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गंदगी के अंबार को हटा उगा दिए हरियाली के फूल
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गंदगी के अंबार को हटा उगा दिए हरियाली के फूल
वैशाली। कभी कूड़े के ढेर से उठती दुर्गंध की वजह सेक्टर-चार स्थित पाम कोर्ट पार्क के आसपास रहने वाले लोग अपनी बालकनी की खिड़की तक नहीं खोलते थे वहीं, अब अपनी मेहनत से संवारे गए इस पार्क में सुबह-शाम टहलने पहुंच रहे हैं। पर्यावरण हित में लोगों ने न सिर्फ पौधे रोप बल्कि उनकी देखभाल कर हरियाली को भी बढ़ाया। लोगों ने तीन एकड़ जमीन से कूड़े का ढेर हटाकर करीब छह हजार पौधे लगाए।
पार्क देखरेख समिति से जुड़े अरविंद पांडेय का कहना है कि लोग गंदगी से परेशान थे। पार्क को संवारने के लिए सितंबर 2020 में स्थानीय लोग आगे आए। समिति ने तय किया कि लोग पार्क को संवारने में न केवल अपना समय बल्कि बजट भी लगाएंगे। इसके बाद पार्क की सफाई का काम शुरू हो गया। लोगों ने नगर निगम के सहयोग से पहले यहां पड़ा कई ट्रक कूड़ा हटवाया। इसके बाद जमीन का समतलीकरण कराकर पहली बार तीन सितंबर को प्रथम वृक्षारोपण किया।
34 लाख रुपये से संवारा पार्क
पार्क को संवारने में करीब 34 लाख रुपये का खर्च आया है। इस बजट का भुगतान समिति सदस्यों ने अपनी जेब से किया, इसमें बड़ा सहयोग अरविंद पांडेय का है। निजी खर्चे पर दो झोंपड़ी, 30 से ज्यादा बैंच, 12 झूले व एक गार्ड रूम उन्होंने बनवाया है। पार्क की देखरेख निजी खर्चे पर की जा रही है जबकि नगर निगम की ओर से बिजली कनेक्शन, पानी की व्यवस्था, रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम व कंपोस्ट पिट की व्यवस्था कराई गई है। पार्क के आसपास 11 से ज्यादा सोसायटी के 15 हजार लोगों को शुद्ध हवा मिल रही है।
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छांव के साथ काम के पौधे
पार्क की देखरेख करने वाले माली ने बताया कि पार्क में पॉम के पेड़, पीपल, बरगद, नीम, पिलखन, बेल, कटहल, गुलमोहर, आम, अर्जुन, अशोक, सेमल, आंवला, केला, अमरूद, नींबू आदि के पेड़ लगे हुए हैं। सुगंध वाले पौधो में गुलाब, फाइकस, डूरंटा, मेहंदी, कनेर, रंग बिरंगे गुड़हल आदि भी लगे हैं। कारपेट घास भी लगवाई गई है। पार्क के एक हिस्से में जापान की मियावाकी पद्धति से भी कलस्टर में पेड़ पौधे लगाए जा रहे हैं।
घुटने बचाने को बनवाया कच्चा ट्रैक
पार्क की देखरेख समिति में चिकित्सक भी जुड़े हुए हैं। चिकित्सकों की सलाह पर पार्क में पक्का ट्रैक (कंक्रीट) निर्माण के अलावा कच्चा ट्रैक भी बनवाया गया है, जिससे लोग कच्चे ट्रैक पर भी चल सकें।
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वैशाली। कभी कूड़े के ढेर से उठती दुर्गंध की वजह सेक्टर-चार स्थित पाम कोर्ट पार्क के आसपास रहने वाले लोग अपनी बालकनी की खिड़की तक नहीं खोलते थे वहीं, अब अपनी मेहनत से संवारे गए इस पार्क में सुबह-शाम टहलने पहुंच रहे हैं। पर्यावरण हित में लोगों ने न सिर्फ पौधे रोप बल्कि उनकी देखभाल कर हरियाली को भी बढ़ाया। लोगों ने तीन एकड़ जमीन से कूड़े का ढेर हटाकर करीब छह हजार पौधे लगाए।
पार्क देखरेख समिति से जुड़े अरविंद पांडेय का कहना है कि लोग गंदगी से परेशान थे। पार्क को संवारने के लिए सितंबर 2020 में स्थानीय लोग आगे आए। समिति ने तय किया कि लोग पार्क को संवारने में न केवल अपना समय बल्कि बजट भी लगाएंगे। इसके बाद पार्क की सफाई का काम शुरू हो गया। लोगों ने नगर निगम के सहयोग से पहले यहां पड़ा कई ट्रक कूड़ा हटवाया। इसके बाद जमीन का समतलीकरण कराकर पहली बार तीन सितंबर को प्रथम वृक्षारोपण किया।
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34 लाख रुपये से संवारा पार्क
पार्क को संवारने में करीब 34 लाख रुपये का खर्च आया है। इस बजट का भुगतान समिति सदस्यों ने अपनी जेब से किया, इसमें बड़ा सहयोग अरविंद पांडेय का है। निजी खर्चे पर दो झोंपड़ी, 30 से ज्यादा बैंच, 12 झूले व एक गार्ड रूम उन्होंने बनवाया है। पार्क की देखरेख निजी खर्चे पर की जा रही है जबकि नगर निगम की ओर से बिजली कनेक्शन, पानी की व्यवस्था, रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम व कंपोस्ट पिट की व्यवस्था कराई गई है। पार्क के आसपास 11 से ज्यादा सोसायटी के 15 हजार लोगों को शुद्ध हवा मिल रही है।
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छांव के साथ काम के पौधे
पार्क की देखरेख करने वाले माली ने बताया कि पार्क में पॉम के पेड़, पीपल, बरगद, नीम, पिलखन, बेल, कटहल, गुलमोहर, आम, अर्जुन, अशोक, सेमल, आंवला, केला, अमरूद, नींबू आदि के पेड़ लगे हुए हैं। सुगंध वाले पौधो में गुलाब, फाइकस, डूरंटा, मेहंदी, कनेर, रंग बिरंगे गुड़हल आदि भी लगे हैं। कारपेट घास भी लगवाई गई है। पार्क के एक हिस्से में जापान की मियावाकी पद्धति से भी कलस्टर में पेड़ पौधे लगाए जा रहे हैं।
घुटने बचाने को बनवाया कच्चा ट्रैक
पार्क की देखरेख समिति में चिकित्सक भी जुड़े हुए हैं। चिकित्सकों की सलाह पर पार्क में पक्का ट्रैक (कंक्रीट) निर्माण के अलावा कच्चा ट्रैक भी बनवाया गया है, जिससे लोग कच्चे ट्रैक पर भी चल सकें।