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‘आईपीएस वार’ के बाद कप्तान पर गाज, नैथानी को जिले की कमान
Fri, 10 Jan 2020 01:42 AM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
ब्यूरो, अमर उजाला, गाजियाबाद
ब्यूरो, अमर उजाला, गाजियाबाद
Published by: गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 10 Jan 2020 01:42 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
गाजियाबाद। ‘आईपीएस वार’ के बाद आखिरकार जिले के एसएसपी पर भी गाज गिर ही गई। बृहस्पतिवार को लखनऊ से जारी 14 आईपीएस अधिकारियों की ट्रांसफर सूची में सुधीर कुमार सिंह का नाम भी शामिल है। उन्हें 15वीं वाहिनी पीएसी आगरा का सेनानायक बनाया गया है।
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वहीं, लखनऊ के एसएसपी कलानिधी नैथानी को गाजियाबाद का कप्तान की जिम्मेदारी सौंपी गई है। बता दें कि एसएसपी नोएडा द्वारा भेजी गई गोपनीय रिपोर्ट में सुधीर कुमार सिंह सहित पांच आईपीएस अधिकारियों का नाम था। इन पर ट्रांसफर पोस्टिंग में खेल में शामिल होने का आरोप था।
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गाजियाबाद के नए एसएसपी कलानिधी नैथानी 2010 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। उनकी गिनती ईमानदार अधिकारियों में होती है। मूलरूप से पौढ़ी गढ़वाल निवासी कलानिधी नैथानी इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्यूनिकेशन में बीटेक के साथ पुलिस प्रबंधन में एमबीए पास भी हैं। आईपीएस अधिकारी बनने से पहले वह भामा एटॉमिक अनुसंधान केंद्र में वैज्ञानिक अधिकारी की नौकरी की। इसके अलावा भारत सरकार के सी डॉट सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स में बंगलूरू और दिल्ली में 5 साल अनुसंधान अभियंता भी रह चुके हैं।
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कई जिम्मेदारियां निभा चुके हैं कलानिधी
कलानिधी नैथानी का वर्ष 2010 में आईपीएस में चयन हो गया। इसके बाद वह पीलीभीत, बरेली, कुभ मेला व सहारनपुर में एएसपी की जिम्मेदारी संभाली। पुलिस मुख्यालय प्रयागराज के एसपी तथा 38वीं व 9वीं वाहिनी पीएसी में सेनानायक रहे। इसके अलावा कन्नौज, फतेहपुर, मिर्जापुर, पीलीभीत, बरेली में एसएसपी रहे। नैथानी वर्तमान में लखनऊ के एसएसपी हैं।
पुलिस की छवि सुधारना होगी चुनौती
एसएसपी सुधीर कुमार सिंह का करीब छह माह का कार्यकाल काफी विवादों भरा रहा। लिंक रोड पुलिस द्वारा बरामदगी की रकम में से 70 लाख डकारने तथा इंदिरापुरम पुलिस द्वारा रिश्वत लेकर जुआरियों को छोड़ने का मामला सामने आया। दो इंस्पेक्टर सहित 10 पुलिसकर्मियों पर 25-25 हजार का इनाम घोषित हुआ। इसके अलावा दीवाली पर मुफ्त की मिठाई का मामला सामने आया तो खुद एसएसपी के पीआरओ ने एसएसपी पर ट्रांसफर पोस्टिंग में भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए मैसेज सोशल मीडिया पर वायरल किए। दो थानों की पुलिस पर फर्जी मुठभेड़ केमामले दर्ज हुए तो थाने-चौकी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर सट्टेबाजों व जुआरियों से कनेक्शन उजागर हुआ। कुल मिलाकर गाजियाबाद पुलिस की छवि धूमिल हुई और सरकार तक पर सवाल उठे। बीते दिन एसएसपी नोएडा वैभव कृष्ण केपत्र में भी सुधीर कुमार सिंह का नाम शामिल रहा। नए एसएसपी के सामने पुलिस की छवि सुधारने की चुनौती होगी। हालांकि, छह महीने में 120 मुठभेड़ कर 150 से अधिक बदमाशों को जेल भेजकर सुधीर कुमार सिंह ने अपराध केग्राफ पर अंकुश लगाया।
दो चीजें अधूरी रह गईं : सुधीर कुमार
निवर्तमान एसएसपी सुधीर कुमार सिंह का कहना है कि ट्रांसफर रूटीन प्रक्रिया है। गोपनीय पत्र में ट्रांसफर पोस्टिंग को लेकर चैट के संबंध में वह अपना पक्ष उच्चाधिकारियों को भेज चुके हैं। उनका कहना है कि बीट पुलिसिंग को मजबूत करना और किराएदारों व बाहरियों की वेरिफिकेशन वह अपने सामने कराने चाहते थे। यह कार्य अधूरा रह गया।
लोगों को सिफारिश नहीं करानी पड़ेगी : कलानिधी नैथानी
नवनियुक्त एसएसपी कलानिधी नैथानी का कहना है कि कानून हाथ में लेने वालों पर सख्ती होगी। लोगों को अपनी परेशानी बताने में सिफारिश नहीं करानी पड़ेगी। कानून-व्यवस्था बनाने के साथ-साथ महिला सुरक्षा, बाल अपराधों पर अंकुश उनकी प्राथमिकता होगी। कम्यूनिटी पुलिसिंग पर जोर होगा। लोग बेझिझक अपनी समस्या पुलिस से बता सकेंगे।