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निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट लगे, सरकारी में अभी तारीख पर तारीख
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निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट लगे सरकारी में अभी तारीख पर तारीख
गाजियाबाद। कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए छह निजी अस्पतालों में तो ऑक्सीजन बनाने के प्लांट लग गए लेकिन सरकारी अस्पतालों में सिर्फ तारीख पर तारीख चल रहा है। नौ अस्पतालों में प्लांट लगाने की पहले तारीख सात जून तक दी गई थी। फिर इसे बढ़ाकर 15 जून कर दिया गया। तीसरी तारीख 30 जून आई । यह नजदीक आई तो नई तारीख 15 जुलाई कर दी गई। यह हाल तब है जबकि घोषणाएं और दावे मार्च से ही शुरू हो गए थे।
दूसरी लहर में सबसे ज्यादा कमी ऑक्सीजन की महसूस हुई थी। अस्पतालों में नौ ऑक्सीजन के बोर्ड तक लग गए थे। तब अप्रैल के शुरू में ही जिला प्रशासन ने तय किया था कि 50 से अधिक बेड वाले निजी अस्पताल अपने ऑक्सीजन उत्पादन प्लांट लगाए जाएं। ये सरकारी में भी लगाए जाएंगे। सरकारी में नौ प्लांट मंजूर किए गए। इन पर काम शुरु हुआ लेकिन चाल कछुए की है, इसलिए देरी पर
देरी हुए जा रही है। स्थिति यह है कि एक भी प्लांट तैयार नहीं हुआ है।
इन नौ में एक प्लांट संयुक्त अस्पताल का भी है। यहां के लिए तो मार्च से बातें हो रही हैं। डीआरडीओ की ओर से मार्च में सहमति दे दी गई थी। तब स्वास्थ्य राज्यमंत्री अतुल गर्ग का दावा था कि 15 दिन में प्लांट शुरु हो जाएगा लेकिन हुआ अब तक नहीं। अस्पताल के सीएमएस डॉ. संजय तेवतिया ने बताया कि सोमवार को डीआरडीओ की टेक्निकल टीम ने प्लांट लगाने के लिए सर्वे किया था और कहा है कि जल्द ही प्लांट लगा देंगे।
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यह है प्लांटों की स्थिति
1. ईएसआईसी अस्पताल राजेंद्र नगर - प्लांट लगाने का काम जारी है।
2. संयुक्त जिला अस्पताल - प्लांट स्थापित किए जाने का काम चल रहा है।
3. एमएमजी अस्पताल - काम चल रहा है, सात जुलाई तक पूरा होने का दावा है।
4. जिला महिला अस्पताल - अभी तक फांडेशन का भी काम शुरू नहीं हुआ है।
5. सीएचसी मुरादनगर - इसका पूरा बजट ही जारी नहीं किया गया है।
6. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लोनी - मशीन, उपकरण की खरीद नहीं हुई है।
7. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोदीनगर - काम शुरु नहीं हो पाया है।
8. प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भोजपुर - पाइप लाइन का कार्य शुरू किया गया है।
9. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डासना - न बजट जारी हुआ, न निर्माण एजेंसी तय हुई।
यहां शुरू हुए प्लांट
नोडल अधिकारी अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुनील त्यागी ने बताया कि पहले चरण में एक सौ बेड वाले 12 अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट लगाने के निर्देश दिए गए थे। उनमें से छह अस्पताल दोनों यशोदा अस्पताल, सेंट जोसफ अस्पताल मरियम नगर, गायत्री अस्पताल लोहिया नगर, वरदान सुपर स्पेशिलिटी, क्लियर मेडी में प्लांट शुरू हो चुका है। अन्य छह अस्पतालों में कार्य प्रगति पर है। 30 जून से पहले ही शुरू हो जाएंगे। डॉ. सुनील त्यागी ने बताया कि दूसरे चरण में 50 बेड वाले अस्पतालों के साथ बैठक कर उनमें भी प्लांट लगाने का कार्य शुरू कराया जाएगा।
अस्पताल उत्पादन
यशोदा 100 एलपीएम
गायत्री 200 एलपीएम
सेंट जोसफ 150 एलपीएम
वरदान 200 एलपीएम
क्लियर मेडी 150 एलपीएम
नोट : 100 एलपीएम (लीटर प्रति मिनट) वाले ऑक्सीजन प्लांट से 24 घंटे में 35 से 50 सिलिंडर भरे जा सकते हैं।
कोट
सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट लगाने के लिए जिलाधिकारी ने मंगलवार को बैठक की थी, उसमें निर्देश दिए गए हैं कि 15 जुलाई तक आक्सीजन प्लांट शुरू कर दिए जाएं। तीसरी लहर से पहले ही जिले में सभी प्लांट शुरू हो जाएंगे।
- डॉ एनके गुप्ता, सीएमओ
तीसरी लहर आने से पहले ही पूरी तैयारी हो जाएगी। आक्सीजन प्लांट लगाने का काम भी तेजी से चल रहा है। मुझे जो रिपोर्ट मिली है, उसके अनुसार 15 जुलाई तक सभी प्लांट शुरू हो जाएंगेे।
- अतुल गर्ग, स्वास्थ्य राज्यमंत्री
