{"_id":"61536f8d8ebc3e372c070039","slug":"ghaziabad-news-ghaziabad-news-gbd2267807107","type":"story","status":"publish","title_hn":"एनटीपीसी की राख से नकली सीमेंट बना रही थी फैक्टरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एनटीपीसी की राख से नकली सीमेंट बना रही थी फैक्टरी
विज्ञापन
मसूरी पुलिस द्वारा पकड़े गए नकली सीमेंट बनाने वाले आरोपी।
एनटीपीसी की राख से नकली सीमेंट बना रही थी फैक्टरी
गाजियाबाद/मसूरी। मसूरी में एनटीपीसी की राख से नामी कंपनियों का नकली सीमेंट बनाया जा रहा था। मंगलवार को फैक्टरी का भंडाफोड़ करते हुए थाना पुलिस और स्वाट टीम ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि संचालक फरार हो गया। फैक्टरी से नकली सीमेंट के 370 और राख के 150 कट्टे बरामद हुए हैं। पुलिस ने धोखाधड़ी व अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है।
एसपी ग्रामीण डॉ. ईरज राजा ने बताया कि मसूरी में भूड़गढ़ी रोड पर राणा फार्म हाउस के पीछे नकली सीमेंट बनाने वाली फैक्टरी की सूचना मिली थी। पुख्ता जानकारी जुटाते हुए स्वाट टीम और मसूरी पुलिस ने छापामारी की तो वहां नकली सीमेंट के कट्टे पैक कर रहे तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों की पहचान शंकर विहार थर्ड लालकुआं निवासी जयंती प्रसाद व विनोद गिरी तथा थाना बिसरख गौतमबुद्धनगर के चिपियाना बुजुर्ग निवासी अनिल कुमार के रूप में हुई है।
12 सितंबर को ही शुरू की थी फैक्टरी
एसपी ग्रामीण ने बताया कि नकली सीमेंट फैक्टरी का संचालक विजयनगर बागू निवासी मोनी है। उसने 12 सितंबर को ही फैक्टरी शुरू की थी। उसकी तलाश की जा रही है। नकली सीमेंट को वही सप्लाई करता था। उसकी गिरफ्तारी के बाद स्पष्ट हो सकेगा कि नकली सीमेंट की सप्लाई वह कहां करता था।
विज्ञापन
ऐसे बनाते थे नकली सीमेंट
एक्सपायर हो चुकी या सीलन से जमकर बेकार हो चुकी सीमेंट को ग्राइंडर में पीसकर उसमें एनटीपीसी की राख मिलाकर नकली सीमेंट तैयार किया जाता था। मौके से अल्ट्राट्रेक, अंबुजा, डायमंड व एसीसी सीमेंट के कट्टों में नकली सीमेंट भरा जा रहा था। कॉपीराइट एक्ट के तहत कार्रवाई के लिए नामी कंपनियों को सूचित किया गया है।
विज्ञापन
गाजियाबाद/मसूरी। मसूरी में एनटीपीसी की राख से नामी कंपनियों का नकली सीमेंट बनाया जा रहा था। मंगलवार को फैक्टरी का भंडाफोड़ करते हुए थाना पुलिस और स्वाट टीम ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि संचालक फरार हो गया। फैक्टरी से नकली सीमेंट के 370 और राख के 150 कट्टे बरामद हुए हैं। पुलिस ने धोखाधड़ी व अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है।
एसपी ग्रामीण डॉ. ईरज राजा ने बताया कि मसूरी में भूड़गढ़ी रोड पर राणा फार्म हाउस के पीछे नकली सीमेंट बनाने वाली फैक्टरी की सूचना मिली थी। पुख्ता जानकारी जुटाते हुए स्वाट टीम और मसूरी पुलिस ने छापामारी की तो वहां नकली सीमेंट के कट्टे पैक कर रहे तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों की पहचान शंकर विहार थर्ड लालकुआं निवासी जयंती प्रसाद व विनोद गिरी तथा थाना बिसरख गौतमबुद्धनगर के चिपियाना बुजुर्ग निवासी अनिल कुमार के रूप में हुई है।
विज्ञापन
12 सितंबर को ही शुरू की थी फैक्टरी
एसपी ग्रामीण ने बताया कि नकली सीमेंट फैक्टरी का संचालक विजयनगर बागू निवासी मोनी है। उसने 12 सितंबर को ही फैक्टरी शुरू की थी। उसकी तलाश की जा रही है। नकली सीमेंट को वही सप्लाई करता था। उसकी गिरफ्तारी के बाद स्पष्ट हो सकेगा कि नकली सीमेंट की सप्लाई वह कहां करता था।
विज्ञापन
ऐसे बनाते थे नकली सीमेंट
एक्सपायर हो चुकी या सीलन से जमकर बेकार हो चुकी सीमेंट को ग्राइंडर में पीसकर उसमें एनटीपीसी की राख मिलाकर नकली सीमेंट तैयार किया जाता था। मौके से अल्ट्राट्रेक, अंबुजा, डायमंड व एसीसी सीमेंट के कट्टों में नकली सीमेंट भरा जा रहा था। कॉपीराइट एक्ट के तहत कार्रवाई के लिए नामी कंपनियों को सूचित किया गया है।