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मानकों से तीन गुना रहा गाजियाबाद का प्रदूषण
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मानकों से तीन गुना रहा गाजियाबाद का प्रदूषण
साहिबाबाद। गाजियाबाद शहर का एक्यूआई में लगातार उतार चढ़ाव की स्थिति बनी हुई है। शुक्रवार को शहर का एक्यूआई 359 से बढ़कर 384 तक जा पहुंच गया। आंकड़े देखे जाएं तो करीब 15 दिनों से एक्यूआई रेड जोन में है। गाजियाबाद देश के प्रदूषित शहरों में तीसरे नंबर पर रहा।
सीपीसीबी के आंकडे़ देखे जाए तो करीब 15 दिनों से गाजियाबाद शहर का एक्यूआई रेड जोन में है। शुक्रवार को भी शहर का एक्यूआई मानकों से साढ़े तीन गुना अधिक रहा। शहर का एक्यूआई 384 दर्ज किया गया, जो कि बेहद खराब स्थिति में आता है। यहीं नहीं गाजियाबाद में इंदिरापुरम का एक्यूआई सबसे ज्यादा रहा। एक्यूआई 388 दर्ज हुआ। यहां पर पीएम दस और पीएम 2.5 का स्तर 301 और 388 रहा जो कि मानकों से करीब तीन और छह गुना अधिक है। वहीं लोनी में भी एक्यूआई 383 रहा। यहां पर पीएम 2.5 का स्तर 383 और पीएम दस का स्तर 295 रहा। यहां भी पीएम 2.5 मानकों से करीब छह गुना अधिक रहा। पीएम 10 का स्तर मानकों से ढाई गुना रहा। वहीं वसुंधरा और संजय नगर का एक्यूआई दर्ज नहीं हुआ है। मशीन में तकनीकी खराबी की वजह से प्रदूषण स्तर रिकॉर्ड नहीं हुआ।
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साहिबाबाद। गाजियाबाद शहर का एक्यूआई में लगातार उतार चढ़ाव की स्थिति बनी हुई है। शुक्रवार को शहर का एक्यूआई 359 से बढ़कर 384 तक जा पहुंच गया। आंकड़े देखे जाएं तो करीब 15 दिनों से एक्यूआई रेड जोन में है। गाजियाबाद देश के प्रदूषित शहरों में तीसरे नंबर पर रहा।
सीपीसीबी के आंकडे़ देखे जाए तो करीब 15 दिनों से गाजियाबाद शहर का एक्यूआई रेड जोन में है। शुक्रवार को भी शहर का एक्यूआई मानकों से साढ़े तीन गुना अधिक रहा। शहर का एक्यूआई 384 दर्ज किया गया, जो कि बेहद खराब स्थिति में आता है। यहीं नहीं गाजियाबाद में इंदिरापुरम का एक्यूआई सबसे ज्यादा रहा। एक्यूआई 388 दर्ज हुआ। यहां पर पीएम दस और पीएम 2.5 का स्तर 301 और 388 रहा जो कि मानकों से करीब तीन और छह गुना अधिक है। वहीं लोनी में भी एक्यूआई 383 रहा। यहां पर पीएम 2.5 का स्तर 383 और पीएम दस का स्तर 295 रहा। यहां भी पीएम 2.5 मानकों से करीब छह गुना अधिक रहा। पीएम 10 का स्तर मानकों से ढाई गुना रहा। वहीं वसुंधरा और संजय नगर का एक्यूआई दर्ज नहीं हुआ है। मशीन में तकनीकी खराबी की वजह से प्रदूषण स्तर रिकॉर्ड नहीं हुआ।
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