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विडंबना: अपने लाल को अपना साबित करने के सुबूत जुटा रही मां, लिव-इन में जन्मा बच्चा, अब अनाथालय में रहने को मजबूर

Thu, 30 Sep 2021 06:05 PM IST
पूजा त्रिपाठी रश्मि ओझा, अमर उजाला, गाजियाबाद
रश्मि ओझा, अमर उजाला, गाजियाबाद Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Thu, 30 Sep 2021 06:05 PM IST
सार

लोनी का यह मामला चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) के पास पहुंचा है। कमेटी ने ही महिला से कहा है कि उसे बच्चा तभी मिल सकता है जब यह साबित हो जाए कि यह उसी का है। लोनी थाने में बच्चा 18 सितंबर को छोड़ा गया था।

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Ghaziabad woman who gave birth to baby in live in is forced to collect proofs to get his son from orphanage read full story
प्रतीकात्मक फोटो - फोटो : Pixabay

विस्तार

यह दर्द भरी दास्तां ऐसी बेबस मां की है जो अपने जिगर के टुकड़े को अपना साबित करने के लिए सुबूतों की परीक्षा देने पर मजबूर हो गई है। जिस युवक के साथ लिव-इन में रहने के दौरान बालक का जन्म हुआ, वह नौकरी छूटते ही उसे छोड़कर चला गया। समाज के सवालों के डर से नानी बालक को ममता के आंचल से दूर कर चुपचाप थाने में छोड़ आई। थाने से वह अनाथालय पहुंचा दिया गया। अब मां होते हुए भी तीन माह का मासूम दस दिन से अनाथ की तरह रह रहा है। दोनों के बीच है कानून की दीवार। इसे गिराने के लिए मां सुबूतों का हथौड़ा ढूंढ रही है।

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लोनी का यह मामला चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) के पास पहुंचा है। कमेटी ने ही महिला से कहा है कि उसे बच्चा तभी मिल सकता है जब यह साबित हो जाए कि यह उसी का है। लोनी थाने में बच्चा 18 सितंबर को छोड़ा गया था। थाने में कैमरे लगे हैं। महिला ने पुलिस से उस समय के सीसीटीवी फुटेज मांगे हैं, जब उसकी मां बच्चे को थाने में छोड़ आई थी।
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पुलिस को यह लिखकर देना है कि बच्चा वही है, जो थाना पर छोड़ा गया था। इसके लिए फुटेज और फोटो देने हैं, लेकिन अड़चन यह है कि पुलिस इसके लिए राजी नहीं हुई। इस पर महिला एसएसपी पवन कुमार के पास पहुंची और दरखास्त की कि इसे सुबूत दिए जाएं। एसएसपी ने लोनी थाना को मामले की पड़ताल कर रिपोर्ट देने के लिए कहा है। महिला एवं बाल कल्याण अधिकारी विकास चंद्र ने बताया कि इस मामले में एसएसपी से बात की गई है। पुलिस सुबूत जुटाकर देगी।

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पुलिस ने रिपोर्ट नहीं दी तो डीएनए टेस्ट होगा

सीडब्ल्यूसी के अध्यक्ष जीपी भद्रदास ने बताया कि अगर पुलिस यह लिखित रिपोर्ट नहीं देती है कि बच्चा इसी महिला का होने के सुबूत मौजूद हैं तो फिर डीएनए टेस्ट का ही रास्ता बचेगा। बच्चे और उसकी मां होने का दावा करने वाली महिला के डीएनए का मिलान कराया जाएगा।

एक मां का दर्द देख, दूसरी की ममता जागी
जो नानी बालक को थाने छोड़ आई थी, वह भी अब अपनी बेटी का साथ दे रही है। उसने सीडब्ल्यूसी के सामने बयान दिया है कि बालक को लोनी थाना में वही छोड़कर आई थी। उसे डर था कि समाज उससे सवाल करेगा कि बिन ब्याही बेटी मां कैसे बनी ? लेकिन जिगर के टुकड़े के लिए बेटी की तड़प देख उससे रहा नहीं गया।  बच्चे को लापता मानकर बेटी ने खाना तक छोड़ दिया था। तब उसे सच बताना पड़ा।

नौकरी के दौरान हुई थी दोस्ती
महिला और युवक तीन साल पहले फरीदाबाद में एक ही कंपनी में नौकरी करते थे। दोनों में दोस्ती हुई। फिर फरीदाबाद में ही साथ रहने लगे। वहीं पर बच्चा हुआ। युवक जब उन्हें छोड़ गया तो युवती बच्चे को लेकर लोनी में मां के पास आ गई।

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