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दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर अगले माह से लगेगा टोल

Sat, 27 Feb 2021 12:44 AM IST
गाजियाबाद ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ Published by: गाजियाबाद ब्यूरो Updated Sat, 27 Feb 2021 12:44 AM IST
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दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर दौड़ने वाले वाहनों को अगले माह (31 मार्च तक) से टोल अदा करना होगा। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने केंद्रीय सड़क एवं परिवहन राजमार्ग मंत्रालय को टोल दरों का प्रस्ताव भेज दिया है, जिन्हें 15 मार्च तक स्वीकृति मिलने की उम्मीद है। प्रस्ताव के तहत दिल्ली-मेरठ के बीच 135 रुपये टोल वसूले जाने की तैयारी है। पहले और दूसरे चरण यानी सराय काले खां से डासना के बीच टोल की वसूली ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रीडर (एएनपीआर) की मदद से चलती हुई गाड़ी से दूरी के हिसाब टोल कटेगा, जबकि चौथे चरण में तीन जगहों पर टोल बूथ पर फास्टैग से टोल कटेगा।

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होलसेल प्राइज इंडेक्स के आधार पर एनएचएआई ने 1.50 से 200 रुपये प्रति किमी के हिसाब से टोल लगाने के प्रस्ताव दिया है। इस हिसाब से दिल्ली-मेरठ के बीच कार से 69 किमी सफर करने वालों को एक तरफ से 135 रुपये टोल अदा करना होगा। दूसरे चरण में यूपी गेट से डासना के बीच अलीगढ़ रेल लाइन पर अभी रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) का काम बाकी है, जिसमें अंतिम रूप से तैयार होने में अभी एक साल का वक्त लगेगा। ऐसे में एनएचएआई ने करीब 500 मीटर लंबे हिस्से को टोल दरों में शामिल नहीं किया है। उम्मीद है कि मंत्रालय प्रस्ताव दरों पर मुहर लगा सकता है। क्योंकि अभी तक बाकी सभी एक्सप्रेसवे पर इसी हिसाब से टोल दरें ली जा रही हैं।
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एनएचएआई का दावा 31 मार्च तक दौड़ेंगे वाहन
केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी भले ही जून में एक्सप्रेसवे के उद्घाटन की बात कही हो, लेकिन एनएचएआई का दावा है कि अलीगढ़ रेल लाइन को छोड़कर बाकी सारा हिस्सा 31 मार्च तक तैयार कर यातायात के लिए खोल दिया जाएगा। इसके लिए मशीनों से लेकर मैन पावर को बढ़ा दिया गया है। तीन शिफ्टों में बांटकर काम किया जा रहा है।
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पहले और चौथे चरण में बढ़ेगा टोल
जहां पर एलिवेटेड रोड व पुल बनाए जाते हैं, वहां पर निर्माण लागत करीब 10 गुना बढ़ जाती है। उदाहरण के तौर पर पिलखुवा में पांच किमी की एलिवेटेड रोड बनी है। इस चरण में 125 रुपये का टोल छिजारसी में लिया जाता है, जिसमें करीब 75 रुपये अकेले एलिवेटेड रोड के तौर पर लिए जा रहे हैं। यही कारण हैं कि दिल्ली-मेरठ के बीच एक्सप्रेसवे 69 किमी का डेढ़ रुपये, जिसमें 100 रुपये टोल होना चाहिए था लेकिन यमुना पुल, हिंडन व हिंडन कैनाल, दो बड़े आरओबी व 700 मीटर की एलिवेटेड रोड के निर्माण के चलते 120 से 135 रुपये टोल वसूली का प्रस्ताव दिया गया है।


केंद्रीय सड़क एवं परिवहन राजमार्ग राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह ने बताया कि एक्सप्रेसवे के निर्माण में देरी रेलवे की तरफ से की गई है। हमने 2500 मीट्रिक टन वजन का पुल बनाने का प्रस्ताव रखा था, जिसे रेलवे ने बढ़ाकर 4700 मीट्रिक टन कर दिया। अब काम तेज गति से चल रहा है। एक हिस्से में आरओबी को छोड़कर बाकी काम 31 मार्च तक पूरा किया जाएगा। उससे पहले टोल दरों को लेकर भेजे गए प्रस्ताव पर भी मुहर लग जाएगा। मंत्रालय की कोशिश रहेगा कि किसी एक हिस्से में लोगों पर ज्यादा बोझ न पड़े। इसलिए औसत हिसाब से ही टोल लगाने की कोशिश रहेगी।

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