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गाजियाबाद मूत्र कांड: 'ऐसा करने से दिल को सुकून मिलता था...', मालिक की इस बात नाराज से थी घरेलू सहायिका रीना
Thu, 17 Oct 2024 03:22 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 17 Oct 2024 03:22 PM IST
सार
गाजियाबाद पुलिस की गिरफ्त में आई घरेलू सहायिका ने बड़ा खुलासा किया है। आरोपी महिला ने बताया कि वो खाने में मूत्र क्यों मिलाती थी।
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Ghaziabad Maid urine case
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में खाने में मूत्र मिलाने वाली घरेलू सहायिका को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने घरेलू सहायिका से पूछताछ की तो उसने कई खुलासे किए हैं। घरेलू सहायिका ने यह भी बताया कि वो खाने में मूत्र क्यों मिलाती थी।
दरअसल, गाजियाबाद के क्रॉसिंग रिपब्लिक इलाके की एक सोसायटी में रहने वाले रीयल एस्टेट कारोबारी ने शांतिनगर निवासी घरेलू सहायिका रीना के खिलाफ मंगलवार को नामजद मुकदमा दर्ज कराया था। घरेलू सहायिका मूल रूप से बुलंदशहर जिले के खुर्जा के मीरपुर की रहने वाली है। वह आठ साल से रीयल एस्टेट कारोबारी के घर पर काम कर रही थी।
पुलिस ने घरेलू सहायिका रीना को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार की गई घरेलू सहायिका रीना ने पूछताछ में बताया कि मालिक छोटी-छोटी बात पर डांटते थे। उसके हर काम में कमी निकालते थे। इससे वह खुद को अपमानित महसूस करती थी। इसी अपमान का बदला लेने के लिए उसने खाने में अपना मूत्र मिलना शुरू कर दिया था।
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उसने बताया कि रोटी बनाते समय वह पानी की जगह मूत्र का इस्तेमाल करती थी। वह खाना परोसने के बाद जब देखती थी कि उन रोटियों को मालिक और उनके परिवार के लोग खा रहे हैं, तो उसे ऐसे लगता था जैसे अपने अपमान का बदला ले रही हो। वह काफी समय से ऐसा कर रही थी।
हालांकि पुलिस पूछताछ में पहले रीना मूत्र मिलाकर खाना बनाने से इनकार करती रही, लेकिन जब उसे सीसीटीवी फुटेज दिखाया तो वह कुछ न बोल सकी। इसके बाद सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने अपना जुर्म कुबूल कर लिया।
एसीपी वेब सिटी लिपि नगायच ने बताया कि घरेलू सहायिका रीना पिछले करीब चार महीने से ऐसा कर रही थी। उसे पता नहीं था कि कारोबारी ने कुछ दिन पहले ही रसोईघर में सीसीटीवी कैमरा लगवा दिया है।
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दरअसल, गाजियाबाद के क्रॉसिंग रिपब्लिक इलाके की एक सोसायटी में रहने वाले रीयल एस्टेट कारोबारी ने शांतिनगर निवासी घरेलू सहायिका रीना के खिलाफ मंगलवार को नामजद मुकदमा दर्ज कराया था। घरेलू सहायिका मूल रूप से बुलंदशहर जिले के खुर्जा के मीरपुर की रहने वाली है। वह आठ साल से रीयल एस्टेट कारोबारी के घर पर काम कर रही थी।
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पुलिस ने घरेलू सहायिका रीना को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार की गई घरेलू सहायिका रीना ने पूछताछ में बताया कि मालिक छोटी-छोटी बात पर डांटते थे। उसके हर काम में कमी निकालते थे। इससे वह खुद को अपमानित महसूस करती थी। इसी अपमान का बदला लेने के लिए उसने खाने में अपना मूत्र मिलना शुरू कर दिया था।
