{"_id":"6ae1dff195a030cbf601f733","slug":"ghaziabad-pooja-pulls-her-husband-manish-back-from-jaws-of-death-joy-returns-on-karwa-chauth-2026-10-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"कलयुग की सावित्री: गाजियाबाद की पूजा ने पति मनीष को मौत के मुंह से निकाला, करवा चौथ पर लौट आईं खुशियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कलयुग की सावित्री: गाजियाबाद की पूजा ने पति मनीष को मौत के मुंह से निकाला, करवा चौथ पर लौट आईं खुशियां
Wed, 28 Oct 2026 05:35 PM IST
Digvijay Singh
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
Published by: Digvijay Singh
Updated Wed, 28 Oct 2026 05:35 PM IST
सार
मनीष चौहान एक टेलीकॉम कंपनी की नौकरी छोड़कर अपने छोटे भाई के साथ मिलकर इंश्योरेंस क्लेम से जुड़ा काम करते थे। सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन रक्षाबंधन के पावन पर्व पर जब वह एक रिश्तेदार के यहां गए, तब उन्हें अपनी तबीयत बिगड़ने का अहसास हुआ।
विज्ञापन
पूजा और मनीष
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सत्यवान-सावित्री की अमर कथा तो आपने कई बार सुनी होगी, जिसमें सावित्री ने अपने पति के प्राण यमराज से छुड़ाए थे। सतयुग की उस पौराणिक कथा को आज के कलयुग में जीवंत कर दिखाया है गाजियाबाद के विजयनगर की रहने वाली एक साहसी पत्नी पूजा चौहान ने। जहां एक तरफ आज के दौर में रिश्तों को कलंकित करने वाली कुछ घटनाएं सामने आती हैं, वहीं पूजा ने अपने पति मनीष चौहान को अपने शरीर का लीवर (अंगदान) देकर उन्हें मौत के मुंह से वापस खींच लाई हैं। इस करवा चौथ पर इस दंपती के जीवन में एक बार फिर खुशियों की बहार लौट आई है।
विज्ञापन
बीमारी और टूटती सांसे
मनीष चौहान एक टेलीकॉम कंपनी की नौकरी छोड़कर अपने छोटे भाई के साथ मिलकर इंश्योरेंस क्लेम से जुड़ा काम करते थे। सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन रक्षाबंधन के पावन पर्व पर जब वह एक रिश्तेदार के यहां गए, तब उन्हें अपनी तबीयत बिगड़ने का अहसास हुआ। डॉक्टरों से जांच कराने पर पीलिया के लक्षण मिले। देश के अलग-अलग अस्पतालों में इलाज कराया गया, लेकिन कोई राहत नहीं मिली। इसके बाद कुछ और मेडिकल टेस्ट हुए, जिसमें मनीष को 'लिवर सिरोसिस' जैसी गंभीर बीमारी की पुष्टि हुई।
विज्ञापन
डॉक्टरों ने तुरंत लिवर ट्रांसप्लांट करने की सलाह दी। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। घर में दो छोटे-छोटे बच्चे थे और मनीष की मां की उम्र काफी अधिक हो चुकी थी, जिस वजह से वह अपने बेटे को लिवर डोनेट करने में असमर्थ थीं।
विज्ञापन
'मैं मौत को छूकर टक से वापस आ जाऊंगा'
ऐसे समय में पत्नी पूजा ने बिना एक पल गंवाए आगे बढ़कर लीवर डोनेट करने की बात कही। ऑपरेशन का दिन नजदीक आने पर पूजा जरूर कुछ घबराई हुई थीं, लेकिन ऐसे में खुद मरीज मनीष ने उनका हौसला बढ़ाया। ऑपरेशन थिएटर में जाते वक्त मनीष ने मुस्कुराते हुए एक फिल्मी अंदाज में कहा, “मैं मौत को छूकर टक से वापस आ जाऊंगा, तुम घबराना मत।
मनीष ने बताया कि उन्हें साल 2023 में इस गंभीर बीमारी का पता चला था। एक दिन पलंग से गिरने के कारण उनके पैर में चोट लगी और सूजन आ गई, जिसके बाद उन्हें कार्डियक अरेस्ट भी आया था।
पिछले साल था मायूसी का अंधेरा, इस साल चेहरे पर खुशी की चमक
करवा चौथ के पावन पर्व को याद करते हुए पूजा ने बताया कि पिछले साल जब मनीष गंभीर रूप से बीमार थे, तब उन्होंने चेअर पर बैठे पति को देखकर बेहद मायूस मन से व्रत रखा था। लेकिन इस बार की तैयारी वह बेहद हंसी-खुशी के साथ कर रही हैं। लिवर डोनेट करने के महज 3 महीने के भीतर ही पूजा पूरी तरह स्वस्थ हो गईं और अब उन्हें रोजमर्रा के काम करने में कोई परेशानी नहीं होती। वहीं, मनीष भी डॉक्टरों के दिशा-निर्देशों के तहत धीरे-धीरे सामान्य जीवन की ओर लौट रहे हैं।
'मेरी पत्नी आज की सावित्री'
आज के दौर में जहां कई बार रिश्तों को तार-तार करने वाली घटनाएं दिल दहला देती हैं, वहीं मनीष अपनी पत्नी को लेकर गर्व महसूस करते हैं। मनीष कहते हैं, आज जहां देश में कई जगहों पर पत्नियां प्रेम जाल में फंसकर पतियों को रास्ते से हटाने की साजिशें रच रही हैं, वहीं मेरी पत्नी ने अपने शरीर का अंगदान कर मुझे नया जीवन दिया है। वह सचमुच इस कलयुग की सावित्री है।
भले ही अभी मनीष को खान-पान और घूमने-फिरने को लेकर डॉक्टरों की कुछ पाबंदियों के बीच जीवन गुजारना पड़ रहा हो, लेकिन परिवार में लौटी खुशियों और एक-दूसरे के प्रति अटूट प्रेम ने साबित कर दिया है कि आज भी सच्चे जीवनसाथी हर मुश्किल घड़ी में एक-ढाल बनकर खड़े रहते हैं।