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कंपनी ने चुपचाप निकाली बैटरी, लिफ्ट में फंसा गार्ड
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लिफ्ट फंसी
कंपनी ने चुपचाप निकाली बैटरी, लिफ्ट में फंसा गार्ड
गाजियाबाद। लिफ्ट कंपनी के अधिकारियों ने चोरी-छिपे लिफ्ट की बैटरी और कार्ड निकलवा लिया। जिसके चलते एक चौकीदार लिफ्ट में फंस गया। मामले में शास्त्री नगर निवासी कंस्ट्रक्शन कारोबारी मनोज कुमार शर्मा ने लिफ्ट कंपनी के अधिकारी मोहन पालीवाल व कर्मचारी संदीप के खिलाफ कविनगर थाने में केस दर्ज कराया है।
मनोज कुमार का कहना है कि वह कंस्ट्रक्शन व कपड़ा कारोबारी हैं। उन्होंने अवंतिका एक्सटेंशन में रिहायशी बिल्डिंग बनाई थी। उसमें लिफ्ट लगवाने के लिए मेरठ रोड इंडस्ट्रियल एरिया स्थित ईसीई एलीवेटर्स कंपनी से संपर्क किया। मनोज का कहना है कि ऑर्डर देने के बावजूद कंपनी ने ढाई साल बाद लिफ्ट लगाई, जो 30 सितंबर 2020 को चालू हुई। उन्होंने साढ़े सात लाख रुपये की लिफ्ट में उन्होंने 72 हजार रुपये रोक लिए, ताकि कोई समस्या आने पर कंपनी पर दबाव बना रहे। मनोज शर्मा का कहना है कि कुछ दिनों बाद ही लिफ्ट खराब हो गई। उन्होंने कंपनी से संपर्क किया तो लिफ्ट ठीक करने के लिए कर्मचारी भेज दिए। आरोप है कि 50 हजार रुपये लेने के बाद ही लिफ्ट ठीक की गई, लेकिन कुछ दिनों बाद फिर से लिफ्ट में खराबी आ गई। जैसे-तैसे लिफ्ट ठीक कराई गई।
22 हजार के चक्कर में जिंदगी से खिलवाड़
कारोबारी का कहना है कि गत 8 दिसंबर को कंपनी ने कर्मचारी को चोरी-छिपे भेजकर लिफ्ट की बैटरी और कार्ड निकलवा लिए। इसी दौरान चौकीदार साफ-सफाई कर रहा था, जो लिफ्ट में फंस गया। चौकीदार ने फोन किया तो 25 मिनट बाद जैसे-तैसे उसे लिफ्ट से निकाला गया। कारोबारी का कहना है कि उन्होंने कस्टमर केयर पर बात की कंपनी के अधिकारी मोहन पालीवाल से बातचीत हुई। उसने कबूल किया कि 22 हजार रुपये का भुगतान न करने पर ऐसा किया गया। उन्होंने बिल्डिंग में घुसकर चोरी-छिपे लिफ्ट की बैटरी व कार्ड निकालने से एतराज जताया और उसे लोगों की जिंदगी से सीधा खिलवाड़ बताया। कविनगर एसएचओ अजय कुमार सिंह का कहना है कि तहरीर के आधार पर कंपनी के अधिकारी मनोज पालीवाल व कर्मचारी संदीप के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
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गाजियाबाद। लिफ्ट कंपनी के अधिकारियों ने चोरी-छिपे लिफ्ट की बैटरी और कार्ड निकलवा लिया। जिसके चलते एक चौकीदार लिफ्ट में फंस गया। मामले में शास्त्री नगर निवासी कंस्ट्रक्शन कारोबारी मनोज कुमार शर्मा ने लिफ्ट कंपनी के अधिकारी मोहन पालीवाल व कर्मचारी संदीप के खिलाफ कविनगर थाने में केस दर्ज कराया है।
मनोज कुमार का कहना है कि वह कंस्ट्रक्शन व कपड़ा कारोबारी हैं। उन्होंने अवंतिका एक्सटेंशन में रिहायशी बिल्डिंग बनाई थी। उसमें लिफ्ट लगवाने के लिए मेरठ रोड इंडस्ट्रियल एरिया स्थित ईसीई एलीवेटर्स कंपनी से संपर्क किया। मनोज का कहना है कि ऑर्डर देने के बावजूद कंपनी ने ढाई साल बाद लिफ्ट लगाई, जो 30 सितंबर 2020 को चालू हुई। उन्होंने साढ़े सात लाख रुपये की लिफ्ट में उन्होंने 72 हजार रुपये रोक लिए, ताकि कोई समस्या आने पर कंपनी पर दबाव बना रहे। मनोज शर्मा का कहना है कि कुछ दिनों बाद ही लिफ्ट खराब हो गई। उन्होंने कंपनी से संपर्क किया तो लिफ्ट ठीक करने के लिए कर्मचारी भेज दिए। आरोप है कि 50 हजार रुपये लेने के बाद ही लिफ्ट ठीक की गई, लेकिन कुछ दिनों बाद फिर से लिफ्ट में खराबी आ गई। जैसे-तैसे लिफ्ट ठीक कराई गई।
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22 हजार के चक्कर में जिंदगी से खिलवाड़
कारोबारी का कहना है कि गत 8 दिसंबर को कंपनी ने कर्मचारी को चोरी-छिपे भेजकर लिफ्ट की बैटरी और कार्ड निकलवा लिए। इसी दौरान चौकीदार साफ-सफाई कर रहा था, जो लिफ्ट में फंस गया। चौकीदार ने फोन किया तो 25 मिनट बाद जैसे-तैसे उसे लिफ्ट से निकाला गया। कारोबारी का कहना है कि उन्होंने कस्टमर केयर पर बात की कंपनी के अधिकारी मोहन पालीवाल से बातचीत हुई। उसने कबूल किया कि 22 हजार रुपये का भुगतान न करने पर ऐसा किया गया। उन्होंने बिल्डिंग में घुसकर चोरी-छिपे लिफ्ट की बैटरी व कार्ड निकालने से एतराज जताया और उसे लोगों की जिंदगी से सीधा खिलवाड़ बताया। कविनगर एसएचओ अजय कुमार सिंह का कहना है कि तहरीर के आधार पर कंपनी के अधिकारी मनोज पालीवाल व कर्मचारी संदीप के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
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