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उसने बताया कि रोटी बनाते समय वह पानी की जगह मूत्र का इस्तेमाल करती थी। वह खाना परोसने के बाद जब देखती थी कि उन रोटियों को मालिक और उनके परिवार के लोग खा रहे हैं, तो उसे ऐसे लगता था जैसे अपने अपमान का बदला ले रही हो। वह काफी समय से ऐसा कर रही थी।
हालांकि पुलिस पूछताछ में पहले रीना मूत्र मिलाकर खाना बनाने से इनकार करती रही, लेकिन जब उसे सीसीटीवी फुटेज दिखाया तो वह कुछ न बोल सकी। इसके बाद सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने अपना जुर्म कुबूल कर लिया।
एसीपी वेब सिटी लिपि नगायच ने बताया कि घरेलू सहायिका रीना पिछले करीब चार महीने से ऐसा कर रही थी। उसे पता नहीं था कि कारोबारी ने कुछ दिन पहले ही रसोईघर में सीसीटीवी कैमरा लगवा दिया है।
ऐसे पकड़ी गई घरेलू सहायिका
दरअसल, रीयल एस्टेट कारोबारी ने बताया कि कुछ समय से परिवार के लोग बीमार पड़ने लगे। सभी को त्वचा संबंधी रोग हुए। उन्हें लगा कि शायद खाने में कुछ गलत ले रहे हैं। लेकिन, ऐसा नहीं था। इस पर शक हुआ कि रीना खाने में कुछ गलत चीज मिला रही है। सच्चाई जानने के लिए उसे बताए बगैर रसोईघर में कैमरा लगवा दिए। इसकी फुटेज देखकर पता चला कि वह रोटी बनाने में पानी की जगह मूत्र इस्तेमाल करती है। इसके बाद पुलिस से शिकायत की। उन्होंने पुलिस को बताया कि वह उस पर पूरा भरोसा करते थे। कभी सोचा नहीं था कि वह ऐसा कर सकती है।
दरअसल, रीयल एस्टेट कारोबारी ने बताया कि कुछ समय से परिवार के लोग बीमार पड़ने लगे। सभी को त्वचा संबंधी रोग हुए। उन्हें लगा कि शायद खाने में कुछ गलत ले रहे हैं। लेकिन, ऐसा नहीं था। इस पर शक हुआ कि रीना खाने में कुछ गलत चीज मिला रही है। सच्चाई जानने के लिए उसे बताए बगैर रसोईघर में कैमरा लगवा दिए। इसकी फुटेज देखकर पता चला कि वह रोटी बनाने में पानी की जगह मूत्र इस्तेमाल करती है। इसके बाद पुलिस से शिकायत की। उन्होंने पुलिस को बताया कि वह उस पर पूरा भरोसा करते थे। कभी सोचा नहीं था कि वह ऐसा कर सकती है।
बीमारी की जांच होना जरूरी
बिना जांच किए कुछ नहीं कहा जा सकता। एमएमजी अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. संतराम वर्मा का कहना है कि बिना महिला के शारीरिक जांच किए कुछ कहा नहीं जा सकता। क्योंकि सामान्य तौर पर मूत्र से दिल, लीवर या शरीर के किसी अंग पर कोई साइड इफेक्ट नहीं पाया गया है। अगर किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित होगी तो उसका दुष्प्रभाव हो सकता है।
बिना जांच किए कुछ नहीं कहा जा सकता। एमएमजी अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. संतराम वर्मा का कहना है कि बिना महिला के शारीरिक जांच किए कुछ कहा नहीं जा सकता। क्योंकि सामान्य तौर पर मूत्र से दिल, लीवर या शरीर के किसी अंग पर कोई साइड इफेक्ट नहीं पाया गया है। अगर किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित होगी तो उसका दुष्प्रभाव हो सकता है।
गुस्सा निकालने का तरीका
वरिष्ठ मनोकाउंसलर डॉ. संजीव त्यागी का कहना है कि किसी को डांटने या प्रताड़ित करने पर वह बदला लेना चाहता है। तरीका सबका अलग हो सकता है। सामने वाले को आक्रमक रूप से नुकसान पहुंचाकर अपना बदला पूरा कर लेता है। घरेलू सहायिका ने भी बदला लेने के लिए इस तरह का कार्य किया होगा।
वरिष्ठ मनोकाउंसलर डॉ. संजीव त्यागी का कहना है कि किसी को डांटने या प्रताड़ित करने पर वह बदला लेना चाहता है। तरीका सबका अलग हो सकता है। सामने वाले को आक्रमक रूप से नुकसान पहुंचाकर अपना बदला पूरा कर लेता है। घरेलू सहायिका ने भी बदला लेने के लिए इस तरह का कार्य किया होगा।