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लोनी की हवा में घुला जहर, प्रदूषण से घुट रहा दम
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लोनी की हवा में घुला जहर, प्रदूषण से घुट रहा दम
साहिबाबाद। झुलसाने वाली गर्मी के बीच शहर में प्रदूषण का स्तर फिर से लोगों की सांसों पर संकट गहराने लगा है। बुधवार को यहां प्रदूषण स्तर माह में सबसे प्रदूषित खराब श्रेणी में 375 रिकॉर्ड हुआ। सबसे बुरी हालत लोनी स्टेशन की है। वहां हवा में जहर घुल रहा है। एयर क्वॉलिटी इंडेक्स 400 के पार दर्ज किया गया, जिससे लोगों में सांस लेने में दिक्कत हो रही है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने नगर पालिका को पानी का छिड़काव कराने और ई-वेस्ट जलाने वालों पर सख्त कार्रवाई करने के लिए कहा है।
प्रदूषण मॉनिटरिंग की साइट पर आंकड़े चौंकाने वाले हैं। अभी तक सबसे कम प्रदूषण 6 जून को 216 रिकॉर्ड हुआ था लेकिन बुधवार को यह स्तर खराब श्रेणी में 375 पर पहुंच गया। टूटी सड़कों और निर्माण साइटों से उड़ती धूल मिट्टी, पानी का छिड़काव नहीं होना और विभिन्न जगहों पर कूड़े में आग लगने की घटनाओं से प्रदूषण बढ़ रहा है। इससे अस्थमा के मरीजों को सांस लेने में दिक्कत महसूस होने लगी है। चिंता की बात है कि लोनी स्टेशन पर दो दिनों से एक्यूआई 403 के बाद बुधवार को सर्वाधिक 451 मापा गया। आंकड़े बताते हैं कि इस माह में एक दिन भी लोनी के अंदर प्रदूषण औसत श्रेणी में नहीं रहा है। पहले दिन से ही एक्यूआई 289 के स्तर से बढ़ता गया। जनवरी के बाद इस माह में लोनी की हवा इतनी खराब हुई है। आंकड़ों के अनुसार, 3 जनवरी को लोनी में एक्यूआई सर्वाधिक 462 रिकॉर्ड हुआ था। उसके बाद बुधवार को यह स्तर 451 पर मापा गया।
जून माह में शहर का प्रदूषण का स्तर
1 जून 310
2 जून 233
3 जून 285
4 जून 258
5 जून 247
6 जून 216
7 जून 290
8 जून 375
वर्ष 2022 में प्रतिमाह लोनी का सर्वाधिक प्रदूषण
03 जनवरी - 462
01 फरवी - 417
31 मार्च - 433
29 अप्रैल - 440
20 मई - 399
08 जून - 451
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साहिबाबाद। झुलसाने वाली गर्मी के बीच शहर में प्रदूषण का स्तर फिर से लोगों की सांसों पर संकट गहराने लगा है। बुधवार को यहां प्रदूषण स्तर माह में सबसे प्रदूषित खराब श्रेणी में 375 रिकॉर्ड हुआ। सबसे बुरी हालत लोनी स्टेशन की है। वहां हवा में जहर घुल रहा है। एयर क्वॉलिटी इंडेक्स 400 के पार दर्ज किया गया, जिससे लोगों में सांस लेने में दिक्कत हो रही है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने नगर पालिका को पानी का छिड़काव कराने और ई-वेस्ट जलाने वालों पर सख्त कार्रवाई करने के लिए कहा है।
प्रदूषण मॉनिटरिंग की साइट पर आंकड़े चौंकाने वाले हैं। अभी तक सबसे कम प्रदूषण 6 जून को 216 रिकॉर्ड हुआ था लेकिन बुधवार को यह स्तर खराब श्रेणी में 375 पर पहुंच गया। टूटी सड़कों और निर्माण साइटों से उड़ती धूल मिट्टी, पानी का छिड़काव नहीं होना और विभिन्न जगहों पर कूड़े में आग लगने की घटनाओं से प्रदूषण बढ़ रहा है। इससे अस्थमा के मरीजों को सांस लेने में दिक्कत महसूस होने लगी है। चिंता की बात है कि लोनी स्टेशन पर दो दिनों से एक्यूआई 403 के बाद बुधवार को सर्वाधिक 451 मापा गया। आंकड़े बताते हैं कि इस माह में एक दिन भी लोनी के अंदर प्रदूषण औसत श्रेणी में नहीं रहा है। पहले दिन से ही एक्यूआई 289 के स्तर से बढ़ता गया। जनवरी के बाद इस माह में लोनी की हवा इतनी खराब हुई है। आंकड़ों के अनुसार, 3 जनवरी को लोनी में एक्यूआई सर्वाधिक 462 रिकॉर्ड हुआ था। उसके बाद बुधवार को यह स्तर 451 पर मापा गया।
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जून माह में शहर का प्रदूषण का स्तर
1 जून 310
2 जून 233
3 जून 285
4 जून 258
5 जून 247
6 जून 216
7 जून 290
8 जून 375
वर्ष 2022 में प्रतिमाह लोनी का सर्वाधिक प्रदूषण
03 जनवरी - 462
01 फरवी - 417
31 मार्च - 433
29 अप्रैल - 440
20 मई - 399
08 जून - 451