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गाजियाबाद में आईएस के आतंकी तलाश रहीं सुरक्षा एजेंसियां
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गाजियाबाद में आईएस के आतंकी तलाश रहीं सुरक्षा एजेंसियां
गाजियाबाद। दिल्ली के धौलाकुआं में आईएस के आतंकी के पकड़े जाने के बाद एक बार फिर गाजियाबाद सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर है। सुरक्षा एजेंसियां गाजियाबाद और आसपास के जिलों में आईएस के रंगरूट तलाश रहीं हैं। आशंका है कि दिल्ली से नजदीकी के चलते गाजियाबाद और आसपास के जिलों में आतंकियों का कनेक्शन हो सकता है। इसी के चलते जिले में हाईअलर्ट घोषित कर सीमा पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
गौरतलब है कि दिसंबर 2018 में आईएस के मॉड्यूल हरकत उल हर्ब-ए-इस्लाम का भंडाफोड़ कर एनआईए ने हापुड़, मेरठ और अमरोहा से आतंकियों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में सामने आया था कि उक्त आतंकियों ने उत्तर पश्चिम के रास्ते देश में दहशतगर्दी फैलाने के लिए आईएस का नया मॉड्यूल तैयार किया था। संपन्नता और दिल्ली से नजदीकी के चलते गाजियाबाद जिला आतंकियों के निशाने पर था। इसके अलावा 2018 में ही दिल्ली में पांच संदिग्ध आतंकियों के देखे जाने के बाद गाजियाबाद जिला सुर्खियों में आया, क्योंकि उनकी कार पर गाजियाबाद जिले की नंबर प्लेट लगी हुई थी।
आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने तैयार किए थे रंगरूट
सितंबर 2019 में सहारनपुर में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के लिए काम करने वाले आतंकियों को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में आतंकियों ने बताया था कि उनके द्वारा पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली व एनसीआर में बेरोजगार युवाओं को टारगेट कर जैश के रंगरूट के तौर पर तैयार किया जा रहा है। इनमें सहारनपुर, मेरठ, बागपत, मुजफ्फरनगर के अलावा गाजियाबाद जिले के युवा भी शामिल हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने इन सभी जिलों में संदिग्ध लोगों की तलाश की थी।
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आईएसआईएस के मॉड्यूल में भी टॉप लिस्ट में जिला
2018 में आईएस के मॉड्यूल हरकत उल हर्ब-ए-इस्लाम के आतंकी हापुड़, अमरोहा और मेरठ से पकड़े गए थे। पूछताछ में यह बात भी सामने आई थी कि दिल्ली से सटा होने के कारण गाजियाबाद से गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा है। आतंकी मॉड्यूल में गाजियाबाद टॉप लिस्ट में शामिल था। जिसके चलते सुरक्षा एजेंसियों ने महीनों तक गाजियाबाद और आसपास के जिलों में डेरा डाले रखा था।
गाजियाबाद में हाईअलर्ट, सीमाओं पर कड़ी निगरानी
दिल्ली में आईएस के आतंकी के पकड़े जाने के बाद गाजियाबाद में हाईअलर्ट जारी किया गया है। इसके तहत डॉग स्क्वायड और बम स्क्वायड को सघन तलाशी के निर्देश दिए गए हैं, साथ ही खुफिया विभाग को भी सक्रिय किया गया है। होटल, धर्मशाला व सराय में रुकने वाले लोगों की पूरी पड़ताल की जा रही है। संदिग्ध लोगों व वाहनों की सघन चेकिंग के निर्देश दिए गए हैं। अंतरजनपदीय और अंतरप्रदेशीय सीमाओं पर चौकसी बढ़ा दी गई है।
हाईअलर्ट जारी, गाजियाबाद पर विशेष नजर : एडीजी
एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार का कहना है कि पश्चिम उत्तर प्रदेश आतंकियों के निशाने पर रहा है। दिल्ली से नजदीकी के चलते गाजियाबाद में सक्रियता की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इसी के चलते दिल्ली से सटे यूपी की सीमाओं के साथ-साथ गाजियाबाद में विशेष तौर पर सीमा पर निगरानी बढ़ा दी गई है। कोई भी इनपुट मिलने पर सुरक्षा एजेंसियों को पुलिस द्वारा पूरी मदद दी जाएगी। हाईअलर्ट जारी करते हुए दिल्ली की सीमाओं पर सघन तलाशी के निर्देश दिए गए हैं।
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गाजियाबाद। दिल्ली के धौलाकुआं में आईएस के आतंकी के पकड़े जाने के बाद एक बार फिर गाजियाबाद सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर है। सुरक्षा एजेंसियां गाजियाबाद और आसपास के जिलों में आईएस के रंगरूट तलाश रहीं हैं। आशंका है कि दिल्ली से नजदीकी के चलते गाजियाबाद और आसपास के जिलों में आतंकियों का कनेक्शन हो सकता है। इसी के चलते जिले में हाईअलर्ट घोषित कर सीमा पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
गौरतलब है कि दिसंबर 2018 में आईएस के मॉड्यूल हरकत उल हर्ब-ए-इस्लाम का भंडाफोड़ कर एनआईए ने हापुड़, मेरठ और अमरोहा से आतंकियों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में सामने आया था कि उक्त आतंकियों ने उत्तर पश्चिम के रास्ते देश में दहशतगर्दी फैलाने के लिए आईएस का नया मॉड्यूल तैयार किया था। संपन्नता और दिल्ली से नजदीकी के चलते गाजियाबाद जिला आतंकियों के निशाने पर था। इसके अलावा 2018 में ही दिल्ली में पांच संदिग्ध आतंकियों के देखे जाने के बाद गाजियाबाद जिला सुर्खियों में आया, क्योंकि उनकी कार पर गाजियाबाद जिले की नंबर प्लेट लगी हुई थी।
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आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने तैयार किए थे रंगरूट
सितंबर 2019 में सहारनपुर में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के लिए काम करने वाले आतंकियों को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में आतंकियों ने बताया था कि उनके द्वारा पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली व एनसीआर में बेरोजगार युवाओं को टारगेट कर जैश के रंगरूट के तौर पर तैयार किया जा रहा है। इनमें सहारनपुर, मेरठ, बागपत, मुजफ्फरनगर के अलावा गाजियाबाद जिले के युवा भी शामिल हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने इन सभी जिलों में संदिग्ध लोगों की तलाश की थी।
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आईएसआईएस के मॉड्यूल में भी टॉप लिस्ट में जिला
2018 में आईएस के मॉड्यूल हरकत उल हर्ब-ए-इस्लाम के आतंकी हापुड़, अमरोहा और मेरठ से पकड़े गए थे। पूछताछ में यह बात भी सामने आई थी कि दिल्ली से सटा होने के कारण गाजियाबाद से गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा है। आतंकी मॉड्यूल में गाजियाबाद टॉप लिस्ट में शामिल था। जिसके चलते सुरक्षा एजेंसियों ने महीनों तक गाजियाबाद और आसपास के जिलों में डेरा डाले रखा था।
गाजियाबाद में हाईअलर्ट, सीमाओं पर कड़ी निगरानी
दिल्ली में आईएस के आतंकी के पकड़े जाने के बाद गाजियाबाद में हाईअलर्ट जारी किया गया है। इसके तहत डॉग स्क्वायड और बम स्क्वायड को सघन तलाशी के निर्देश दिए गए हैं, साथ ही खुफिया विभाग को भी सक्रिय किया गया है। होटल, धर्मशाला व सराय में रुकने वाले लोगों की पूरी पड़ताल की जा रही है। संदिग्ध लोगों व वाहनों की सघन चेकिंग के निर्देश दिए गए हैं। अंतरजनपदीय और अंतरप्रदेशीय सीमाओं पर चौकसी बढ़ा दी गई है।
हाईअलर्ट जारी, गाजियाबाद पर विशेष नजर : एडीजी
एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार का कहना है कि पश्चिम उत्तर प्रदेश आतंकियों के निशाने पर रहा है। दिल्ली से नजदीकी के चलते गाजियाबाद में सक्रियता की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इसी के चलते दिल्ली से सटे यूपी की सीमाओं के साथ-साथ गाजियाबाद में विशेष तौर पर सीमा पर निगरानी बढ़ा दी गई है। कोई भी इनपुट मिलने पर सुरक्षा एजेंसियों को पुलिस द्वारा पूरी मदद दी जाएगी। हाईअलर्ट जारी करते हुए दिल्ली की सीमाओं पर सघन तलाशी के निर्देश दिए गए हैं।