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डेंगू के 15 व स्क्रब टाइफस के 18 मरीज मिले
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डेंगू के 15 व स्क्रब टाइफस के 18 मरीज मिले
गाजियाबाद। कोरोना संक्रमण के कम होते ही डेंगू और अब स्क्रब टाइफस सहित वायरल के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। बुधवार को बुखार के 324, डेंगू के 15 और स्क्रब टाइफस के 18 मरीजों की पुष्टि हुई है। डेंगू के सात नए मरीजों के साथ ही कुल 17 मरीज भर्ती हैं। डेंगू के कुल मरीजों की संख्या 59 हो चुकी है। इनमें से 14 मरीज अन्य जिले के रहने वाले हैं। स्क्रब टाइफस के दो मरीज भर्ती हैं। हाउस सर्वे के दौरान कोरोना जैसे लक्षण वाले 280 मरीज मिले हैं।
जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि हाउस सर्वे में बुधवार को 144801 घरों में सर्वे किया गया। इनमें 45 वर्ष से अधिक आयु वाले 13848 ऐसे लोग मिले हैं, जिन्हें कोविड वैक्सीन की एक भी डोज नहीं लगी है। टीबी के 9 नए मरीज मिले हैं। 0 से 2 साल तक के लगभग 3500 बच्चे ऐसे मिले हैं, जिनका नियमित टीकाकरण नहीं हुआ है।
24 घंटे शुरू की गई जांच
सीएमओ डॉ भवतोष शंखधार ने बताया कि जिले में तेजी से फैल रहे डेंगू और मलेरिया के वायरल के इलाज के लिए 24 घंटे जांच की सुविधा शुरू कराई है। एमएमजी और संयुक्त अस्पताल में 30-30 बेड के विशेष वार्ड बनाए गए हैं। इसके साथ ही सभी सीएचसी-पीएचसी पर फीवर वार्ड बनाए जा चुके हैं। सभी सीएचसी पर डेंगू और मलेरिया की जांच की सुविधा शुरू की गई है। जिला एमएमजी अस्पताल की पैथोलॉजी लैब में 24 घंटे डेंगू की जांच की जाएगी। इसके लिए लैब में अलग से स्टाफ को तैनात भी किया गया है। बुखार की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरे जिले में सर्वे करने के साथ लोगों को जागरूक भी कर रहा है। जिसके तहत मच्छरों को पनपने से रोकने और बुखार से बचने के तरीके बताए जा रहे हैं।
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क्या है स्क्रब टाइफस
वरिष्ठ फिजिशियन और आईएमए के पूर्व अध्यक्ष डॉ. वीबी जिंदल का कहना है कि स्क्रब टाइफस माइट यानी कीड़े के काटने से होने वाला बुखार है। यह बुखार खतरनाक जीवाणु ओरिएंटिया त्सुत्सुगामुशी नामक बैक्टीरिया की वजह से फैलता है। इससे लिवर, दिमाग और फेफड़ों में कई तरह का संक्रमण होने का खतरा रहता है। इस बीमारी में भी डेंगू की तरह प्लेटलेट्स की संख्या घटने लगती है। यह खुद तो संक्रामक नहीं है लेकिन इसकी वजह से शरीर के कई अंगों में संक्रमण फैलने लगता है।
एमएमजी अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. आरपी सिंह का कहना है कि कीड़े के काटने के दो हफ्ते के अंदर मरीज को तेज बुखार (102-103 डिग्री फारेनहाइट) होता है। इसमें सिरदर्द, खांसी, मांसपेशियों में दर्द व शरीर में कमजोरी आने लगती है। इस बीमारी से पीड़ित 40-50 फीसदी लोगों में कीड़े के काटने का निशान दिखता है। यह निशान गोल और ब्लैक मार्क होता है। आधे से अधिक लोगों में इसके निशान दिखते भी नहीं है। इस बीमारी का इलाज संभव है, लेकिन अगर देरी से इसका इलाज किया जाए तो इसका असर शरीर के कई अंगों पर होता है। इसकी जांच खून के सैंपल से किया जाता है। इस बीमारी का समय पर इलाज नहीं किया जाए तो फेफड़े, किडनी और लीवर पर भी इसका असर हो सकता है। समय रहते इलाज नहीं होने पर गंभीर होकर निमोनिया का रूप ले सकता है। कुछ मरीजों में लिवर व किडनी ठीक से काम नहीं कर पाती जिससे मरीज बेहोशी की हालत में चला जाता है। रोग गंभीर होने पर मरीज में प्लेटलेट्स की संख्या भी कम होने लगती है।
स्क्रब टाइफस के लक्षण
मरीज - बुधवार को पुष्टि - गैर जनपद - कुल मरीज - भर्ती
डेंगू - 11 - 04 - 29 - 17
मलेरिया - 00 - 10 - 00 - 10 - 02
स्क्रब टाइफस - 00 - 04 - 18 - 02
कुल टीम - 2081
काम किया - 2039
सर्वे के लिए चयनित घर - 130890
कुल घरों का सर्वे - 144801
गर्भवती महिलाएं - 941
शून्य से एक साल के बच्चे - 1451
45 वर्ष से अधिक टीका नहीं लगा - 13848
कोविड लक्षण वाले - 754