अप्रैल व मई में आक्सीजन की मांग - 150 मीट्रिक टन
आपूर्ति - 30से 50 टन
वर्तमान में मांग - एक से डेढ़ टन
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गाजियाबाद। कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए छह निजी अस्पतालों में तो ऑक्सीजन बनाने के प्लांट लग गए लेकिन सरकारी अस्पतालों में सिर्फ तारीख पर तारीख चल रहा है। नौ अस्पतालों में प्लांट लगाने की पहले तारीख सात जून तक दी गई थी। फिर इसे बढ़ाकर 15 जून कर दिया गया। तीसरी तारीख 30 जून आई । यह नजदीक आई तो नई तारीख 15 जुलाई कर दी गई। यह हाल तब है जबकि घोषणाएं और दावे मार्च से ही शुरू हो गए थे।
दूसरी लहर में सबसे ज्यादा कमी ऑक्सीजन की महसूस हुई थी। अस्पतालों में नौ ऑक्सीजन के बोर्ड तक लग गए थे। तब अप्रैल के शुरू में ही जिला प्रशासन ने तय किया था कि 50 से अधिक बेड वाले निजी अस्पताल अपने ऑक्सीजन उत्पादन प्लांट लगाए जाएं। ये सरकारी में भी लगाए जाएंगे। सरकारी में नौ प्लांट मंजूर किए गए। इन पर काम शुरु हुआ लेकिन चाल कछुए की है, इसलिए देरी पर
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देरी हुए जा रही है। स्थिति यह है कि एक भी प्लांट तैयार नहीं हुआ है।
इन नौ में एक प्लांट संयुक्त अस्पताल का भी है। यहां के लिए तो मार्च से बातें हो रही हैं। डीआरडीओ की ओर से मार्च में सहमति दे दी गई थी। तब स्वास्थ्य राज्यमंत्री अतुल गर्ग का दावा था कि 15 दिन में प्लांट शुरु हो जाएगा लेकिन हुआ अब तक नहीं। अस्पताल के सीएमएस डॉ. संजय तेवतिया ने बताया कि सोमवार को डीआरडीओ की टेक्निकल टीम ने प्लांट लगाने के लिए सर्वे किया था और कहा है कि जल्द ही प्लांट लगा देंगे।
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यह है प्लांटों की स्थिति
1. ईएसआईसी अस्पताल राजेंद्र नगर - प्लांट लगाने का काम जारी है।
2. संयुक्त जिला अस्पताल - प्लांट स्थापित किए जाने का काम चल रहा है।
3. एमएमजी अस्पताल - काम चल रहा है, सात जुलाई तक पूरा होने का दावा है।
4. जिला महिला अस्पताल - अभी तक फांडेशन का भी काम शुरू नहीं हुआ है।
5. सीएचसी मुरादनगर - इसका पूरा बजट ही जारी नहीं किया गया है।
6. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लोनी - मशीन, उपकरण की खरीद नहीं हुई है।
7. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोदीनगर - काम शुरु नहीं हो पाया है।
8. प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भोजपुर - पाइप लाइन का कार्य शुरू किया गया है।
9. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डासना - न बजट जारी हुआ, न निर्माण एजेंसी तय हुई।
यहां शुरू हुए प्लांट
नोडल अधिकारी अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुनील त्यागी ने बताया कि पहले चरण में एक सौ बेड वाले 12 अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट लगाने के निर्देश दिए गए थे। उनमें से छह अस्पताल दोनों यशोदा अस्पताल, सेंट जोसफ अस्पताल मरियम नगर, गायत्री अस्पताल लोहिया नगर, वरदान सुपर स्पेशिलिटी, क्लियर मेडी में प्लांट शुरू हो चुका है। अन्य छह अस्पतालों में कार्य प्रगति पर है। 30 जून से पहले ही शुरू हो जाएंगे। डॉ. सुनील त्यागी ने बताया कि दूसरे चरण में 50 बेड वाले अस्पतालों के साथ बैठक कर उनमें भी प्लांट लगाने का कार्य शुरू कराया जाएगा।
अस्पताल उत्पादन
यशोदा 100 एलपीएम
गायत्री 200 एलपीएम
सेंट जोसफ 150 एलपीएम
वरदान 200 एलपीएम
क्लियर मेडी 150 एलपीएम
नोट : 100 एलपीएम (लीटर प्रति मिनट) वाले ऑक्सीजन प्लांट से 24 घंटे में 35 से 50 सिलिंडर भरे जा सकते हैं।
कोट
सरकारी अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट लगाने के लिए जिलाधिकारी ने मंगलवार को बैठक की थी, उसमें निर्देश दिए गए हैं कि 15 जुलाई तक आक्सीजन प्लांट शुरू कर दिए जाएं। तीसरी लहर से पहले ही जिले में सभी प्लांट शुरू हो जाएंगे।
- डॉ एनके गुप्ता, सीएमओ
तीसरी लहर आने से पहले ही पूरी तैयारी हो जाएगी। आक्सीजन प्लांट लगाने का काम भी तेजी से चल रहा है। मुझे जो रिपोर्ट मिली है, उसके अनुसार 15 जुलाई तक सभी प्लांट शुरू हो जाएंगेे।
- अतुल गर्ग, स्वास्थ्य राज्यमंत्री
अप्रैल व मई में आक्सीजन की मांग - 150 मीट्रिक टन
आपूर्ति - 30से 50 टन
वर्तमान में मांग - एक से डेढ़ टन