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सैलरी लूटने के बाद फैक्टरीकर्मी की हथौड़े से सिर कुचलकर हत्या
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सैलरी लूटने के बाद फैक्टरीकर्मी की हथौड़े से सिर कुचलकर हत्या
गाजियाबाद। कविनगर इंडस्ट्रियल एरिया में बदमाशों ने सैलरी लूटने के बाद फैक्टरी कर्मचारी प्रेम कुमार (36) निवासी रजापुर की हथौड़े से सिर कुचलकर हत्या कर दी। प्रेम मूलरूप से जिला शिवहर, बिहार के गांव घुसुकपुर का रहने वाले थे। बृहस्पतिवार रात करीब साढ़े 8 बजे वह वह सैलरी लेकर घर के लिए निकले, लेकिन घर नहीं पहुंचे। रातभर परिजन इंतजार में रहे, लेकिन बृहस्पतिवार सुबह लोगों ने इंडस्ट्रियल एरिया से सटे जंगल में प्रेम का शव पड़ा देखा तो घटना का पता चला। कविनगर पुलिस ने तहरीर मिलने के बाद केस दर्ज कर हत्यारोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
प्रेम कुमार करीब 12 साल से गाजियाबाद में रह रहे थे। कविनगर इंडस्ट्रियल एरिया स्थित गद्दा फैक्टरी में नौकरी करने वाले प्रेम वर्तमान में रजापुर निवासी जय चौधरी के मकान में पत्नी व बच्चों के साथ किराए पर रहते थे। परिजनों के मुताबिक प्रेम बुधवार सुबह करीब साढ़े 7 बजे साइकिल लेकर ड्यूटी के लिए निकले थे। दिनभर उन्होंने ड्यूटी की, लेकिन रात में घर नहीं पहुंचे। पत्नी पूनम से समझा कि नाइट ड्यूटी होने के कारण प्रेम घर नहीं आए। सुबह को भी घर न पहुंचने पर पूनम ने देवर अविनाश को फोन करके जानकारी दी। इसके बाद तिगरी गोल चक्कर के पास रहने वाले अविनाश ने अन्य लोगों के साथ प्रेम की खजबीन शुरू कर दी। सुबह करीब सवा 8 बजे प्रेम का शव फैक्टरी के पास जंगल में पड़ा मिला। स्थानीय लोगों ने फैक्टरी में सूचना दी, जहां से परिजनों और पुलिस को सूचना दी गई।
जंगल में पड़ा मिला खून से लथपथ शव, पास पड़ा था हथौड़ा
प्रेम के भाई अविनाश ने बताया कि बृहस्पतिवार सुबह कुछ लोग जंगल में घूमने निकले तो उनके भाई का शव पड़ा मिला। इसके पास फैक्टरी से उनके पास सूचना आई। मौके पर जाकर देखा तो शव प्रेम का ही थी। हथौड़े से भाई के चेहरे को बुरी तरह कुचला हुआ था, जबकि खून से सना हथौड़ा भी पास में ही पड़ा था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने तलाशी ली तो सैलरी के करीब 12 हजार रुपये उनकी जेब में नहीं मिले। प्रेम कुछ रुपये एडवांस ले चुके थे।
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हत्या में साथी या करीबी का हाथ, फैक्टरी में मिले मोबाइल व साइकिल.............
पुलिस का मानना है कि प्रेम कुमार की हत्या में साथ काम करने वाले किसी कर्मचारी की भूमिका हो सकती है। प्रेम की साइकिल व मोबाइल फैक्टरी में ही मिले हैं। परिजनों का कहना है कि प्रेम का साइकिल से ही आना-जाना था। ऐसे में वह फैक्टरी से घर के लिए पैदल क्यों निकलेंगे। साथ ही अपना मोबाइल भी फैक्टरी में क्यों छोड़ेंगे। अंदेशा है कि प्रेम के किसी जानकार या साथी कर्मचारी ने उन्हें बहाने से साथ ले जाकर लूटपाट की और फिर हथौड़े से सिर कुचलकर उनकी हत्या कर दी।
चार बेटियों के बाद 26 दिन पहले हुआ था पहला बेटा..
भाई अविनाश ने बताया कि प्रेम चार भाइयों में सबसे बड़े थे। वह तीन बेटी व एक बेटे का पिता थे। बेटे का जन्म 26 दिन पहले ही हुआ है। प्रेम की हत्या के बाद उनकी पत्नी पूनम, बेटियों व भाइयों का बुरा हाल है। कविनगर एसएचओ नागेंद्र चौबे ने बताया कि केस दर्ज कर हर पहलू पर मामले की जा रही है। लूट की भी आशंका है। जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा।
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गाजियाबाद। कविनगर इंडस्ट्रियल एरिया में बदमाशों ने सैलरी लूटने के बाद फैक्टरी कर्मचारी प्रेम कुमार (36) निवासी रजापुर की हथौड़े से सिर कुचलकर हत्या कर दी। प्रेम मूलरूप से जिला शिवहर, बिहार के गांव घुसुकपुर का रहने वाले थे। बृहस्पतिवार रात करीब साढ़े 8 बजे वह वह सैलरी लेकर घर के लिए निकले, लेकिन घर नहीं पहुंचे। रातभर परिजन इंतजार में रहे, लेकिन बृहस्पतिवार सुबह लोगों ने इंडस्ट्रियल एरिया से सटे जंगल में प्रेम का शव पड़ा देखा तो घटना का पता चला। कविनगर पुलिस ने तहरीर मिलने के बाद केस दर्ज कर हत्यारोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
प्रेम कुमार करीब 12 साल से गाजियाबाद में रह रहे थे। कविनगर इंडस्ट्रियल एरिया स्थित गद्दा फैक्टरी में नौकरी करने वाले प्रेम वर्तमान में रजापुर निवासी जय चौधरी के मकान में पत्नी व बच्चों के साथ किराए पर रहते थे। परिजनों के मुताबिक प्रेम बुधवार सुबह करीब साढ़े 7 बजे साइकिल लेकर ड्यूटी के लिए निकले थे। दिनभर उन्होंने ड्यूटी की, लेकिन रात में घर नहीं पहुंचे। पत्नी पूनम से समझा कि नाइट ड्यूटी होने के कारण प्रेम घर नहीं आए। सुबह को भी घर न पहुंचने पर पूनम ने देवर अविनाश को फोन करके जानकारी दी। इसके बाद तिगरी गोल चक्कर के पास रहने वाले अविनाश ने अन्य लोगों के साथ प्रेम की खजबीन शुरू कर दी। सुबह करीब सवा 8 बजे प्रेम का शव फैक्टरी के पास जंगल में पड़ा मिला। स्थानीय लोगों ने फैक्टरी में सूचना दी, जहां से परिजनों और पुलिस को सूचना दी गई।
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जंगल में पड़ा मिला खून से लथपथ शव, पास पड़ा था हथौड़ा
प्रेम के भाई अविनाश ने बताया कि बृहस्पतिवार सुबह कुछ लोग जंगल में घूमने निकले तो उनके भाई का शव पड़ा मिला। इसके पास फैक्टरी से उनके पास सूचना आई। मौके पर जाकर देखा तो शव प्रेम का ही थी। हथौड़े से भाई के चेहरे को बुरी तरह कुचला हुआ था, जबकि खून से सना हथौड़ा भी पास में ही पड़ा था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने तलाशी ली तो सैलरी के करीब 12 हजार रुपये उनकी जेब में नहीं मिले। प्रेम कुछ रुपये एडवांस ले चुके थे।
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हत्या में साथी या करीबी का हाथ, फैक्टरी में मिले मोबाइल व साइकिल.............
पुलिस का मानना है कि प्रेम कुमार की हत्या में साथ काम करने वाले किसी कर्मचारी की भूमिका हो सकती है। प्रेम की साइकिल व मोबाइल फैक्टरी में ही मिले हैं। परिजनों का कहना है कि प्रेम का साइकिल से ही आना-जाना था। ऐसे में वह फैक्टरी से घर के लिए पैदल क्यों निकलेंगे। साथ ही अपना मोबाइल भी फैक्टरी में क्यों छोड़ेंगे। अंदेशा है कि प्रेम के किसी जानकार या साथी कर्मचारी ने उन्हें बहाने से साथ ले जाकर लूटपाट की और फिर हथौड़े से सिर कुचलकर उनकी हत्या कर दी।
चार बेटियों के बाद 26 दिन पहले हुआ था पहला बेटा..
भाई अविनाश ने बताया कि प्रेम चार भाइयों में सबसे बड़े थे। वह तीन बेटी व एक बेटे का पिता थे। बेटे का जन्म 26 दिन पहले ही हुआ है। प्रेम की हत्या के बाद उनकी पत्नी पूनम, बेटियों व भाइयों का बुरा हाल है। कविनगर एसएचओ नागेंद्र चौबे ने बताया कि केस दर्ज कर हर पहलू पर मामले की जा रही है। लूट की भी आशंका है। जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा।