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100 वार्डों में होंगे 60 करोड़ के विकास कार्य
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100 वार्डों में होंगे 60 करोड़ के विकास कार्य
गाजियाबाद। पांच माह पहले तय हो चुके वार्ड कोटे के अटके 60 करोड़ के विकास कार्य अब 15 दिसंबर तक शुरू हो जाएंगे। सड़क, सीवर, इंटरलॉकिंग टाइल्स, पार्कों की बाउंड्रीवॉल के काम अब आचार संहिता के फेर में नहीं फंसेंगे। शनिवार को हुई नगर निगम की बैठक में पार्षदों ने अटके विकास कार्यों पर नाराजगी जताई और बजट पास न करने की चेतावनी दी। इस पर नगरायुक्त ने सभी अटके काम 15-20 दिन में शुरू कराने का आश्वासन दिया। निगम की बैठक में पेश हुए 18 में से 14 प्रस्तावों पर सहमति की मुहर लग गई।
जुलाई 2021 में हुई नगर निगम की बोर्ड बैठक में सभी वार्डों के लिए सदन ने एक-एक करोड़ रुपये के कार्य कराने के लिए कोटा तय किया था। पहले चरण में हर वार्ड में 60-60 लाख और दूसरे चरण में 40-40 लाख के काम कराने का निर्णय लिया गया था। नगर निगम ने अगस्त 2021 में पहले चरण में होने वाले कार्यों के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी थी, लेकिन यह प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं की गई। इससे पार्षदों में रोष है। शनिवार को बोर्ड बैठक में नगर निगम के 1100 करोड़ के पुनरीक्षित बजट पर चर्चा हुई तो कांग्रेस पार्षद मनोज चौधरी ने विरोध कर दिया। उन्होंने कहा कि पार्षद सिर्फ बजट पास करने की मुहर नहीं है। जब वार्डों में विकास कार्य ही नहीं हो रहे तो बजट पास किसके लिए पास किया जाए। इस पर भाजपा पार्षद राजेंद्र त्यागी समेत अन्य पार्षदों ने भी समर्थन किया। इस पर नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर को सफाई देनी पड़ी। उन्होंने कहा कि निगम के जो भी विकास कार्य टेंडर प्रक्रिया में हैं, उन्हें 15 दिसंबर तक शुरू करा दिया जाएगा। आचार संहिता में किसी काम को नहीं फंसने देंगे।
दिसंबर से 10 वार्डों में बनेंगे ओपन जिम
नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि निगम की ओर से हर वार्ड में एक-एक ओपन जिम बनाने के प्रस्ताव पर भी काम शुरू कर दिया है। पहले चरण में 10 वार्डों में ओपन जिम लगाने के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। 15 दिसंबर तक इनका निर्माण भी शुरू हो जाएगा। प्रत्येक जिम पर 2.40 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इनके बाद अन्य पार्कों में ओपन जिम बनाए जाएंगे।
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क्रासिंग रिपब्लिक के पास लगेगा कूड़ा निस्तारण प्लांट
नगर निगम क्रासिंग रिपब्लिक के बिल्डरों से अपनी करीब 15 एकड़ जमीन एक जगह लेकर इस पर कूड़ा निस्तारण प्लांट लगाएगा। इसके लिए नगर निगम ने तैयारी कर ली है। डूंडाहेड़ा स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के पास बनाए जाने वाले इस प्लांट का पार्षद नरेश जाटव और ललित कश्यप ने विरोध किया। उनका कहना है कि आबादी के पास प्लांट न लगाया जाए, लेकिन सदन ने उनकी बात दरकिनार कर दी। नगरायुक्त ने कहा कि नगर निगम सदन को मिलकर कूड़ा निस्तारण की समस्या का निराकरण करना पड़ेगा।
रैपिड रेल के लिए एक रुपये वर्गमीटर की दर पर जमीन नहीं देगा निगम
नगर निगम अधिकारियों ने शासन के आदेश पर रैपिड रेल कॉरिडोर के लिए 15323 वर्ग मीटर जमीन एक रुपया प्रति वर्गमीटर की दर से एनसीआरटीसी (नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन) को देने का प्रस्ताव बैठक में रखा था। पार्षदों ने एक रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से एनसीआरटीसी को जमीन देने से मना कर दिया। भाजपा पार्षद राजेंद्र त्यागी ने कहा कि डीएम सर्र्किल रेट के आधार पर जमीन का किराया हर साल एनसीआरटीसी से लिया जाए। सदन ने इस शर्त के साथ रैपिड रेल प्रोजेक्ट को जमीन दिए जाने की सहमति का पत्र शासन को भेजे जाने के निर्देश दिए। वहीं, तीन साल के लिए अस्थायी तौर पर दी जाने वाली 82 हजार वर्ग मीटर जमीन का प्रस्ताव सदन ने पास कर दिया। इसमें भी सदन ने एनसीआरटीसी पर वेंटिलेशन शाफ्ट का स्थान परिवर्तन करने की शर्त लगाई है।
