Ghaziabad: परिजनों का आरोप- 'बच्ची के साथ अपहरणकर्ताओं ने किया दुष्कर्म', कल मिला था 11 साल की मासूम का शव
नंदग्राम क्षेत्र से रविवार को अगवा हुई 11 साल की खुशी की हत्या कर अपहरणकर्ताओं ने उसका शव बुलंदशहर के कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के गांव नगला पूठी के जंगलों में फेंक दिया था। परिजनों का आरोप है बच्ची के साथ अपहरणकर्ताओं ने दुष्कर्म किया।
विस्तार
गाजियाबाद के नंदग्राम क्षेत्र से अगवा हुई बच्ची का शव मंगलवार को बुलंदशहर में मिला। परिजनों का आरोप है बच्ची के साथ अपहरणकर्ताओं ने दुष्कर्म किया। बुधवार को नंदग्राम में बच्ची के घर के बाहर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए। जिसे देखते हुए पुलिस बल को लगाया गया।
नंदग्राम क्षेत्र से रविवार को अगवा हुई 11 साल की खुशी की हत्या कर अपहरणकर्ताओं ने उसका शव बुलंदशहर के कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के गांव नगला पूठी के जंगलों में फेंक दिया था। नंदग्राम थाना पुलिस ने अपहरणकर्ताओं की निशानदेही पर मंगलवार को शव बरामद किया। अपहरणकर्ताओं ने उसके पिता सोनू को कॉल कर 30 लाख की फिरौती मांगी थी।
सोनू अपनी पत्नी के साथ हरियाणा के टोकी मनोली में रहते हैं। उनके पास तीन जेसीबी मशीन हैं, जिसे वह चलवाते हैं। उनकी बेटी खुशी अपनी नानी के घर नंदग्राम के नई बस्ती मोहल्ला में रहती थी। सोनू ने बताया कि रविवार दोपहर पौने दो बजे उनके पास एक अनजान नंबर से कॉल आई।
कॉलर ने उनसे पूछा कि खुशी तुम्हारी बेटी है। हां कहने पर कॉलर ने बेटी के अपहरण करने की बात कहते हुए फिरौती मांगी। कॉल खत्म होने के बाद सोनू ने अपने साले सतीश को फोन किया। सतीश ने घर पर देखा तो खुशी वहां नहीं मिली। उस वक्त खुशी की नानी शांति और नाना बिजेंद्र खेत पर पशुओं के लिए चारा लेने गए थे। काफी तलाश के बाद खुशी नहीं मिली तो सतीश ने मामले की नंदग्राम थाने में सूचना दी थी।
मां ने की थी दूसरी शादी
खुशी के पिता मोन सिंह की 2015 में मौत हो गई थी। पारिवारिक सहमति से खुशी की मां ममता ने देवर सोनू से शादी कर ली थी। ममता के पहले एक बेटी और एक बेटा है। सोनू से शादी के बाद उनका एक ओर बेटा हुआ। तीनों बच्चों में खुशी सबसे बड़ी है। वह तीसरी कक्षा की छात्रा है।