{"_id":"60e8a97f8ebc3ec3b05504f3","slug":"ghaziabad-news-ghaziabad-city-news-gbd2219739148","type":"story","status":"publish","title_hn":"वित्तीय वर्ष की पहली नीलामी में बिकीं 5.50 करोड़ की छह संपत्तियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वित्तीय वर्ष की पहली नीलामी में बिकीं 5.50 करोड़ की छह संपत्तियां
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वित्तीय वर्ष की पहली नीलामी में बिकीं 5.50 करोड़ की छह संपत्तियां
गाजियाबाद। नए वित्तीय वर्ष में जीडीए सभागार में पहली बार संपत्तियों की नीलामी हुई। कोरोना की दूसरी लहर के बाद शुरू हुई नीलामी प्रक्रिया में 290 आवासीय, औद्योगिक और व्यावसायिक संपत्तियों को शामिल किया गया था। पहली नीलामी में बोली लगाने वाले कम रहे। जीडीए को छह संपत्तियों से 5.50 करोड़ की आय हुई। अब शुक्रवार से सभी नीलामी प्रक्रिया लोहियानगर स्थित हिंदी भवन में होंगी।
मधुबन बापूधाम में दो औद्योगिक भूखंड बिके
जीडीए अपर सचिव सीपी त्रिपाठी ने बताया कि नीलामी प्रक्रिया में मधुबन बापूधाम आवासीय योजना में दो औद्योगिक भूखंड और एक व्यावसायिक भूखंड की नीलामी हुई है। कर्पूरीपुरम योजना में दो आवासीय संपत्तियों और राजनगर में पूर्व की योजनाओं में कैंसिल हुई एक आवासीय संपत्ति की बिक्री हुई है। नए वित्तीय वर्ष की नीलामी में करीब साढ़े पांच करोड़ की आय हुई है। नीलामी प्रक्रिया अब नियमित रूप से जारी रहेगी। प्राधिकरण सभागार में हुई सोशल डिस्टेंसिंग के मानकों का पालन करते हुए नीलामी प्रक्रिया आयोजित हुई। आगे बोलीकर्ताओं की भीड़ बढ़ने की संभावनाओं को देखते हुए नीलामी प्रक्रिया लोहिया भवन में की जाएगी।
विकास कार्यों को फिर से मिलेगी गति
पिछले वित्तीय वर्ष में प्राधिकरण को नीलामी प्रक्रिया से करोड़ों की आय हुई थी। अप्रैल, मई और जून के बाद दोबारा से संपत्तियों की नीलामी शुरू हुई है। कोरोना महामारी के बीच जीडीए की संपत्तियों पर पूरी तरह से ब्रेक लगा रहा। ऐसे में संपत्तियों की फिर से नीलामी शुरू होने से शहर में चल रहे विकास कार्यों की गति तेज होगी। दूसरी ओर प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं में खाली भवनों को खरीदने की योजना बना रहे शहरवासियों को अब आगामी नीलामी में भाग लेने का अवसर मिलेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
गाजियाबाद। नए वित्तीय वर्ष में जीडीए सभागार में पहली बार संपत्तियों की नीलामी हुई। कोरोना की दूसरी लहर के बाद शुरू हुई नीलामी प्रक्रिया में 290 आवासीय, औद्योगिक और व्यावसायिक संपत्तियों को शामिल किया गया था। पहली नीलामी में बोली लगाने वाले कम रहे। जीडीए को छह संपत्तियों से 5.50 करोड़ की आय हुई। अब शुक्रवार से सभी नीलामी प्रक्रिया लोहियानगर स्थित हिंदी भवन में होंगी।
मधुबन बापूधाम में दो औद्योगिक भूखंड बिके
जीडीए अपर सचिव सीपी त्रिपाठी ने बताया कि नीलामी प्रक्रिया में मधुबन बापूधाम आवासीय योजना में दो औद्योगिक भूखंड और एक व्यावसायिक भूखंड की नीलामी हुई है। कर्पूरीपुरम योजना में दो आवासीय संपत्तियों और राजनगर में पूर्व की योजनाओं में कैंसिल हुई एक आवासीय संपत्ति की बिक्री हुई है। नए वित्तीय वर्ष की नीलामी में करीब साढ़े पांच करोड़ की आय हुई है। नीलामी प्रक्रिया अब नियमित रूप से जारी रहेगी। प्राधिकरण सभागार में हुई सोशल डिस्टेंसिंग के मानकों का पालन करते हुए नीलामी प्रक्रिया आयोजित हुई। आगे बोलीकर्ताओं की भीड़ बढ़ने की संभावनाओं को देखते हुए नीलामी प्रक्रिया लोहिया भवन में की जाएगी।
विज्ञापन
विकास कार्यों को फिर से मिलेगी गति
पिछले वित्तीय वर्ष में प्राधिकरण को नीलामी प्रक्रिया से करोड़ों की आय हुई थी। अप्रैल, मई और जून के बाद दोबारा से संपत्तियों की नीलामी शुरू हुई है। कोरोना महामारी के बीच जीडीए की संपत्तियों पर पूरी तरह से ब्रेक लगा रहा। ऐसे में संपत्तियों की फिर से नीलामी शुरू होने से शहर में चल रहे विकास कार्यों की गति तेज होगी। दूसरी ओर प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं में खाली भवनों को खरीदने की योजना बना रहे शहरवासियों को अब आगामी नीलामी में भाग लेने का अवसर मिलेगा।
विज्ञापन