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बोले किसान नेता- ये है अब तक का सबसे बड़ा आंदोलन

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 28 Feb 2021 12:50 AM IST
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बोले किसान नेता- ये है अब तक का सबसे बड़ा आंदोलन
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साहिबाबाद। कृषि कानूनों के विरोध में चल रहा किसान आंदोलन अब देश का सबसे बड़ा आंदोलन बन चुका है। इससे पहले वर्ष 1988 में चौ. महेंद्र सिंह टिकैत के नेतृत्व में दिल्ली वोट क्लब आंदोलन हुआ था। वर्ष 1990 में भी नईमा आंदोलन और फिर वर्ष 1998 में किसानों का रेल रोको आंदोलन भाकियू के रिकॉर्ड में दर्ज थे।
दिल्ली वोट क्लब आंदोलन के गवाह मेरठ निवासी किसान विजयपाल घोपला ने बताया कि 1988 के अक्तूबर माह में चौ. महेंद्र सिंह टिकैत ने लाभकारी मूल्य, बिजली फ्री और फसल का मूल्य पहले से तय करने के मुद्दों पर आंदोलन शुरू किया था। मुजफ्फरनगर के सिसौली गांव से शुरू होकर यह आंदोलन वोट क्लब तक पहुंच चुका था। तब इस आंदोलन से तत्कालीन सरकार हिल गई थी। बड़े-बड़े मंत्रियों से लेकर प्रशासनिक अधिकारी चौ. महेंद्र सिंह टिकैत से बातचीत को तैयार हो गए। लेकिन ठोस निष्कर्ष न निकलने के बाद चौ. महेंद्र सिंह टिकैत ने देशभर के किसानों को दिल्ली आने का आह्वान कर दिया। उनकी एक आवाज पर लाखों किसान दिल्ली में जुटने लगे थे। जिससे केंद्र सरकार परेशान हो गई थी। फिर कई दौर की वार्ता चली। किसानों का आरोप है कि वोट क्लब आंदोलन में साउथ के राज्यों से पुलिस बुलाकर आधी रात में कार्रवाई कराई गई। इसके बाद मेरठ में जमीन अधिग्रहण के आंदोलन के कारण चौ. महेंद्र सिंह टिकैत की लंदन के एक चैनल ने सराहना की थी। यह आंदोलन 27 दिन चला था।
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नईमा आंदोलन में नहर में फेंक दिए गए थे ट्रैक्टर
रणवीर सिंह ने बताया कि वर्ष 1990 में नईमा हत्याकांड के बाद भोपा नहर पर आंदोलन शुरू हो गया। आरोप है कि अधिकारियों को निर्देश मिलने के बाद किसानों के कुछ ट्रैक्टरों को नहर में फेंक दिया गया था। किसानों का विरोध तेज हुआ तो सरकार ने आंदोलन खत्म होने के बाद नए ट्रैक्टर दिलाए। एक महीने तक चले आंदोलन में 50 से अधिक किसानों ने जेल भरो आंदोलन में भी हिस्सा लिया था। वर्ष 1992-93 में रजकपुर आंदोलन भी कई दिनों तक चला था। वर्ष 1995 में लाल किले पर आंदोलन में गन्ने का रस निकालने के लिए कोल्हू भी लगा दिया गया था। वर्ष 1998 में चौ.महेंद्र सिंह टिकैत ने रेल रोको आंदोलन किया। यह 88 दिन तक चला था। सिसौली में पंचायत के बाद किसानों ने चार दिन तक जगह-जगह रेल रोक दी थी। आरोप है कि आंदोलन में पुलिस ने कई किसानों को पकड़कर करीब 85 दिनों तक जेल में रखा था। इसके बाद वर्ष 2004 में मुंबई और वर्ष 1999 में यूरोप में भी आंदोलन किया था। यूरोप में चौ. महेंद्र सिंह टिकैत चप्पल पहनकर हवाई जहाज से गए थे।
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