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दो पहिया वाहनों के लिए खुला धोबीघाट आरओबी
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दो पहिया वाहनों के लिए खुला धोबीघाट आरओबी
गाजियाबाद। धोबीघाट आरओबी (रेलवे ओवर ब्रिज) दीपावली पर दो पहिया वाहनों के लिए खोल दिया गया है। जल्द ही चार पहिया वाहन भी आरओबी पर फर्राटा भरेंगे। केंद्रीय सड़क परिवहन राजमार्ग एवं केंद्रीय नागर विमानन राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह ने धोबीघाट आरओबी का निरीक्षण किया। उन्होंने जल्द से जल्द काम पूरा करने का निर्देश कर्मियों को दिया। अभी आरओबी पर काम चल रहा है, इसलिए बड़े वाहनों पर के आवागमन पर रोक लगी हुई है।
विजय नगर क्षेत्र की पांच लाख आबादी को 40 साल बाद शहर से जुड़ने के लिए आरओबी बन गया। विजय नगर से शहर को जोड़ने के लिए 1982 में इस आरओबी की मांग शुरू हुई थी। 2014 में स्थानीय सांसद वीके सिंह ने योजना पर काम शुरू कराया और 26 जून 2016 को आरओबी बनने के लिए शिलान्यास किया। 686 मीटर लंबा और 12 मीटर चौड़े आरओबी के निर्माण कार्य में 79.20 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। दो साल में निर्माण कार्य पूरा होना था, लेकिन कोरोना संक्रमण में लॉकडाउन से काम रुका रहा।
ढाई साल तक चला विवाद
विजय नगर में जमीन विवाद को लेकर ढाई साल तक सेना ने काम नहीं होने दिया था। चौधरी मोड़ पर पेड़ों की कटाई के कारण काम रुका रहा। आरओबी के दोनों तरफ फिनिशिंग का तेजी से काम चल रहा है। आरओबी का रेल लाइन के ऊपर का तकनीकी काम पूरा हो चुका है।
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धोबीघाट आरओबी पर एक नजर
कुल लागत. 79.20 करोड़
कुल लंबाई- 686 मीटर
कुल चौड़ाई- 12 मीटर
कैरिज वे- 9.5 मीटर
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गाजियाबाद। धोबीघाट आरओबी (रेलवे ओवर ब्रिज) दीपावली पर दो पहिया वाहनों के लिए खोल दिया गया है। जल्द ही चार पहिया वाहन भी आरओबी पर फर्राटा भरेंगे। केंद्रीय सड़क परिवहन राजमार्ग एवं केंद्रीय नागर विमानन राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह ने धोबीघाट आरओबी का निरीक्षण किया। उन्होंने जल्द से जल्द काम पूरा करने का निर्देश कर्मियों को दिया। अभी आरओबी पर काम चल रहा है, इसलिए बड़े वाहनों पर के आवागमन पर रोक लगी हुई है।
विजय नगर क्षेत्र की पांच लाख आबादी को 40 साल बाद शहर से जुड़ने के लिए आरओबी बन गया। विजय नगर से शहर को जोड़ने के लिए 1982 में इस आरओबी की मांग शुरू हुई थी। 2014 में स्थानीय सांसद वीके सिंह ने योजना पर काम शुरू कराया और 26 जून 2016 को आरओबी बनने के लिए शिलान्यास किया। 686 मीटर लंबा और 12 मीटर चौड़े आरओबी के निर्माण कार्य में 79.20 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। दो साल में निर्माण कार्य पूरा होना था, लेकिन कोरोना संक्रमण में लॉकडाउन से काम रुका रहा।
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ढाई साल तक चला विवाद
विजय नगर में जमीन विवाद को लेकर ढाई साल तक सेना ने काम नहीं होने दिया था। चौधरी मोड़ पर पेड़ों की कटाई के कारण काम रुका रहा। आरओबी के दोनों तरफ फिनिशिंग का तेजी से काम चल रहा है। आरओबी का रेल लाइन के ऊपर का तकनीकी काम पूरा हो चुका है।
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धोबीघाट आरओबी पर एक नजर
कुल लागत. 79.20 करोड़
कुल लंबाई- 686 मीटर
कुल चौड़ाई- 12 मीटर
कैरिज वे- 9.5 मीटर