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कागजों में दिखा दिया 18 लाख का काम, पार्षद बोले, कार्यादेश तो जारी ही नहीं हुए
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कागजों में दिखा दिया 18 लाख का काम, पार्षद बोले, कार्यादेश तो जारी ही नहीं हुए
गाजियाबाद। वार्डों में पिछले साढ़े चार साल में कराए गए विकास कार्यों की बुकलेट तैयार की गई है। बुकलेट का नाम साढ़े चार साल बेमिसाल का नाम दिया गया है। पार्षदों के हाथ बुकलेट लगी तो पता चला कि जिन विकास कार्यों को दिखाया गया है उसमें कई काम ऐसे हैं जो अभी तक कराए ही नहीं गए। पार्षदों ने बुकलेट पर सवाल खड़े करने शुरू कर दिए हैं।
वार्ड नंबर 67 के पार्षद अजय शर्मा का कहना है कि उनके वार्ड में राजनगर सेक्टर 8/63 में पार्क की चहारदीवारी के निर्माण और सुंदरीकरण पर 18 लाख का खर्चा बुकलेट में दिखाया गया है। जबकि चहारदीवारी आज भी टूटी पड़ी है। राजनगर सेक्टर सात आठ की रोड की मरम्मत का काम दिखाया है लेकिन रोड पर भी काम नहीं हुआ है। इसकी लागत 12 लाख रुपये दर्शायी गई है। राजनगर सेक्टर 07 में ई-1 से डी 01 से डी 05 होते हुए महावीर इंटर कालेज तक आरसी नाला व रोड टाइल्स का कार्य दर्शाया गया है। इस पर 11 लाख का खर्च बताया गया है। वार्ड 67 में ही हापुड़ चुंगी से राजनगर एक्सटेंशन चौक तक सड़क सुधार के लिए 220.90 लाख खर्च बुकलेट में दर्शाया गया है। अजय शर्मा का कहना है कि उनके वार्ड में कई काम ऐसे दर्शाए गए हैं जो अभी तक नहीं हुए हैं।
पार्षद जाकिर सैफी का कहना है कि सभी वार्डों में 60-60 लाख के विकास कार्य होने थे। इनमें से अधिकांश काम हुए ही नहीं। बुकलेट में दर्शाए गए कई कामों के टेंडर हो चुके हैं लेकिन वर्कआर्डर जारी नहीं किए गए हैं। भुगतान नहीं मिलने से ठेकेदारों ने काम नहीं किया।
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बुकलेट की जानकारी
पार्षद ने जब नगर आयुक्त और मुख्य अभियंता को बुकलेट दिखाकर जानकारी मांगी तो अफसरों ने जानकारी से इनकार कर दिया। नगर आयुक्त का कहना है बुकलेट कब छपी किसने छपवाई कोई जानकारी नहीं है।
मेयर आशा शर्मा का कहना है कि साढ़े चार साल में जिन कामों को कराया गया है, जिन कामों के टेंडर हो गए हैं, उनकी सूची तैयार कर बुकलेट तैयार की गई है। जिन कामों के टेंडर हुए हैं वे सारे काम होने हैं। वर्क आर्डर जारी किए जा रहे हैं।
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गाजियाबाद। वार्डों में पिछले साढ़े चार साल में कराए गए विकास कार्यों की बुकलेट तैयार की गई है। बुकलेट का नाम साढ़े चार साल बेमिसाल का नाम दिया गया है। पार्षदों के हाथ बुकलेट लगी तो पता चला कि जिन विकास कार्यों को दिखाया गया है उसमें कई काम ऐसे हैं जो अभी तक कराए ही नहीं गए। पार्षदों ने बुकलेट पर सवाल खड़े करने शुरू कर दिए हैं।
वार्ड नंबर 67 के पार्षद अजय शर्मा का कहना है कि उनके वार्ड में राजनगर सेक्टर 8/63 में पार्क की चहारदीवारी के निर्माण और सुंदरीकरण पर 18 लाख का खर्चा बुकलेट में दिखाया गया है। जबकि चहारदीवारी आज भी टूटी पड़ी है। राजनगर सेक्टर सात आठ की रोड की मरम्मत का काम दिखाया है लेकिन रोड पर भी काम नहीं हुआ है। इसकी लागत 12 लाख रुपये दर्शायी गई है। राजनगर सेक्टर 07 में ई-1 से डी 01 से डी 05 होते हुए महावीर इंटर कालेज तक आरसी नाला व रोड टाइल्स का कार्य दर्शाया गया है। इस पर 11 लाख का खर्च बताया गया है। वार्ड 67 में ही हापुड़ चुंगी से राजनगर एक्सटेंशन चौक तक सड़क सुधार के लिए 220.90 लाख खर्च बुकलेट में दर्शाया गया है। अजय शर्मा का कहना है कि उनके वार्ड में कई काम ऐसे दर्शाए गए हैं जो अभी तक नहीं हुए हैं।
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पार्षद जाकिर सैफी का कहना है कि सभी वार्डों में 60-60 लाख के विकास कार्य होने थे। इनमें से अधिकांश काम हुए ही नहीं। बुकलेट में दर्शाए गए कई कामों के टेंडर हो चुके हैं लेकिन वर्कआर्डर जारी नहीं किए गए हैं। भुगतान नहीं मिलने से ठेकेदारों ने काम नहीं किया।
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बुकलेट की जानकारी
पार्षद ने जब नगर आयुक्त और मुख्य अभियंता को बुकलेट दिखाकर जानकारी मांगी तो अफसरों ने जानकारी से इनकार कर दिया। नगर आयुक्त का कहना है बुकलेट कब छपी किसने छपवाई कोई जानकारी नहीं है।
मेयर आशा शर्मा का कहना है कि साढ़े चार साल में जिन कामों को कराया गया है, जिन कामों के टेंडर हो गए हैं, उनकी सूची तैयार कर बुकलेट तैयार की गई है। जिन कामों के टेंडर हुए हैं वे सारे काम होने हैं। वर्क आर्डर जारी किए जा रहे हैं।