बुखार - 324
सर्दी-जुकाम - 280
टीबी - 09
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गाजियाबाद। कोरोना संक्रमण के कम होते ही डेंगू और अब स्क्रब टाइफस सहित वायरल के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। बुधवार को बुखार के 324, डेंगू के 15 और स्क्रब टाइफस के 18 मरीजों की पुष्टि हुई है। डेंगू के सात नए मरीजों के साथ ही कुल 17 मरीज भर्ती हैं। डेंगू के कुल मरीजों की संख्या 59 हो चुकी है। इनमें से 14 मरीज अन्य जिले के रहने वाले हैं। स्क्रब टाइफस के दो मरीज भर्ती हैं। हाउस सर्वे के दौरान कोरोना जैसे लक्षण वाले 280 मरीज मिले हैं।
जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि हाउस सर्वे में बुधवार को 144801 घरों में सर्वे किया गया। इनमें 45 वर्ष से अधिक आयु वाले 13848 ऐसे लोग मिले हैं, जिन्हें कोविड वैक्सीन की एक भी डोज नहीं लगी है। टीबी के 9 नए मरीज मिले हैं। 0 से 2 साल तक के लगभग 3500 बच्चे ऐसे मिले हैं, जिनका नियमित टीकाकरण नहीं हुआ है।
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24 घंटे शुरू की गई जांच
सीएमओ डॉ भवतोष शंखधार ने बताया कि जिले में तेजी से फैल रहे डेंगू और मलेरिया के वायरल के इलाज के लिए 24 घंटे जांच की सुविधा शुरू कराई है। एमएमजी और संयुक्त अस्पताल में 30-30 बेड के विशेष वार्ड बनाए गए हैं। इसके साथ ही सभी सीएचसी-पीएचसी पर फीवर वार्ड बनाए जा चुके हैं। सभी सीएचसी पर डेंगू और मलेरिया की जांच की सुविधा शुरू की गई है। जिला एमएमजी अस्पताल की पैथोलॉजी लैब में 24 घंटे डेंगू की जांच की जाएगी। इसके लिए लैब में अलग से स्टाफ को तैनात भी किया गया है। बुखार की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरे जिले में सर्वे करने के साथ लोगों को जागरूक भी कर रहा है। जिसके तहत मच्छरों को पनपने से रोकने और बुखार से बचने के तरीके बताए जा रहे हैं।
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क्या है स्क्रब टाइफस
वरिष्ठ फिजिशियन और आईएमए के पूर्व अध्यक्ष डॉ. वीबी जिंदल का कहना है कि स्क्रब टाइफस माइट यानी कीड़े के काटने से होने वाला बुखार है। यह बुखार खतरनाक जीवाणु ओरिएंटिया त्सुत्सुगामुशी नामक बैक्टीरिया की वजह से फैलता है। इससे लिवर, दिमाग और फेफड़ों में कई तरह का संक्रमण होने का खतरा रहता है। इस बीमारी में भी डेंगू की तरह प्लेटलेट्स की संख्या घटने लगती है। यह खुद तो संक्रामक नहीं है लेकिन इसकी वजह से शरीर के कई अंगों में संक्रमण फैलने लगता है।
एमएमजी अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. आरपी सिंह का कहना है कि कीड़े के काटने के दो हफ्ते के अंदर मरीज को तेज बुखार (102-103 डिग्री फारेनहाइट) होता है। इसमें सिरदर्द, खांसी, मांसपेशियों में दर्द व शरीर में कमजोरी आने लगती है। इस बीमारी से पीड़ित 40-50 फीसदी लोगों में कीड़े के काटने का निशान दिखता है। यह निशान गोल और ब्लैक मार्क होता है। आधे से अधिक लोगों में इसके निशान दिखते भी नहीं है। इस बीमारी का इलाज संभव है, लेकिन अगर देरी से इसका इलाज किया जाए तो इसका असर शरीर के कई अंगों पर होता है। इसकी जांच खून के सैंपल से किया जाता है। इस बीमारी का समय पर इलाज नहीं किया जाए तो फेफड़े, किडनी और लीवर पर भी इसका असर हो सकता है। समय रहते इलाज नहीं होने पर गंभीर होकर निमोनिया का रूप ले सकता है। कुछ मरीजों में लिवर व किडनी ठीक से काम नहीं कर पाती जिससे मरीज बेहोशी की हालत में चला जाता है। रोग गंभीर होने पर मरीज में प्लेटलेट्स की संख्या भी कम होने लगती है।
स्क्रब टाइफस के लक्षण
मरीज - बुधवार को पुष्टि - गैर जनपद - कुल मरीज - भर्ती
डेंगू - 11 - 04 - 29 - 17
मलेरिया - 00 - 10 - 00 - 10 - 02
स्क्रब टाइफस - 00 - 04 - 18 - 02
कुल टीम - 2081
काम किया - 2039
सर्वे के लिए चयनित घर - 130890
कुल घरों का सर्वे - 144801
गर्भवती महिलाएं - 941
शून्य से एक साल के बच्चे - 1451
45 वर्ष से अधिक टीका नहीं लगा - 13848
कोविड लक्षण वाले - 754
बुखार - 324
सर्दी-जुकाम - 280
टीबी - 09