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गाजियाबाद। पांच माह पहले तय हो चुके वार्ड कोटे के अटके 60 करोड़ के विकास कार्य अब 15 दिसंबर तक शुरू हो जाएंगे। सड़क, सीवर, इंटरलॉकिंग टाइल्स, पार्कों की बाउंड्रीवॉल के काम अब आचार संहिता के फेर में नहीं फंसेंगे। शनिवार को हुई नगर निगम की बैठक में पार्षदों ने अटके विकास कार्यों पर नाराजगी जताई और बजट पास न करने की चेतावनी दी। इस पर नगरायुक्त ने सभी अटके काम 15-20 दिन में शुरू कराने का आश्वासन दिया। निगम की बैठक में पेश हुए 18 में से 14 प्रस्तावों पर सहमति की मुहर लग गई।
जुलाई 2021 में हुई नगर निगम की बोर्ड बैठक में सभी वार्डों के लिए सदन ने एक-एक करोड़ रुपये के कार्य कराने के लिए कोटा तय किया था। पहले चरण में हर वार्ड में 60-60 लाख और दूसरे चरण में 40-40 लाख के काम कराने का निर्णय लिया गया था। नगर निगम ने अगस्त 2021 में पहले चरण में होने वाले कार्यों के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी थी, लेकिन यह प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं की गई। इससे पार्षदों में रोष है। शनिवार को बोर्ड बैठक में नगर निगम के 1100 करोड़ के पुनरीक्षित बजट पर चर्चा हुई तो कांग्रेस पार्षद मनोज चौधरी ने विरोध कर दिया। उन्होंने कहा कि पार्षद सिर्फ बजट पास करने की मुहर नहीं है। जब वार्डों में विकास कार्य ही नहीं हो रहे तो बजट पास किसके लिए पास किया जाए। इस पर भाजपा पार्षद राजेंद्र त्यागी समेत अन्य पार्षदों ने भी समर्थन किया। इस पर नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर को सफाई देनी पड़ी। उन्होंने कहा कि निगम के जो भी विकास कार्य टेंडर प्रक्रिया में हैं, उन्हें 15 दिसंबर तक शुरू करा दिया जाएगा। आचार संहिता में किसी काम को नहीं फंसने देंगे।
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दिसंबर से 10 वार्डों में बनेंगे ओपन जिम
नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि निगम की ओर से हर वार्ड में एक-एक ओपन जिम बनाने के प्रस्ताव पर भी काम शुरू कर दिया है। पहले चरण में 10 वार्डों में ओपन जिम लगाने के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। 15 दिसंबर तक इनका निर्माण भी शुरू हो जाएगा। प्रत्येक जिम पर 2.40 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इनके बाद अन्य पार्कों में ओपन जिम बनाए जाएंगे।
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क्रासिंग रिपब्लिक के पास लगेगा कूड़ा निस्तारण प्लांट
नगर निगम क्रासिंग रिपब्लिक के बिल्डरों से अपनी करीब 15 एकड़ जमीन एक जगह लेकर इस पर कूड़ा निस्तारण प्लांट लगाएगा। इसके लिए नगर निगम ने तैयारी कर ली है। डूंडाहेड़ा स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के पास बनाए जाने वाले इस प्लांट का पार्षद नरेश जाटव और ललित कश्यप ने विरोध किया। उनका कहना है कि आबादी के पास प्लांट न लगाया जाए, लेकिन सदन ने उनकी बात दरकिनार कर दी। नगरायुक्त ने कहा कि नगर निगम सदन को मिलकर कूड़ा निस्तारण की समस्या का निराकरण करना पड़ेगा।
रैपिड रेल के लिए एक रुपये वर्गमीटर की दर पर जमीन नहीं देगा निगम
नगर निगम अधिकारियों ने शासन के आदेश पर रैपिड रेल कॉरिडोर के लिए 15323 वर्ग मीटर जमीन एक रुपया प्रति वर्गमीटर की दर से एनसीआरटीसी (नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन) को देने का प्रस्ताव बैठक में रखा था। पार्षदों ने एक रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से एनसीआरटीसी को जमीन देने से मना कर दिया। भाजपा पार्षद राजेंद्र त्यागी ने कहा कि डीएम सर्र्किल रेट के आधार पर जमीन का किराया हर साल एनसीआरटीसी से लिया जाए। सदन ने इस शर्त के साथ रैपिड रेल प्रोजेक्ट को जमीन दिए जाने की सहमति का पत्र शासन को भेजे जाने के निर्देश दिए। वहीं, तीन साल के लिए अस्थायी तौर पर दी जाने वाली 82 हजार वर्ग मीटर जमीन का प्रस्ताव सदन ने पास कर दिया। इसमें भी सदन ने एनसीआरटीसी पर वेंटिलेशन शाफ्ट का स्थान परिवर्तन करने की शर्त लगाई है।