईओ) ने जांच कर अपनी रिपोर्ट दी। उसके बाद एसएचओ ने लिखा कि मोहित का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है और उसका चरित्र अच्छा है, लेकिन आवेदक गांव चित्सौना अल्लीपुर निवासी बीबीनगर जिला बुलंदशहर का मूल निवासी है। स्थाई पते पर भी उसका आना-जाना रहता है। इसलिए मूल पते से भी जांच होनी चाहिए, लेकिन मूल पते पर जांच नहीं कराई गई। बल्कि एसएचओ की जांच रिपोर्ट पर तत्कालीन सीओ कविनगर अभय कुमार मिश्र ने नॉट रिकमंडेड लिख दिया। इसके बाद रिपोर्ट सीधे संबंधित विभाग के भेज दी गई। उधर, मोहित कुमार का कहना है कि मेरे खिलाफ जब विभाग में बर्खास्तगी की कार्रवाई शुरू हुई तो मुझे विवश होकर उच्च अधिकारियों तक जाना पड़ा।
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सीओ का कार्य अनुत्तरदायित्वपूर्ण
बृहस्पतिवार को युवक मुझसे आकर मिला। उसने सभी साक्ष्य भी प्रस्तुत किए, जिसमें एसएचओ ने लिखा था कि उसका चरित्र अच्छा है और यहां पर कोई आपराधिक रिकॉर्ड दर्ज नहीं हैं, मूल पते से जांच करा ली जाए। लेकिन सीओ ने नॉट रिकमंडेड लिखकर रिपोर्ट भेज दी, यह अनुत्तरदायित्वपूर्ण कार्य था। उससे युवक की नौकरी खतरे में पड़ गई है। मामले में कप्तान साहब को भी पत्र लिखकर रिपोर्ट मांगी गई है। दोबारा रिपोर्ट भेजी जा रही है।
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- राकेश कुमार सिंह, जिलाधिकारी
आख्या स्पष्ट नहीं होगी
मेरी तरफ से ऐसा नहीं लिखा गया होगा। जरूर संबंधित एसएचओ की रिपोर्ट में स्पष्ट आख्या नहीं लिखी गई होगी। बाकी अगर कुछ गड़बड़ी हुई है तो उसमें सुधार करवाया जाएगा और संबंधित युवक की पूरी मदद भी की जाएगी।
- अभय कुमार मिश्र, सीओ, इंदिरापुरम (तत्कालीन कविनगर)
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