फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   ghaziabad news

बंद नहीं कराई दूषित पानी की आपूर्ति

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 15 Nov 2021 01:48 AM IST
विज्ञापन
ghaziabad news
नया हिंडन विहार में हज हाउस के पास स्थित पानी का प्लांट। - फोटो : SHAHIBABAD
बंद नहीं कराई दूषित पानी की आपूर्ति
विज्ञापन

गाजियाबाद। जिन 15 आरओ प्लांट और 18 होटलों के पानी में पेचिश का बैक्टीरिया ई-कोलाई मिला, उन पर रविवार को प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। इस लापरवाही की वजह से इन प्लांट से 30 हजार से ज्यादा घरों में दूषित पानी की आपूर्ति की गई। लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे ऐसे प्लांट शहर में 300 से ज्यादा हैं जो बगैर लाइसेंस के चल रहे हैं। सभी के पानी की जांच तक नहीं कराई गई है। इससे सवाल खड़े हो रहे हैं।
सीएमओ डॉ. भवतेश शंखधार ने शुक्त्रस्वार को सिटी मजिस्ट्रेट निर्भय सिंह को पत्र लिखकर कहा था कि जिन प्लांट और होटलों के पानी के नमूने फेल हुए हैं, उन पर कार्रवाई की जाए। शनिवार को सिटी मजिस्ट्रेट ने कहा था कि इन सभी प्लांट पर बंद कराया जाएगा। होटलों पर भी कार्रवाई होगी। इस मामले में केस दर्ज कराया जाएगा, लेकिन रविवार को ऐसी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
विज्ञापन

रोज 30 से 40 लाख का कारोबार
साफ पानी की सप्लाई कम होने से शहर में आरओ फिल्टर पानी के अवैध प्लांट की संख्या तेजी से बढ़ रही है। विजयनगर में ही करीब 50 से ज्यादा अवैध प्लांट लगे हैं। इनसे विजयनगर क्षेत्र के साथ-साथ बहुमंजिला सोसायटियों में भी पानी की आपूर्ति की जा रही है। हिंडन पार क्षेत्र में भूजल की गुणवत्ता खराब होने से बोतलबंद पानी की खपत सबसे ज्यादा है। इसकी वजह से इस क्षेत्र में प्लांट की संख्या और भी ज्यादा है। टीला मोड़ क्षेत्र से बोतल बंद पानी लाकर हिंडन पार क्षेत्र में बेचा जा रहा है। प्रतिदिन करीब 30 से 40 लाख रुपये का पानी का कारोबार किया जा रहा है, लेकिन न तो इनकी गुणवत्ता पर भरोसा है और न ही सरकार को इससे राजस्व मिल रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

भूजल दोहन के लिए भी नहीं ली अनुमति
शहर में भूजल दोहन कर व्यावसायिक उपयोग करने के लिए जिला भूजल प्रबंधन परिषद से एनओसी लेनी अनिवार्य है। डीएम की अध्यक्षता वाली इस कमेटी में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, सिंचाई विभाग, कृषि विभाग, नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत और जल निगम के अधिकारी समेत कई अन्य विभाग के अधिकारी सदस्य होते हैं। परिषद की सहमति पर ही किसी को भूजल दोहन की एनओसी लेनी होती है। वहीं बोतल बंद पानी बेचने के लिए स्वास्थ्य विभाग से भी अनुमति लेना अनिवार्य है। शहर में संचालित आरओ वाटर प्लांट को एनओसी नहीं दी गई है।
बंद कराएं प्लांट
हमारी सोसायटी में भी आरओ प्लांट संचालक की ओर से पानी की सप्लाई की जाती है। पानी के नमूने जांच में फेल होने के बाद लोगों को जागरूक किया जा रहा है। प्रशासन को इन प्लांट को बंद कराना चाहिए।
- गौरव बंसल, गुलमोहर एंकलेव
बीमारी बांटी जा रही
अवैध रूप से चल रहे प्लांट के पानी पर रोक लगाई जानी चाहिए। यह लोगों की पानी की जरूरत को तो पूरा कर रहा है, लेकिन बीमारियां बांट रहा है। सोमवार को डीएम से शिकायत करेंगे।

- विक्त्रसंत चौहान, राकेश मार्ग
व्यस्तता के कारण नहीं की कार्रवाई : सिटी मजिस्ट्रेट
जिन वाटर प्लांटों के पानी के नमूने फेल हुए हैं, उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। प्लांट को बंद कराया जाएगा। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम की वजह से रविवार को व्यस्तता रही। जल्द से जल्द अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।
गंभीर सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट
जांच रिपोर्ट भेजी, काईवाई करे प्रशासन
जांच रिपोर्ट सिटी मजिस्ट्रेट और नगर निगम को भेज दी गई है। कार्रवाई करने का अधिकारी नगर निगम और प्रशासन का है।
मुख्य चिकित्साधिकारी, सीएमओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed