दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे : मुफ्त सफर के आनंद पर विराम, एक सितंबर से लगेगा टोल
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे: चिपियाना (अलीगढ़ रेल लाइन) में छह लेन का रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) तैयार होने के बाद नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने परिवहन मंत्रालय से टोल वसूली की मंजूरी मांगी है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (डीएमई) पर पांच महीने के मुफ्त सफर का आनंद अब खत्म होने जा रहा है। चिपियाना (अलीगढ़ रेल लाइन) में छह लेन का रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) तैयार होने के बाद नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने परिवहन मंत्रालय से टोल वसूली की मंजूरी मांगी है। बताया गया कि मंत्रालय मौखिक सहमति दे चुका है, बस अब लिखित मंजूरी का इंतजार है। स्वीकृति मिलते ही एनएचएआई टोल दरों का प्रकाशन करेगी। उसके बाद सराय काले खां से मेरठ के बीच संभवत: एक सितंबर से टोल लगना शुरू हो जाएगा।
सराय काले खां से मेरठ के बीच दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे तैयार हो चुका है, जिसमें डासना से हापुड़ के बीच का चरण भी शामिल है। एक्सप्रेसवे के दूसरे चरण (यूपी गेट से डासना) में चिपियाना आरओबी का काम पूरा न होने के कारण मंत्रालय से टोल वसूली के प्रस्ताव को रोक दिया था। मंत्रालय का तर्क था कि कम से कम छह लेन यातायात के लिए उपलब्ध होने पर ही टोल वसूली हो। अब चिपियाना गांव की तरफ बन रहा छह लेन का आरओबी तैयार है।
साथ ही एनएच-24 (पुराना) के दो पुराने आरओबी में से एक को यातायात के लिए खोल के रखा जाएगा, जिसकी दो लेन मिलेगी। इस तरह से आठ लेन पर वाहन दौड़ सकेंगे। एनएचएआई अधिकारियों का कहना है कि छह लेन के नए आरओबी पर लोड टेस्ट हो चुका है, जिसे अभी यातायात के लिए खोला गया है, लेकिन मंगलवार को फिर से बंद किया जाएगा। क्योंकि अभी स्ट्रीट लाइट के लिए खंभों की फिटिंग व अन्य काम बचा है, जिसे एक बार बंद करने पर चार से पांच दिन में पूरा कर लिया जाएगा।
1.60 से दो रुपये प्रति किमी के हिसाब से टैक्स
एनएचएआई ने टोल वसूली का प्रस्ताव 1.60 से दो रुपये प्रति किमी की दर से करने का प्रस्ताव भेजा है, जिस चरण में आरओबी, अंडरपास या एलिवेटेड रोड की संख्या ज्यादा है, उस चरण में दो रुपये प्रति किमी तक की दर से टोल वसूली होगी। सराय काले खां से मेरठ के बीच 125 से 135 रुपये टोल वसूली हो सकती है। वहीं, डासना से मेरठ के बीच 60 रुपये टोल वसूलने का प्रस्ताव है।
चलते वाहन से टोल वसूलने वाला पहला एक्सप्रेस
डीएमई देश का पहला ऐसा एक्सप्रेसवे होगा, जिस पर दूरी के हिसाब से टोल वसूली होगी। चलते वाहन से फास्टैग के जरिये टोल वसूलने वाला भी पहला एक्सप्रेसवे होगा। इसके लिए पूरे एक्सप्रेसवे पर 130 ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रीडर (एएनपीआर) कैमरे लगाए गए हैं, जिनका बीते तीन महीनों से ट्रायल चल रहा है। इसके लिए सभी फास्टैग कंपनियों के साथ भी करार हो चुका है।
सिर्फ एक्सप्रेसवे की लेन में लगेगा टैक्स
डासना से सराय काले खां के बीच दो लेन की सड़क बनाई गई है, जिसमें बीच की छह लेन एक्सप्रेसवे, उसके बाद दोनों तरफ की दो-दो लेन नेशनल हाईवे और एनएच के बराबर में दो-दो लेन की सर्विस रोड दोनों तरफ बनाई गई हैं। अब इन दोनों चरणों में सिर्फ एक्सप्रेसवे की लेन में चलने पर ही टोल लिया जाएगा।
एक्सप्रेसवे पर यहां से होगी एंट्री
- सराय काले खां
- अक्षरधाम
- फूल मंडी (दिल्ली)
- यूपी गेट (एलिवेटेड रोड से पहले)
- एबीईएस इंजीनियरिंग कॉलेज (कॉसिंग रिपब्लिक)
- डासना
- ईस्टर्न पेरिफेरल लूप
- परतापुर
आरओबी पर लाइटिंग का काम बाकी
अभी नए आरओबी को दो दिन के बाद बंद करेंगे। उसके बाद लाइट व अन्य काम पूरा करके खोल दिया जाएगा। इसी बीच टोल वसूली को लेकर मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। 30 अगस्त तक स्वीकृति मिलने की पूरी संभावना है, उसके बाद एक सितंबर से टोल वसूली शुरू कर दी जाएगी। - मुदित गर्ग, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई