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निगम देगा वाहन, सफाई करेगी प्राइवेट कंपनी
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निगम देगा वाहन, सफाई करेगी प्राइवेट कंपनी
गाजियाबाद। सीवर व्यवस्था को प्राइवेट कंपनी के हाथों में देकर परेशानी झेल रहा नगर निगम अब अपने वाहन और सफाई व्यवस्था निजी कंपनी के हाथों में देगा। वार्डों से कूड़ा उठान प्राइवेट कंपनी करेगी। मंगलवार को कार्यकारिणी समिति की बैठक में निगम अधिकारियों ने पांचों जोन की सफाई निजी हाथों में देने का प्रस्ताव रखा था, हालांकि कार्यकारिणी समिति ने फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर सिर्फ एक जोन में निजी कंपनी को सफाई व्यवस्था देने पर सहमति दी।
निगम अधिकारियों के नए प्रस्ताव के मुताबिक नगर निगम अपने ट्रांसफर स्टेशन से डंपिंग साइट तक कूड़ा ले जाने की व्यवस्था को निजी हाथों में देगा। इसके लिए नगर निगम अपने वाहन प्राइवेट कंपनी को देगा और प्रति टन कचरे की ढुलाई के लिए करीब 750 रुपये भी देगा। इन वाहनों के डीजल, ड्राइवर के वेतन और मेंटेनेंस पर आने वाले खर्च का वहन कंपनी करेगी। नगर निगम अधिकारी इसी पैटर्न पर पूरे शहर की सफाई निजी कंपनी को देना चाहते हैं। कार्यकारिणी समिति की आपत्ति के बाद अब पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर तीन महीने के लिए किसी एक जोन में यह व्यवस्था लागू की जाएगी। इसके फायदे-नुकसान का आकलन करने के बाद इस व्यवस्था को अन्य जोन में लागू किए जाने या निरस्त किए जाने पर निर्णय लिया जाएगा।
सीवर सफाई करने वाली निजी कंपनी के खिलाफ मेयर करेंगी शिकायत
गाजियाबाद। सीवर सफाई का कांट्रेक्ट प्राइवेट कंपनी वीए टेक वाबाग को देने के बाद बदहाल हुई व्यवस्था पर महापौर आशा शर्मा कार्यकारिणी बैठक में जमकर भड़की। उन्होंने कहा कि इस कंपनी ने शहर को नर्क बना दिया है। सुबह छह बजे से सीवर मैनहोल ओवरफ्लो होने की शिकायतें आने लगती हैं और रात तक आती रहती हैं। उन्होंने नगर आयुक्त से कहा कि इस कंपनी के खिलाफ शासन को पत्र भेजकर अवगत कराएं और मैं पार्षदों को साथ लेकर लखनऊ जाऊंगी। यह कंपनी जहां से आई थी, वहीं पर भेज दी जाएगी। नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि इस कंपनी की शिकायत शासन से की जा चुकी है, आगरा नगर निगम के अधिकारियों ने भी इस कंपनी की शिकायत की है।
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गाजियाबाद। सीवर व्यवस्था को प्राइवेट कंपनी के हाथों में देकर परेशानी झेल रहा नगर निगम अब अपने वाहन और सफाई व्यवस्था निजी कंपनी के हाथों में देगा। वार्डों से कूड़ा उठान प्राइवेट कंपनी करेगी। मंगलवार को कार्यकारिणी समिति की बैठक में निगम अधिकारियों ने पांचों जोन की सफाई निजी हाथों में देने का प्रस्ताव रखा था, हालांकि कार्यकारिणी समिति ने फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर सिर्फ एक जोन में निजी कंपनी को सफाई व्यवस्था देने पर सहमति दी।
निगम अधिकारियों के नए प्रस्ताव के मुताबिक नगर निगम अपने ट्रांसफर स्टेशन से डंपिंग साइट तक कूड़ा ले जाने की व्यवस्था को निजी हाथों में देगा। इसके लिए नगर निगम अपने वाहन प्राइवेट कंपनी को देगा और प्रति टन कचरे की ढुलाई के लिए करीब 750 रुपये भी देगा। इन वाहनों के डीजल, ड्राइवर के वेतन और मेंटेनेंस पर आने वाले खर्च का वहन कंपनी करेगी। नगर निगम अधिकारी इसी पैटर्न पर पूरे शहर की सफाई निजी कंपनी को देना चाहते हैं। कार्यकारिणी समिति की आपत्ति के बाद अब पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर तीन महीने के लिए किसी एक जोन में यह व्यवस्था लागू की जाएगी। इसके फायदे-नुकसान का आकलन करने के बाद इस व्यवस्था को अन्य जोन में लागू किए जाने या निरस्त किए जाने पर निर्णय लिया जाएगा।
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सीवर सफाई करने वाली निजी कंपनी के खिलाफ मेयर करेंगी शिकायत
गाजियाबाद। सीवर सफाई का कांट्रेक्ट प्राइवेट कंपनी वीए टेक वाबाग को देने के बाद बदहाल हुई व्यवस्था पर महापौर आशा शर्मा कार्यकारिणी बैठक में जमकर भड़की। उन्होंने कहा कि इस कंपनी ने शहर को नर्क बना दिया है। सुबह छह बजे से सीवर मैनहोल ओवरफ्लो होने की शिकायतें आने लगती हैं और रात तक आती रहती हैं। उन्होंने नगर आयुक्त से कहा कि इस कंपनी के खिलाफ शासन को पत्र भेजकर अवगत कराएं और मैं पार्षदों को साथ लेकर लखनऊ जाऊंगी। यह कंपनी जहां से आई थी, वहीं पर भेज दी जाएगी। नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि इस कंपनी की शिकायत शासन से की जा चुकी है, आगरा नगर निगम के अधिकारियों ने भी इस कंपनी की शिकायत की है।
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