{"_id":"5d8cff928ebc3e93c734bc7f","slug":"ghaziabad-news-ghaziabad-news-gbd1852606163","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब विज्ञापन फर्मों को यूनिपोल लगाते ही कराना होगा जियो टैगिंग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब विज्ञापन फर्मों को यूनिपोल लगाते ही कराना होगा जियो टैगिंग
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अब विज्ञापन फर्मों को यूनिपोल लगाते ही कराना होगा जियो टैगिंग
गाजियाबाद। नगर निगम ने विज्ञापन लगाने में फर्जीवाड़ा कर रही फर्मों पर शिकंजा कस दिया है। अब विज्ञापन फर्मों को यूनिपोल, होर्डिंग्स, गेट एंट्री और कैंटीलिवर की जानकारी जियो टैगिंग के साथ नगर निगम को देनी होगी। नगरायुक्त ने विज्ञापन विभाग के अधिकारियों और विज्ञापन फर्मों के संचालकों को निर्देश दिए हैं।
जियो टैगिंग होने के बाद यूनिपोल या अन्य विज्ञापनों को लगाने में फर्जीवाड़ा नहीं हो सकेगा। फिलहाल कई फर्म ऐसी हैं, जिन्होंने नगर निगम से स्वीकृत संख्या से ज्यादा विज्ञापन लगा रखे हैं। नगर निगम ने करीब दो साल पहले फर्मों को प्रत्येक यूनिपोल, गेट एंट्री आदि पर नंबरिंग कराने के निर्देश दिए थे, ताकि भौतिक सत्यापन किया जा सके। इसके बाद विज्ञापन फर्मों ने इसका भी रास्ता निकाल लिया। कई फर्म ने दो अलग-अलग स्थान पर लगाए गए यूनिपोल, होर्डिंग्स पर एक ही नंबर डाल दिया। यानी एक ही नंबर का यूनिपोल दो-दो जोन में लगा हुआ था। अब नगरायुक्त दिनेश चंद्र ने प्रत्येक यूनिपोल, गेट एंट्री, कैंटीलिवर आदि के लिए जियो टैगिंग अनिवार्य कर दिया है। उनका कहना है कि जियो टैगिंग से प्रत्येक विज्ञापन की लोकेशन दर्ज हो जाएगी। ऐसे में नंबरिंग में अगर फर्जीवाड़ा किया गया होगा तो भी पकड़ में आ जाएगा। उन्होंने बताया कि सभी विज्ञापन फर्मों को जल्द से जल्द जियो टैगिंग के साथ उनके विज्ञापनों की सूची पूरी डिटेल के साथ उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। इसके बाद निगम स्तर से इनका सत्यापन कराया जाएगा।
विज्ञापन
गाजियाबाद। नगर निगम ने विज्ञापन लगाने में फर्जीवाड़ा कर रही फर्मों पर शिकंजा कस दिया है। अब विज्ञापन फर्मों को यूनिपोल, होर्डिंग्स, गेट एंट्री और कैंटीलिवर की जानकारी जियो टैगिंग के साथ नगर निगम को देनी होगी। नगरायुक्त ने विज्ञापन विभाग के अधिकारियों और विज्ञापन फर्मों के संचालकों को निर्देश दिए हैं।
जियो टैगिंग होने के बाद यूनिपोल या अन्य विज्ञापनों को लगाने में फर्जीवाड़ा नहीं हो सकेगा। फिलहाल कई फर्म ऐसी हैं, जिन्होंने नगर निगम से स्वीकृत संख्या से ज्यादा विज्ञापन लगा रखे हैं। नगर निगम ने करीब दो साल पहले फर्मों को प्रत्येक यूनिपोल, गेट एंट्री आदि पर नंबरिंग कराने के निर्देश दिए थे, ताकि भौतिक सत्यापन किया जा सके। इसके बाद विज्ञापन फर्मों ने इसका भी रास्ता निकाल लिया। कई फर्म ने दो अलग-अलग स्थान पर लगाए गए यूनिपोल, होर्डिंग्स पर एक ही नंबर डाल दिया। यानी एक ही नंबर का यूनिपोल दो-दो जोन में लगा हुआ था। अब नगरायुक्त दिनेश चंद्र ने प्रत्येक यूनिपोल, गेट एंट्री, कैंटीलिवर आदि के लिए जियो टैगिंग अनिवार्य कर दिया है। उनका कहना है कि जियो टैगिंग से प्रत्येक विज्ञापन की लोकेशन दर्ज हो जाएगी। ऐसे में नंबरिंग में अगर फर्जीवाड़ा किया गया होगा तो भी पकड़ में आ जाएगा। उन्होंने बताया कि सभी विज्ञापन फर्मों को जल्द से जल्द जियो टैगिंग के साथ उनके विज्ञापनों की सूची पूरी डिटेल के साथ उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। इसके बाद निगम स्तर से इनका सत्यापन कराया जाएगा।
विज्ञापन