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मुआवजे की फाइल अटक गई तो किसानों ने घेर ली तहसील
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भाकियू भानु ने किया तहसील का घेराव।
मुआवजे की फाइल अटक गई तो किसानों ने घेर ली तहसील
गाजियाबाद। भारतीय किसान यूनियन भानू के पदाधिकारियों ने प्रशासनिक अधिकारी, तहसीलदार, लेखपालों पर किसानों को परेशान करने का आरोप लगाते हुए सदर तहसील में धरना दिया। उन्होंने कहा कि किसानों की मांगें लंबित हैं। कोई भी अधिकारी सुनवाई करने को तैयार नहीं है। आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि मांगें पूरी नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।
सोमवार को सदर तहसील में धरने को संबोधित करते हुए भाकियू भानू के प्रदेश प्रवक्ता एवं राष्ट्रीय महासचिव मास्टर मनोज नागर ने कहा कि दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे, आकाश नगर के प्रभावित लोगों की समस्याओं, पुनर्वास नीति आरआर की फाइलों और मुआवजे की फाइलों की संस्तुति तहसील के अधिकारी कर्मचारी नहीं कर रहे हैं। प्रभावित लोगों को तहसीलदार और लेखपालों द्वारा परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पुनर्वास नीति के तहत प्रभावित लोगों को जिनका प्लॉट या मकान पूर्ण रूप से अधिग्रहण हो चुका है। उनको पुनर्वास नीति के
तहत 5:50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता एनएचआई द्वारा दी जाती है। इसकी जांच और फाइलों को तैयार करने का काम लेखपाल और तहसीलदार का है। बार-बार एडीएम, एसडीएम व किसान यूनियन के द्वारा अनुरोध करने के बाद भी तहसील प्रशासन ने लगभग 4 माह के बाद भी लोगों की फाइल नहीं बनाई है। धरने के दौरान तहसीलदार सदर ने किसानों की समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि तत्काल रूप से फाइलों को पूरा करा दिया जाएगा। फाइल को एसडीएम सदर के कार्यालय में भेज दिया जाएगा। इस दौरान मुकेश त्यागी, लालता प्रसाद पांडे, कुसुम देवी, अब्दुल, कृष्ण कुमार शर्मा, विनीत कुमार, सोनू प्रधान, नायक फल, सोनू यादव, आनंद वर्मा, चौधरी
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भोपाल सिंह, मनीष नागर, नरेंद्र चौधरी आदि मौजूद रहे।
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गाजियाबाद। भारतीय किसान यूनियन भानू के पदाधिकारियों ने प्रशासनिक अधिकारी, तहसीलदार, लेखपालों पर किसानों को परेशान करने का आरोप लगाते हुए सदर तहसील में धरना दिया। उन्होंने कहा कि किसानों की मांगें लंबित हैं। कोई भी अधिकारी सुनवाई करने को तैयार नहीं है। आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि मांगें पूरी नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।
सोमवार को सदर तहसील में धरने को संबोधित करते हुए भाकियू भानू के प्रदेश प्रवक्ता एवं राष्ट्रीय महासचिव मास्टर मनोज नागर ने कहा कि दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे, आकाश नगर के प्रभावित लोगों की समस्याओं, पुनर्वास नीति आरआर की फाइलों और मुआवजे की फाइलों की संस्तुति तहसील के अधिकारी कर्मचारी नहीं कर रहे हैं। प्रभावित लोगों को तहसीलदार और लेखपालों द्वारा परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पुनर्वास नीति के तहत प्रभावित लोगों को जिनका प्लॉट या मकान पूर्ण रूप से अधिग्रहण हो चुका है। उनको पुनर्वास नीति के
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तहत 5:50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता एनएचआई द्वारा दी जाती है। इसकी जांच और फाइलों को तैयार करने का काम लेखपाल और तहसीलदार का है। बार-बार एडीएम, एसडीएम व किसान यूनियन के द्वारा अनुरोध करने के बाद भी तहसील प्रशासन ने लगभग 4 माह के बाद भी लोगों की फाइल नहीं बनाई है। धरने के दौरान तहसीलदार सदर ने किसानों की समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि तत्काल रूप से फाइलों को पूरा करा दिया जाएगा। फाइल को एसडीएम सदर के कार्यालय में भेज दिया जाएगा। इस दौरान मुकेश त्यागी, लालता प्रसाद पांडे, कुसुम देवी, अब्दुल, कृष्ण कुमार शर्मा, विनीत कुमार, सोनू प्रधान, नायक फल, सोनू यादव, आनंद वर्मा, चौधरी
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भोपाल सिंह, मनीष नागर, नरेंद्र चौधरी आदि मौजूद रहे।