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पटाखों के धुएं से रात में फूली सांस, दिन में हवा ने दी राहत
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पटाखों के धुएं से रात में फूली सांस, दिन में हवा ने दी राहत
साहिबाबाद। दिवाली पर बढ़ते प्रदूषण को लेकर प्रशासन की पटाखों पर पाबंदी हवा-हवाई साबित हुई। लोगों ने जगह-जगह जमकर पटाखे फोड़े जिसका असर यह हुआ कि सोमवार रात दस बजे से लेकर मंगलवार दोपहर चार बजे तक इंदिरापुरम में 295 जबकि लोनी स्टेशन पर सबसे ज्यादा 356 एक्यूआई दर्ज हुआ। इससे लोगों को सांस लेने और आंखों में जलन महसूस हुई। हालांकि दिन में 18 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चलने पर शहर का प्रदूषण स्तर 266 रहा जो बीते तीन साल में दिवाली पर सबसे कम रहा।
प्रदूषण बोर्ड की मॉनिटरिंग साइट पर सोमवार को दिवाली पर पटाखे फोड़ने से पहले ही एक्यूआई 300 दर्ज हो गया था लेकिन इंदिरापुरम और लोनी में पटाखे ज्यादा फोड़ने, वाहनों का अधिक दबाव, टूटी सड़कों से उड़ती धूल, निर्माण साइटों पर पानी का छिड़काव नहीं होने व कूड़े में लगी आग के कारण पीएम10 और पीएम2.5 के कणों ने काफी ज्यादा परेशान किया। मंगलवार को शहर का एक्यूआई तीन सालों में सबसे कम 266 पर दर्ज किया गया। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी उत्सव शर्मा का कहना है कि लोनी जनपद का सबसे ज्यादा प्रदूषित स्टेशन रहा। यहां पूरे दिन एक्यूआई बेहद खराब श्रेणी 356 में दर्ज किया गया। वहीं, संजय नगर और वसुंधरा में प्रदूषण स्तर सोमवार दस बजे से मंगलवार शाम चार बजे तक ऑरेंज जोन में प्राप्त हुआ। वसुंधरा व संजय नगर में सोमवार रात दस बजे प्रदूषण स्तर 273 व 237 था वो मंगलवार शाम चार बजे तक 207 और 208 एक्यूआई पर पहुंच गया। क्षेत्रीय अधिकारी का कहना है कि हवा की गति तेज होने और तापमान अधिक रहने से प्रदूषण में कमी रिकॉर्ड हुई है। इसका लाभ लोगों को अगले तीन-चार दिन तक मिलेगा।
पांच साल में दिवाली पर प्रदूषण का हाल
वर्ष एक्यूआई
2022 300
2021 419
2020 456
2019 298
2018 295
यह है जुर्माने की कार्रवाई
खुले में कूड़ा जलाने पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से 25-50 हजार रुपये जुर्माने की कार्रवाई
जीडीए, निगम और प्रशासन द्वारा 10 हजार से 5 लाख रुपये तक खुले में निर्माण सामग्री रखने पर
संबंधित विभाग द्वारा 50 हजार रुपये का जुर्माना सड़क पर धूल उड़ने के लिए
पांच हजार रुपये प्रतिदिन उद्योगों पर सीपीसीबी के नियमों के मुताबिक
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साहिबाबाद। दिवाली पर बढ़ते प्रदूषण को लेकर प्रशासन की पटाखों पर पाबंदी हवा-हवाई साबित हुई। लोगों ने जगह-जगह जमकर पटाखे फोड़े जिसका असर यह हुआ कि सोमवार रात दस बजे से लेकर मंगलवार दोपहर चार बजे तक इंदिरापुरम में 295 जबकि लोनी स्टेशन पर सबसे ज्यादा 356 एक्यूआई दर्ज हुआ। इससे लोगों को सांस लेने और आंखों में जलन महसूस हुई। हालांकि दिन में 18 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चलने पर शहर का प्रदूषण स्तर 266 रहा जो बीते तीन साल में दिवाली पर सबसे कम रहा।
प्रदूषण बोर्ड की मॉनिटरिंग साइट पर सोमवार को दिवाली पर पटाखे फोड़ने से पहले ही एक्यूआई 300 दर्ज हो गया था लेकिन इंदिरापुरम और लोनी में पटाखे ज्यादा फोड़ने, वाहनों का अधिक दबाव, टूटी सड़कों से उड़ती धूल, निर्माण साइटों पर पानी का छिड़काव नहीं होने व कूड़े में लगी आग के कारण पीएम10 और पीएम2.5 के कणों ने काफी ज्यादा परेशान किया। मंगलवार को शहर का एक्यूआई तीन सालों में सबसे कम 266 पर दर्ज किया गया। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी उत्सव शर्मा का कहना है कि लोनी जनपद का सबसे ज्यादा प्रदूषित स्टेशन रहा। यहां पूरे दिन एक्यूआई बेहद खराब श्रेणी 356 में दर्ज किया गया। वहीं, संजय नगर और वसुंधरा में प्रदूषण स्तर सोमवार दस बजे से मंगलवार शाम चार बजे तक ऑरेंज जोन में प्राप्त हुआ। वसुंधरा व संजय नगर में सोमवार रात दस बजे प्रदूषण स्तर 273 व 237 था वो मंगलवार शाम चार बजे तक 207 और 208 एक्यूआई पर पहुंच गया। क्षेत्रीय अधिकारी का कहना है कि हवा की गति तेज होने और तापमान अधिक रहने से प्रदूषण में कमी रिकॉर्ड हुई है। इसका लाभ लोगों को अगले तीन-चार दिन तक मिलेगा।
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पांच साल में दिवाली पर प्रदूषण का हाल
वर्ष एक्यूआई
2022 300
2021 419
2020 456
2019 298
2018 295
यह है जुर्माने की कार्रवाई
खुले में कूड़ा जलाने पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से 25-50 हजार रुपये जुर्माने की कार्रवाई
जीडीए, निगम और प्रशासन द्वारा 10 हजार से 5 लाख रुपये तक खुले में निर्माण सामग्री रखने पर
संबंधित विभाग द्वारा 50 हजार रुपये का जुर्माना सड़क पर धूल उड़ने के लिए
पांच हजार रुपये प्रतिदिन उद्योगों पर सीपीसीबी के नियमों के मुताबिक