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कोरोना वैक्सीन का ट्रायल दो माह में हो जाएगा पूरा : डॉ. हर्षवर्धन
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कोरोना वैक्सीन का ट्रायल दो माह में हो जाएगा पूरा : डॉ. हर्षवर्धन
गाजियाबाद। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि देश के वैज्ञानिक कोरोना की वैक्सीन बनाने में सफलतापूर्वक आगे बढ़ रहे हैं और उम्मीद है कि दो माह में ट्रायल पूरा हो जाएगा। वैक्सीन इसी साल लोगों को मिल जाएगी। क्लीनिकल ट्रायल अंतिम चरण में है और तीन व्यक्ति क्लीनिकल टेस्ट के तीसरे चरण में भी पहुंच चुके हैं। डॉ. हर्षवर्धन ने यह बात शनिवार को गाजियाबाद में एनडीआरएफ की 8वीं बटालियन में कोविड-19 के लिए बनाए गए स्पेशल अस्पताल का उद्घाटन करने के दौरान की।
एनडीआरएफ परिसर में सीएसआईआर (वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद) के सहयोग से 10 बेड के कोविड स्पेशल अस्पताल की स्थापना की गई है। सीएसआईआर के डायरेक्टर जनरल डॉ. शेखर सी मांडे और एनडीआरएफ के डायरेक्टर जनरल सत्यनारायण प्रधान की मौजूदगी में केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने अस्पताल का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि जल्द ही एनडीआरएफ की अन्य बटालियन में भी ऐसे अस्पताल बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि कोरोना वैक्सीन बनाने के लिए करीब 150 से ज्यादा लोगों पर अलग-अलग फेज में ट्रायल चल रहा है। 26 लोगों पर क्लीनिकल ट्रायल शुरू हो चुका है। इसमें से भी तीन लोग क्लीनिकल ट्रायल के थर्ड फेस में पहुंच गए हैं। भारत इन ट्रायल में सफलतापूर्वक आगे बढ़ रहा है और उम्मीद है कि अगले दो माह में ट्रायल पूरा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि इसी साल भारत वैक्सीन देश के लोगों को उपलब्ध करा देगा।
भारत में सबसे बेहतर रिकवरी रेट और सबसे कम मृत्यु दर
डॉ. हर्षवर्धन ने बताया कि जनवरी में देश में कोरोना का पहला केस मिला था। आठ जनवरी से ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना के खिलाफ रणनीति बनानी शुरू कर दी थी। आठवां माह आते-आते देश में कोई सरकारी, गैर सरकारी संस्था नहीं बची जिसने इस जंग में अपने आप को झोंक न दिया हो। यही वजह है कि दुनिया में भारत का सबसे बेहतरीन रिकवरी रेट 75 पर फीसदी पहुंच गया है। दुनिया के मेडिकल क्षेत्र में जानकार कह रहे थे कि भारत में जिस तेरह से जनसंख्या का घनत्व ज्यादा है, उससे जुलाई-अगस्त तक भारत में करीब 300 मिलियन लोग संक्रमण की चपेट में आ जाएंगे। भारत सरकार ने काम किया और अभी तक भारत में संक्रमित लोगों का आंकड़ा तीन मिलियन तक भी नहीं पहुंचा है। 2.2 मिलियन लोग कोरोना को हराकर स्वस्थ हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया में सबसे कम कोरोना से मृत्यु दर 1.87 भारत में है। शुरूआती दौर में यह दर 3.5 फीसदी थी।
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एक मिलियन टेस्ट हो रहे रोजाना
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन का कहना है कि कोरोना के शुरूआती दौर में कहा गया कि टेस्ट बढ़ाने चाहिए। देश में अप्रैल 2020 में 4 से 6 हजार टेस्ट रोजाना होते थे तब हमने एक लाख टेस्ट करने का 31 मई तक का संकल्प लिया लेकिन 10 मई को ही एक लाख टेस्ट शुरू कर दिए थे। कुछ सप्ताह पहले मैंने कहा था कि हम एक मिलियन टेस्ट रोजाना करेंगे। पिछले शुक्रवार को इस टारगेट को भी पा लिया। शुक्रवार को 10.23 लाख टेस्ट किए गए। भारत ने कई फ्रंट पर अपनी क्षमता और योग्यता को प्रदर्शित किया है। जब कोविड शुरू हुआ तो पुणे में एकमात्र लैब थी और इससे कुछ साल पहले ऐसे टेस्ट भारत में होते ही नहीं थे। ऐसे टेस्ट को अमेरिका में भेजा जाता था। वर्तमान समय में 1511 लैब देश में बनाई जा चुकी हैं।
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गाजियाबाद। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि देश के वैज्ञानिक कोरोना की वैक्सीन बनाने में सफलतापूर्वक आगे बढ़ रहे हैं और उम्मीद है कि दो माह में ट्रायल पूरा हो जाएगा। वैक्सीन इसी साल लोगों को मिल जाएगी। क्लीनिकल ट्रायल अंतिम चरण में है और तीन व्यक्ति क्लीनिकल टेस्ट के तीसरे चरण में भी पहुंच चुके हैं। डॉ. हर्षवर्धन ने यह बात शनिवार को गाजियाबाद में एनडीआरएफ की 8वीं बटालियन में कोविड-19 के लिए बनाए गए स्पेशल अस्पताल का उद्घाटन करने के दौरान की।
एनडीआरएफ परिसर में सीएसआईआर (वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद) के सहयोग से 10 बेड के कोविड स्पेशल अस्पताल की स्थापना की गई है। सीएसआईआर के डायरेक्टर जनरल डॉ. शेखर सी मांडे और एनडीआरएफ के डायरेक्टर जनरल सत्यनारायण प्रधान की मौजूदगी में केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने अस्पताल का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि जल्द ही एनडीआरएफ की अन्य बटालियन में भी ऐसे अस्पताल बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि कोरोना वैक्सीन बनाने के लिए करीब 150 से ज्यादा लोगों पर अलग-अलग फेज में ट्रायल चल रहा है। 26 लोगों पर क्लीनिकल ट्रायल शुरू हो चुका है। इसमें से भी तीन लोग क्लीनिकल ट्रायल के थर्ड फेस में पहुंच गए हैं। भारत इन ट्रायल में सफलतापूर्वक आगे बढ़ रहा है और उम्मीद है कि अगले दो माह में ट्रायल पूरा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि इसी साल भारत वैक्सीन देश के लोगों को उपलब्ध करा देगा।
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भारत में सबसे बेहतर रिकवरी रेट और सबसे कम मृत्यु दर
डॉ. हर्षवर्धन ने बताया कि जनवरी में देश में कोरोना का पहला केस मिला था। आठ जनवरी से ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना के खिलाफ रणनीति बनानी शुरू कर दी थी। आठवां माह आते-आते देश में कोई सरकारी, गैर सरकारी संस्था नहीं बची जिसने इस जंग में अपने आप को झोंक न दिया हो। यही वजह है कि दुनिया में भारत का सबसे बेहतरीन रिकवरी रेट 75 पर फीसदी पहुंच गया है। दुनिया के मेडिकल क्षेत्र में जानकार कह रहे थे कि भारत में जिस तेरह से जनसंख्या का घनत्व ज्यादा है, उससे जुलाई-अगस्त तक भारत में करीब 300 मिलियन लोग संक्रमण की चपेट में आ जाएंगे। भारत सरकार ने काम किया और अभी तक भारत में संक्रमित लोगों का आंकड़ा तीन मिलियन तक भी नहीं पहुंचा है। 2.2 मिलियन लोग कोरोना को हराकर स्वस्थ हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया में सबसे कम कोरोना से मृत्यु दर 1.87 भारत में है। शुरूआती दौर में यह दर 3.5 फीसदी थी।
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एक मिलियन टेस्ट हो रहे रोजाना
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन का कहना है कि कोरोना के शुरूआती दौर में कहा गया कि टेस्ट बढ़ाने चाहिए। देश में अप्रैल 2020 में 4 से 6 हजार टेस्ट रोजाना होते थे तब हमने एक लाख टेस्ट करने का 31 मई तक का संकल्प लिया लेकिन 10 मई को ही एक लाख टेस्ट शुरू कर दिए थे। कुछ सप्ताह पहले मैंने कहा था कि हम एक मिलियन टेस्ट रोजाना करेंगे। पिछले शुक्रवार को इस टारगेट को भी पा लिया। शुक्रवार को 10.23 लाख टेस्ट किए गए। भारत ने कई फ्रंट पर अपनी क्षमता और योग्यता को प्रदर्शित किया है। जब कोविड शुरू हुआ तो पुणे में एकमात्र लैब थी और इससे कुछ साल पहले ऐसे टेस्ट भारत में होते ही नहीं थे। ऐसे टेस्ट को अमेरिका में भेजा जाता था। वर्तमान समय में 1511 लैब देश में बनाई जा चुकी हैं।